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बड़ी से बड़ी बीमारी का रामबाण इलाज है यह तेल, इस तेल में छुपे हैं अनेक फायदे !

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6 – ह्दय रोग और ब्लड प्रेशर

जब भी कोई गर्म पेय लें, उसमें एक चम्मच कलौंजी का तेल मिला लें. तीन दिन में एक बार पूरे शरीर पर तेल की मालिश करके आधा घंटा धूप का सेवन करें. लगातार एक महीने तक ऐसा करने से पीड़ित को आराम मिलता है.

7 – सफेद दाग और कुष्ठ रोग

शरीर पर सफेद दाग और कुष्ठ रोग हो जाने पर 15 दिन तक रोज़ाना पहले सेब का सिरका शरीर पर मलें फिर कलौंजी का तेल मलें.

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यह पढ़ें : कलौंजी : बड़ी से बड़ी बीमारी का एक इलाज

8 – कमर दर्द और गठिया

कलौंजी के तेल को हल्का गर्म करके जहां दर्द हो वहां मालिश करें. और एक चम्मच कलौंजी का तेल दिन में तीन बार सेवन करें. 15 दिन मे बहुत आराम मिलेगा.

9 – सिरदर्द

लगातार सिरदर्द होने पर माथे और सिर के दोनों तरफ कान के आस-पास कलौंजी का तेल लगाएं और नाश्ते के पहले एक चम्मच तेल का सेवन करें.  कुछ सप्ताह बाद सिरदर्द पूरी तरह से खत्म हो जाएगा.

और अधिक कलौंजी के विषय में जानने के लिए यहाँ पर क्लिक करें 


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ब्रैकफास्ट हो Best तो Weight रहेगा Set, जाने ब्रेकफास्ट में क्या खाएं और क्या नहीं.!

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आज हर 5 में से 3 इंसान मोटापे का शिकार हैं। मोटापा एक ऐसी बीमारी हैं जो एक बार काबू से बाहर चले जाए तो उसे कंट्रोल में करना मुश्किल हो जाता है। यहीं मोटापा आगे चलकर बहुत सारी बीमारियों को न्यौता देता है। हालांकि लोग अब सेहत के प्रति सजग होने लगे हैं और हैल्दी खान-पान की तरफ ध्यान देने लगे हैं लेकिन डाइट लेने और एक्सरसाइज करने के बावजूद भी कई बार वजन कम नहीं होता। इसके पीछे की एक बड़ी वजह हमारे खाने पीने का अनुचित समय और आहार। अगर आप उचित आहार को उचित समय पर खा रहे हैं तो यकीनन आपका वजन कम होगा। फर्स्ट मील यानी सुबह के नाश्ते में उचित आहारों को शामिल करें।

अच्छी सेहत और वजन कम करने का सबसे अच्छा तरीका है आपका ब्रेकफास्ट बेस्ट हो। इसके बाद ही आप बाकी के दिन की डाइट प्लान कर सकते हैं। नाश्ता आपके ब्लड शुगर को स्थिर रखता है जिससे आपको सारा दिन भूख कम लगती है और मैटाबॉलिज्म भी बढ़ा रहता है। चलिए आज आपको बताते हैं कि आपका ब्रेकफास्ट कैसा होना चाहिए।

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कैलोरी की बजाए षौष्टिक आहार लें

कैलोरी की बजाए पौष्टिक तत्वों से भरपूर आहारों का सेवन करें। मीठे आहारों का सेवन कम करें।

