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Sex & Relation

8 टिप्स जो आपके शुक्राणुओं को स्वस्थ रखने में मदद करेंगे

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हाल ही में की गयी एक शोध से पता चला है कि एक तिहाई भारतीय पुरुषों में अनुर्वरता के लक्षण होते हैंI इसका मुख्य कारण है उनका रहन-सहनI आगे पढ़े कि इस स्थिति से कैसे निपटा जा सकता है….

जंक फ़ूड’ से बचें

प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट्स से भरपूर भोजन आपके वीर्य के लिए अच्छा हैI एक रिसर्च ने दर्शाया है कि जब पुरुष चर्बीदार और अस्वस्थ खाना खाते हैं तो उनके वीर्य के लिएगर्भाशय नली की ओर बढ़ना मुश्किल हो जाता हैI

लाल मांस और संसाधित अनाज वाला भोजन शुक्राणु की गतिशीलता के लिए नुकसानदायक हैI ‘जंक फ़ूड’ को पूरी तरह त्याग कर उसकी जगह ऐसा भोजन करें जो प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर हो जैसे फल, सब्जियां, फलियां, मछली और चोकर मुक्त अनाजI

नियमित व्यायाम

एक पुरुष के शुक्राणु का उसकी तंदरुस्ती से गहरा सम्बन्ध हैI अध्ययन से पता चला है कि जो पुरुष नियमित व्यायामकरते हैं उनके शुक्राणुओं का केंद्रीकरण ज़्यादा होता है और ज़रूरत से ज़्यादा मोटा या ज़रूरत से ज़्यादा पतला होने से भी शुक्राणु की गतिशीलता प्रभावित होती हैI oldveda-logo-272

घंटो टीवी देखना, समय पर भोजन ना करना और किसी भी प्रकार की ‘आउटडोर एक्टिविटी’ से अपने शरीर को वंचित रखने से भी वीर्य की गुणवत्ता पर प्रभाव पड़ता हैI दूसरी और ज़रुरत से ज़्यादा कसरत करना और स्टेरॉयड्स का सेवन करना भी शुक्राणुओं की सेहत के लिए सही नहीं है I

शराब और सिगरेट छोड़ें

ज़रूरत से ज़्यादा शराब का सेवन शरीर में टेस्टोस्टेरोन की मात्रा कम करता है जिससे प्रजनन क्षमता को क्षति पहुँच सकती हैI इसके अलावा यह शरीर में होने वाले विकास और रस प्रक्रिया (metabolism) में भी बाधा पहुंचाता हैI अत्यधिक मदिरापान की वजह से अज़ूस-स्पेर्मियॉ(azoospermia) नाम की एक बीमारी भी हो सकती है जिसमें आपके वीर्य में शुक्राणु ख़त्म हो जाते हैंI

धूम्रपान से जहाँ पुरुषो को लिंग तनाव की समस्या हो सकती है वहीं महिलाओं में यह गर्भ धारण करने में जटिलताएं उत्पन्न कर सकता हैI सिगरेट के सेवन से अन्डो और शुक्राणुओं में अनुवांशिक पदार्थ की मात्रा कम हो सकती है जिसकी वजह से सामान्य से कम वजन के बच्चे का जन्म हो सकता हैI गर्भवती महिला को सिगरेट के धुएं से दूर रहना चाहिए क्यूंकि उससे भी पेट में पल रहे बच्चे को नुकसान पहुँच सकता हैI

नीचे’ ठंड रखें

शुक्राणुओं के सामान्य उत्पादन के लिए आपके अंडकोष का तापमान शरीर के तापमान से 3 से 4 डिग्री नीचे रहना चाहिएI अगर तापमान शरीर के तापमान से ऊपर हो तो परिणाम घातक हो सकते हैंI

