अरेंज्ड मेरिज: क्या करें क्या ना करें

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भारत में अरेंज्ड मेरिज आम हैंI क्या आप भी अपने माता-पिता या रिश्तेदारों द्वारा चुने हुए साथी से शादी करने जा रहे हैं? मैंदान में उतरने से पहले जानिये कि क्या करें क्या ना करें…

क्या करें…

 

अपने साथी को भली-भांति जान लें

शादी का मतलब है दो लोगों के बीच जीवन भर का साथI अगर आपका परिवार इस रिश्ते से सहमत है तो भी ज़रूरी है कि आप अपने होने वाली को साथी को अच्छी तरह से जान लेंI उन्हें और अच्छे से जानने के लिए उनके साथ अकेले में समय बिताएंI एक दुसरे के साथ डेट पर जायें जिससे आप दोनों को एक दूसरे से बात करने का मौक़ा मिले और आप दोनों एक दूसरे की भावनाओं को अच्छे से समझ सकेंIoldveda-logo-272

 

यथार्थवादी रहे

अगर आपको उनकी कुछ ऐसी आदतें, जो उनकी नज़र में ज़्यादा महत्त्व नहीं रखती, पसंद नहीं हैं तो आप उन्हें वो बदलने के लिए सुझाव दे सकते हैंI लेकिन अगर आप चाहें कि वो आपके लिए अपना पूरा का पूरा व्यक्तित्व बदल दें तो यह सोचना गलत होगाI यह भी याद रहे कि शादी चाहे लव हो या अरेंज्ड, कभी भी एक परीकथा की तरह नहीं होगीI यह एक उतार-चढ़ाव भरा रिश्ता होता है जिसमें आपकी कोशिश रहनी चाहिए कि आप हर हाल में खुश रहे और एक दूसरे कि मदद करेंI क्या आपको लगता है कि जिनके साथ आप शादी करने जा रहे हैं उनके साथ आप खुश रह पाएंगे?

 

आमदनी और खर्च सुलटा लें

क्या आपका जीवनसाथी शादी के बाद काम करेगा? अगर नहीं तो क्या आप अकेले गृहस्थी चलाने में सक्षम हैं? इस सबके बारे में खुल कर बात करेंI शादी के बाद की ज़िम्मेदारियों को भी एक दूसरे में बाँट लेI

 

धैर्य रखें

सारी चीज़ों को अच्छे से समझने के बाद जब आप दोनों एक दूसरे से परिणय सूत्र में बंधने का निर्णय करें तो ध्यान रखें कि एक मज़बूत रिश्ता बनने में समय लगता हैI धैर्य रखें और एक दूसरे के साथ का आनंद उठाएंI रिसर्च से पता चला है कि अरेंज्ड मेरिज में प्यार और नज़दीकियां बढ़ने में समय लगता हैI

 

क्या ना करें

 

दबाव में ना आएं

सामाजिक अपेक्षाओं से आप दबाव में आ सकते हैंI किसी के साथ शादी करने का फैसला जल्दबाज़ी में ना लेंI अपने दोस्तों और परिवार वालों से उनकी राय ज़रूर जानेंI अगर आपका निर्णय आपके माता-पिता के निर्णय से मेल नहीं खाता तो उनसे विचार-विमर्श करें और उन्हें अपनी बात समझाने की कोशिश करेंI

 

धोखा ना दें

एक शादी के सफल होने के लिए यह ज़रूरी है कि आप दोनों एक दूसरे के प्रति पूरी तरह ईमानदार और प्रतिबद्ध रहेI अपनी आर्थिक और सामाजिक स्थिति के साथ-साथ अपने अतीत के बारें में भी अपने साथी से कुछ ना छुपाएंI इससे आगे चलकर मुश्किलें नहीं आयंगीI आपके झूठ बोलने औरधोखा देने से आपका साथी आप पर शक़ करना शुरू कर सकता है जो कि एक सुखी वैवाहिक जीवन के लिए अच्छा संकेत नहीं हैI

 

उनकी निजी ज़िंदगी में दखल ना दें

एक बार जब आप दोनों साथ रहना शुरू कर दें तो अपने साथी को खुलने आपसे खुलने में थोड़ा समय देI उनकी झिझक और चुप्पी से यह ना समझे कि वो आपसे प्यार नहीं करते या उन्हें आपकी परवाह नहीं हैंI जब आप दोनों एक दूसरे को अच्छे से समझना शुरू कर देंगे तो गलतफहमियां होनी अपने आप कम हो जाएंगीI

 

राय लेने में शर्म ना करें

जो लोग आपकी मदद कर सकतें हैं उनसे राय लेने में शर्म ना करेंI कई बार अनुभवी लोगों से बात करना या किसी और का नज़रिया लेना बहुत मददगार हो सकता हैI

 

 


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