ब्रेकफास्ट में क्या खाएं

– प्रोटीनयुक्त आहार लें। ब्रेकफास्ट में अंडे को शामिल करें।

– ड्राई फ्रूट्स (नट्स) और एवोकाडो खाएं।

– फ्रूट जूस लेने की बजाए खूब पानी पीएं और कॉफी या टी लें।

– सब्जियों के जूस को ब्रेकफास्ट में शामिल करें।

ब्रेकफास्ट में इन आहारों से परहेज करें

– मीठे आहारों का सेवन बिलकुल ना करें।

– डिब्बाबंद आहारों का सेवन ना करें।

– चीनी वाला दही ना खाएं।

– फ्रोजेन मील्स से परहेज करें।

– चीनीयुक्त प्रोटीन पाऊडर ना लें।

– मैदे की ब्रैड की बजाए ब्राऊन ब्रैड खाएं।

– मीट खाना बंद करें।


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Body Care

पथरी के दर्द से छुटकारा पाने के लिए अपनाएं ये घरेलू उपाय!

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पथरी यानि स्टोन की समस्या आजकल आम देखने को मिल रही है। इसका दर्द इतना भयानक होता है कि सहा न जा सकें। पथरी यूरिन सिस्टम की बीमारी है जो शरीर में कैल्शियम के गाढ़े होने से बढ़ने लगती है। हर उम्र के लोग इस समस्या का सामना कर रहे है। अगर आप भी इस समस्या से परेशान है तो हम आपको कुछ घरेलू नुस्खे बताने जा रहे है, जिसे अपनाकर आप पथरी के दर्द से निजात पा सकते है।

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Read More: किडनी की बीमारी के 10 संकेत, इन्हें न करें इग्नोर

1. केला

पथरी के दर्द से राहत पाने के लिए केले का सेवन रोज करें। केले में पाए जाने वाले विटामिन्स पथरी को बढ़ने से रोकते है।

 2. अजवाइन

पानी में अजवाइन डालकर उबाल लें और फिर इसे छानकर पीएं। इसे पीने से पथरी के दर्द से छुटकारा मिलेगा।

3. नींबू पानी

नींबू में सीट्रिक एसिड की मात्रा पाई जाती है जोकि शरीर में कैल्शियम की मात्रा को बढ़ने से रोकता है। पथरी के समय इसका सेवन करने से जल्दी राहत मिलती है।

4. मिश्री, सौंफ और सूखा धनिया

रात को 2 गिलास पानी में 2 बड़े चम्मच सौंफ, सूखा धनिया और मिश्री को डालकर भिगों दें। सुबह इसे छानकर खाली पेट पीए। एेसा करने से आपको जल्दी ही पथरी से राहत मिलेगी।

5. प्याज

प्याज के रस को शक्कर के साथ पीएं। प्याज में पाए जाने वाले पोटैशियम और विटामिन-B शरीर में पथरी को बढ़ने से रोकता है।

6. एलोवेरा

एलोवेरा का जूस नियमित रूप से पीने से पथरी के दर्द से राहत मिलती है।

यह भी पढ़ें: आपको किडनी की बीमारियों से दूर करेगा ये योग..


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Diet

डायटिंग के फायदे कम और नुकसान ज्यादा है, जानिए कैसे !

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शरीर में मोटापा घटाने या वजन कम करने के लिए डाइटिंग किया जाता है.

डायटिंग में लोग ऊर्जा युक्त पौष्टिक आहार लेना बंद कर देते है या भोजन ना कर भूखे रहना डायटिंग का सबसे आसान तारिका मानते है, लेकिन भोजन ना करके जो वजन कम करने का रास्ता अपनाया जाता है, वह हानिकारक होता. इस तरह के डायटिंग के नुकशान ज्यादा होते है.

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वास्तव डाइटिंग के फायदे कम और नुकसान ज्यादा होता है.

तो आइये जानते है क्या है डायटिंग के नुकशान –

डायटिंग के नुकशान –

1 – शारीरिक कमजोरी

डायटिंग से भोजन में अचानक गिरावट आ जाती है. शरीर को सही तरीके से काम करने के लिए जो पर्याप्त ऊर्जा चाहिए होता है, वह नहीं मिल पाती और इससे शारीरिक कमजोरी आने लगती है.