तंग अंडरवियर पहनने से वीर्यकोष के आसपास गर्मी उत्पन्न हो सकती है इसलिए गुप्तांगो को ढकने के लिए ढीले-ढाले और साफ़ वस्त्र पहनेI अत्यधिक सॉना, स्टीम और हॉट टब स्नान से दूर रहेI गर्मी पैदा करने वाले यंत्र जैसे लैपटॉप, सेल फ़ोन इत्यादि को भी गुप्तांगो से दूर रखेंI

तनाव से बचें

लगातार तनावग्रस्त रहना भी पुरुषो में निष्फलता को जन्म दे सकता हैI ऐसा कोई प्रमाण नहीं है कि सिर्फ़ तनाव से ही एक पुरुष की प्रजनन क्षमता को हानि पहुँचती है लेकिन इसकी वजह से शुक्राणुओं की मात्रा पर निस्संदेह असर पड़ता हैI तनाव सेक्स के समय आपकी प्रदर्शन क्षमता को भी प्रभावित करता है और बेचैनी बढ़ाता है जिससे आपकी यौनरुचि कम हो सकती हैI

जब ज़रूरत हो डॉक्टर से संपर्क करें

हर साल करीब एक करोड़ अस्सी लाख जोड़े अनुर्वरता के शिकार होते हैंI अगर आप बच्चा पैदा नहीं कर पा रहे हैं या स्खलन करने में कठिनाई महसूस कर रहे हैं तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करेंI किसी भी तरह की मनगढ़ंत कहानियों या मिथ्यों पर विश्वास ना करें क्यूंकि हो सकता है आपको कोई बीमारी हो या आप किसी तरह के संक्रमण से ग्रसित हो जिससे आपके शुक्राणुओं में कमी आ गयी होI

अनुवर्ता कई कारणों से हो सकती है जो सामाजिक, मनोवैज्ञानिक और स्वास्थय सम्बन्धी हो सकते हैं, तो इसलिए एक विशेषज्ञ की राय लेना ज़रूरी है क्यूंकि आपका इलाज इन बातों पर निर्भर करेगा कि आपकी उम्र क्या है और आप कितने समय से अनुर्वरता से प्रभावित हैंI

नियमित नींद

अनियमित और अपर्याप्त नींद से पुरुषो की कामप्रवृत्ति पर खराब असर पड़ता हैI कोपनहेगन में 953 डेनिश पुरूषों के ऊपर किये गए एक अध्ययन से पता चला कि अनियमित ढंग से सोने से आपके शुक्राणुओ के केन्द्रीयकरण पर 20 से 30 प्रतिशत तक असर पड़ सकता हैI

ड्रग्स से दूर रहे

कई कृत्रिम ड्रग्स (वैद्य और गैर-कानूनी) आपके वीर्य के लिए हानिकारक होती हैंI कई बार डॉक्टरों द्वारा नियत दवाइयाँ भी आपको नुक्सान पहुंचा सकती हैंI अनुपूरक टेस्टोस्टेरोन भी वीर्य की उत्पादन क्षमता पर असर डाल सकता है और उपपाचन स्टेरॉयड भी आपके लिए असुरक्षित हैंI

मारिजुआना और इस प्रकार की और उत्तेजक औषधियां(जैसे कोकेन,MDMA या मेथामफेटामिने) आपके शरीर में शुक्राणुओं की कमी पैदा कर सकती हैंI इसके अलावा आपको अल्फा ब्लॉकर्स और 5अल्फा-रेडक्टेस इन्हिबिटर्स से भी खतरा हैI

पुरुषों में अनुर्वरता को बढ़ावा देने वाली और औषदीयों के बारे में जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करेंI


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पीरियड्स के दौरान खाएं ये फूड्स, दर्द से मिलेगी राहत

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पीरियड्स महिलाअों के लिए बहुत ही बड़ी समस्या है इसमें उनके कई परेशानियां का सामना करना पड़ता है जैसे दर्द, कमजोरी और चिड़चिड़ापन। इन से महिलाअों की दिनचर्या पर काफी असर पड़ता है लेकिन अगर इन दिनों अाप अपनी डाइट सही रखें तो अाप इन समस्याअों से बच सकती है। अाज हम आपको कुछ एेसी चीजों के बारे में बताएंगे जिनका पीरियड्स के दौरान सेवन करने से फिजिकल और मेंटल प्रॉब्लम्स को दूर कर सकती है।

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1. एेलोवेरा जूस

अगर अापको पीरियड्स के दर्द से छुटकारा पाना है तो एक एेलोवेरा जूस में एक चम्मच एक चम्मच शहद अौर पानी मिलाकर कर पीने से दर्द, कमजोरी अौर अधिक ब्लीडिंग से राहत मिलती है।

2. तुलसी

पानी में 7-8 पत्ते उबालकर उसमें एक चम्मच शहद मिलाकर पीने से राहत मिलती है।

3. अलसी

सुबह नाश्ते में भूनी हुई अलसी लेने से पारियड्स के दर्द से छुटकारा मिलता है।
 

3. ग्रीन टी

ग्रीन टी पीने से शरीर के मसल्स रिलैक्स महसूस करते है अौर दर्द में राहत मिलती है।

4. पाइन एप्पल

पीरियड्स के दिनों में पाइन एप्पल का खुब सेवन करने से हर तरह के दर्द से छुटकारा मिलता है।

5. अदरक 

पानी में अदरक डाल कर उबाल लें अौर फिर इसमें थोड़ा सा शहद मिलाकर पी लें इससे दर्द से झट से राहत मिलती है।

6. खसखस अौर गर्म दूध

दूध में खसखस मिलाकर पीने से कमजोरी भी दूर होती है अौर साथ ही साथ खून की कमी भी पूरी होती है।

7. केला 

पीरियड्स के दौरान केला खाने से मूड भी सही बना रहता है अौर एनर्जी भी।


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Sex & Relation

लहसुन की सिर्फ 2 से 3 कली आपके जीवन में कर सकती हैं ये बड़ा कमाल

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लहसुन की सिर्फ 2 से 3 कली आपके जीवन में कर सकती हैं ये बड़ा कमाल

क्या आप लिबिडो की कमी या बिस्तर पर सही प्रदर्शन नहीं कर पाने की समस्या से जूझ रहे हैं? अगर हां, तो एक सरल उपाय से आप इस समस्या से छुटकारा पा सकते हैं और अपनी सेक्स क्षमता बढ़ा सकते हैं। जी हां, ये आसान उपाय कुछ और नहीं बल्कि आपके किचन में मिलने वाली चीज लहसुन है। लहसुन एक ऐसा मसाला या खाद्य सामग्री है, जो आपको आसानी से उपलब्ध होता है। लहसुन की छोटी-छोटी कलियां सिर्फ खाने का जायका ही नहीं बढ़ाती बल्कि इनके बहुत सारे औषधीय गुण भी होते हैं। बेशक लहसुन स्वाद में कड़वा होता है लेकिन इसमें आपकी सेक्स लाइफ में मिठास घोलने की पूरी क्षमता होती है।

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लहसुन ही क्यों
लहसुन एक शक्तिशाली कामोत्तेजक (aphrodisiac) है, जो सेक्स क्षमता सुधारने के लिए बहुत प्रभावी माना जाता है। वास्तव में लहसुन आपके यौन स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभकारी है। ये यौन इच्छा को बढ़ाने के लिए एक टॉनिक के रूप में कार्य करता है। इतना ही नहीं इससे कम लिबिडो के कारण आपके सेक्स प्रदर्शन पर पड़ने वाले प्रभाव को भी कम करने में मदद मिलती है।

आपको क्या चाहिए

  • लहसुन की केवल 2 से 3 कली

इसका इस्तेमाल ऐसे करें

  • डॉक्टर बखरू के अनुसार, आपको अपनी लिबिडो बढ़ाने के लिए रोजाना लहसुन की 2 से 3 कच्ची कली खानी चाहिए।