2 – अंगों की क्षतिग्रस्तता

आहार की पर्याप्त मात्रा से शरीर के सभी अंग और मासपेशियां स्वास्थ्य और सुचारू रूप से कार्य करती है, लेकिन जैसे ही डायटिंग शुरू करते है, तो शरीर में अचानक भोजन और तत्वों की कमी से अंगों में कमजोरी आने से क्षतिग्रस्त होने लगते है.

3 – पोषक तत्वों में कमी

डायटिंग में  दैनिक जीवन के आहार को बहुत कम कर दिया जाता है, जिससे भोजन में मिलने वाले पोषक तत्व शरीर में नहीं पहुँच पाते और सब्जी फल और खाद्य पदार्थो से शरीर को मिलने पोषक तत्वों में कमी आने लगती है.

4 – बाल झड़ना

डायटिंग से पोषक तत्वों में कमी आने और पर्याप्त प्रोटीन विटामिन ना मिलने से बालों की समस्या शुरू हो जाती और बाल अपने आप झड़ने लगते है. सिर पर गंजापन आने लगता है.

5 – धीमी शारीरिक प्रतिक्रिया

डायटिंग से शरीर में भोजन नहीं पहुँच पाता, जिसके कारण शरीर के अंगों में निष्क्रियता आने लगती है और शरीर की सारी  प्रक्रिया धीमी हो जाती है और ब्लड सर्कुलेशन धीमा हो जाता है. सोचने समझने की क्षमता कमजोर हो जाती है और मस्तिष्क भी ठीक से काम नहीं कर पाता. शरीर की आंतरिक क्रिया धीमी होने लगती है.

6 – जल असंतुलन

डायटिंग से शरीर में भोजन के साथ पानी की कमी भी होने लगती है. ज्यादातर भोजन करते रहने से शरीर अपने आप पानी की मांग करता है. जिससे हमे प्यास लगती है. लेकिन खाली पेट में ना तो ज्यादा प्यास लगती है और ना ही ज्यादा पानी पी पाते है. इससे शरीर में जल असंतुलन हो जाता है.

7 – रक्त संचार में कमी

हम जो भोजन करते है. वही तरल होकर रक्त रूप में शरीर में संचारित होता है लेकिन डायटिंग के कारण शरीर का रक्त संचार भी प्रभावित होता  है.

8 – भार बढ़ना

डायटिंग  के कारण अचानक से भोजन का स्तर कम हो जाता है और खाद्य पदार्थ नहीं मिलने से शरीर में चयापचय की दर धीमी हो जाती है. अचानक भोजन छोड़ने और करने से वजन कम हो की जगह बढ़ने लगता है.

9 – निस्तेज शरीर

पर्याप्त आहार ना मिलने से शरीर की खूबसूरती और ताजगी भी खत्म होने लगती है, जिससे शरीर कमजोर मुर्झाया और निस्तेज दिखाई देता है.

डिप्रेशन और चिडचिडापन

भोजन की सही मात्र शरीर में ना पहुँच पाने से, शरीर में कर्बोहाइड्रेट और चीनी की खपत नहीं हो पाती, जिससे  शरीर के अंदर सेरोटोनिन स्तर गिर जाता है और डिप्रेशन आने लागता है. यही हार्मोन ‘खुश’ हार्मोन होता है. शारीरिक कमजोरी और डिप्रेशन होने से दिमाग में अपने आप ही चिडचिडापन आने लगता है.

मोटापा कम करने के लिए डायटिंग अपनाया जाता है, जिसमे शरीर के आहार की बढ़ी हुई मात्र को अचानक कम करने की या रोकने की कोशिश की जाती है, जिसके कारण शरीर के आंतरिक व बाह्य अंगों को अचानक धक्का लगता है जिसके कारण डायटिंग के फायदे कम और डायटिंग के नुकसान ज्यादा हो जाते है.

डायटिंग के नुकशान को देखकर क्या आप डायटिंग करना पसंद करेंगे?


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