टिप- लहसुन खाने के बाद अच्छी तरह से ब्रश ज़रूर करें। दरअसल इसे खाने के बाद मुंह से बदबू आती है। जाहिर हैं, ये बदबू आपको किसिंग के दौरान महंगी पड़ सकती है।


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शुक्राणु बढ़ाना चाहते हैं तो रोजाना खायें मुट्ठी भर अखरोट

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लॉस एंजिलिस : पुरुषों की शुक्राणु संख्या दुनिया भर में एक बड़ी समस्या मानी जाती है और वैज्ञानिकों का कहना है कि इसे बढ़ाने का बहुत आसान तरीका है मुट्ठी भर अखरोट खाना।

यूसीएलए स्कूल ऑफ नर्सिंग की प्रोफेसर वेंडी रॉबिन्स ने बताया, ‘अखरोट और पुरुष प्रजनन-क्षमता के संबंध में हमने जो प्राथमिक अनुसंधान किया उसमें हमने भोजन में अखरोट जोड़ने पर शुक्राणुओं के पहलुओं में सुधार पाया जिसने हमारे लिए पुरूष प्रजनन-क्षमता और प्रजनन स्वास्थ्य पर अखरोट के प्रभावों का और अध्ययन करने का एक मंच तय किया।’ वेंडी ने कहा, ‘नई परियोजना चल रही हैं और हमें उम्मीद है कि निकट भविष्य में इसके बारे में आपसे साझा करने में सक्षम होंगे।’ उन्हेंने बताया कि रोजाना 75 ग्राम अखरोट के सेवन से 21 से 35 साल के आयुवर्ग के स्वस्थ पुरुषों के समूह में शुक्राणु जीवन-शक्ति, गतिशीलता और सामान्य आकृति में सुधार हुआ।

विज्ञान पत्रिका ‘बायोलोजी ऑफ रिप्रोडक्शन’ में प्रकाशित यह अध्ययन दुनिया भर में सात करोड़ से ज्यादा दंपतियों के लिए अहम हैं जिन्हें प्रजनन क्षमता की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वैज्ञानिकों का कहना है कि इनमें से 30 से 50 फीसद मामले पुरुष पार्टनर से जोड़े जाते हैं।

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अखरोट अकेला ऐसा मेवा है जो पौधा आधारित ओमेगा-3 फैटी ऐसिड- अल्फा-लिनोलेनिक एसिड (एएलए) का शानदार स्रोत है। बहरहाल, एएलए के अलावा अखरोट में उच्च ऐंटी-ऑक्सिडेंट हैं, और साथ ही अनेक माइक्रो-न्यूट्रिशिएंट भी जिनके बारे में वेंडी का सोचना है कि उन सब का मिला जुला असर पड़ता है।

‘कैलीफोर्निया वालनट कमिशन’ की पोषण सलाहकार कैरोल बर्ग स्लोआन ने कहा कि खाने का रिश्ता मानव प्रजनन सफलता से जोड़ा जाता है। लेकिन ज्यादातर जोर मां के भोजन पर होता है और बहुत कम जोर पिता के भोजन पर होता है। कैरोलन ने कहा कि वेंडी के अध्ययन ने यह जताया है कि पिता के भोजन का प्रभाव ना सिर्फ प्रजनन-क्षमता पर होता है, बल्कि यह बच्चे और आने वाली पीढ़ियों के स्वास्थ्य को भी प्रभावित करता है।

यूसीएलए के अनुसंधान में 117 स्वस्थ युवकों को शामिल किया गया था। उन्हें पाश्चात्य शैली का भोजन दिया गया। उनमें से तकरीबन आधे लोगों ने 12 हफ्तों तक रोजाना 75 ग्राम अखरोट का सेवन किया। बाकी लोगों ने इसका सेवन नहीं किया। वेंडी ने बताया कि 12 हफ्तों के बाद अखरोट का सेवन करने वाले युवकों के समूह में शुक्राणु जीवन-शक्ति, गतिशीलता और सामान्य आकृति में सुधार पाया गया।


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