कैन्डिडा

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कैन्डिडा फफूंद से होने वाला संक्रमण है। इसे खमीर संक्रमण (यीस्ट इन्फेक्षन) कैन्डिायासिस, मुखपाक (थ्रश) या जेनिटल कैन्डिडोसिस भी कहते हैं।

कैन्डिडा अक्सर कोई नुकसान न पहुंचाने वाले फफूंद के रूप में योनि, गुदा, मुंह और बिना खतना वाले पुरुशों के लिंग की आगे की चमड़ी के नीचे पनपता है। लेकिन जब यह बहुत अधिक बढ़ जाता है तो इन जगहों पर खुजली और तकलीफदेह लक्षण नज़र आने लगते हैं।

यह वास्तव में कोई यौनसंचारित रोग नहीं है। किंतु यह आपसे सेक्स सहित दूसरे कई तरह के व्यवहारों से दूसरों को हो सकती है। इसीलिए इसे एसटीडी खंड में षामिल किया गया है।

आम तौर पर, जब तक कि लक्षण न नज़र आने लगें, आपको इसका इलाज नहीं कराना पड़ता।

कैन्डिडा संक्रमण कैसे होता है?

जब यीस्ट बहुत अधिक बढ़ जाता है तो आपको कैन्डिडा संक्रमण हो जाता है। आम तौर पर यह तभी होता है जब आपके शरीर की प्रणाली असंतुलित हो जाती है। और आपके शरीर में जीवाणु और यीस्ट का संतुलन बिगाड़ कर यीस्ट को बहुत अधिक बढ़ा देता है।

 यीस्ट संक्रमण के आम कारण हैं:

  • गर्भनिरोधक गोलियां या हार्मोन का सेवन करना
  • मासिक आने से पहले या गर्भावस्था के दौरान होर्मोन के स्तरों का बढ़ जाना
  • खासकर पेन्सिलीन जैसे ‘ब्राड स्पेक्ट्रम’ एंटीबायोटिक्स का सेवन करना
  • स्टीरायड दवाएं खाना
  • खून में शर्करा (ब्लड सुगर) के स्तर का बढ़ जाना
  • योनि मैथुन, खासकर ड्राई सेक्स करना
  • शुक्राणुनाशकों (स्पर्मीसाइड्स) का प्रयोग करना
  • टैम्पॉन को बहुत देर तक छोड़ देना
  • कठोर साबुनों का प्रयोग करना
  • डूश लेना

कैन्डिडा से कैसे बच सकते हैं?

   यीस्ट संक्रमण से बचने के कई तरीके हैं।

यदि आप महिला हैं:

  • योनि के भगोष्ठ के अंदरूनी और बाहरी हिस्सों को अच्छी तरह धोएं, जहां यीस्ट के पनपने की संभावना अधिक होती है।
  • शावर या स्नान करने के बाद अपने योनि के आस-पास की जगह को अच्छी तरह सुखाएं
  • कठोर साबुन, पफ्र्यूम या टाल्कम पावडर का प्रयोग न करें
  • टायलेट के प्रयोग के बाद आगे से पीछे तक (योनि से गुदा तक) अच्छी तरह सुखाएं
  • 100 प्रतिशत सूती चड्ढी पहनें
  • चड्ढी धोने के लिए गर्म पानी का प्रयोग करें और फैब्रिक साफेनर का प्रयोग न करें।
  • चुस्त स्लैक्स या निकर न पहनें
  • टैंपन की बजाय बिना सुगंध वाले सेनिटरी पैड का प्रयोग करें
  • सेनिटरी पैड या दूसरे पैड बार-बार बदलें
  • दही जैसे आहार का सेवन करें जिसमें लैक्टोबेसिलस एसिडोफिलिस नामक लाभकारी जीवाणु होते हैं।
  • ड्राई सेक्स करने से बचें
  • सेक्स करते समय पानी में घुलने वाली चिकनाइयों जैसे कि- के वाई जेली का प्रयोग करें
  • शुक्राणुनाशकों (स्पर्मीसाइड्स) का प्रयोग न करें
  • आपके साथ सेक्स करने से पहले अपने साथी को अपने लिंग और हाथों को अच्छी तरह धोने को कहें
  • कंडोम का प्रयोग करें
  • योनि में डूश न लें
  • बिना हार्मोन वाले गर्भनिरोधक उपायों, जैसे कंडोम, आईयूडी (’जो की भारत में कापर-टी या मल्टीलोड के नाम से उपलब्ध है), डायाफ्राम या योनि से बाहर वीर्यपात विधियों का प्रयोग करें।

यदि आप पुरुष हैं:

  • 100 प्रतिशत सूती चड्ढी पहनें
  • चड्ढी धोने के लिए गर्म पानी का प्रयोग करें और फैब्रिक साफेनर का प्रयोग न करें।
  • चुस्त स्लैक्स या कच्छे न पहनें
  • सेक्स करने से पहले अपने लिंग और हाथों को अच्छी तरह धोएं
  • कंडोम का प्रयोग करें
  • कठोर साबुन, पफ्र्यूम या टाल्कम पावडर का प्रयोग न करें
  • दही जैसे आहार का सेवन करें जिसमें लैक्टोबेसिलस एसिडोफिलिस नामक अच्छे या लाभकारी जीवाणु होते हैं।
  • सेक्स करते समय पानी में घुलने वाली चिकनाइयों जैसे कि- के वाई जेली का प्रयोग करें
  • शुक्राणुनाशकों (स्पर्मीसाइड्स) का प्रयोग न करे

 

 

कैन्डिडा के लक्षण क्या हैं?

आम तौर पर कैन्डिडा- या यीस्ट से संक्रमित लोगों में कोई लक्षण नज़र नहीं आते हैं। पुरुषों की तुलना में महिलाओं में इनके लक्षण दिखाई पड़ने की संभावना अधिक होती है।
यदि आपको लगता है कि आप यीस्ट से संक्रमित हुए हैं तो इसकी जांच कराएं। कभी-कभार दूसरे संक्रमणों, जैसे ट्राइकोमोनियासिस के लक्षण देखकर यीस्ट संक्रमण समझ लेने की गलती हो जाती है।

डाक्टर आपकी योनि के अंदर की जांच करने के लिए स्पेकुलम (एक तरह का दर्पण) का प्रयोग कर सकते हैं।

महिलाओं में यीस्ट संक्रमण (इन्फेक्षन) के लक्षण हैं:

  • भगोष्ठ और योनि के आस-पास जलन, खुजली, लालिमा और सूजन
  • योनि से गाढ़ा, दही जैसा स्राव
  • योनि की बदबू
  • पेशाब करते समय दर्द
  • सेक्स करते समय दर्द

पुरुषों में यीस्ट संक्रमण (इन्फेक्शन) के लक्षण हैं:

  • लिंग मुंड पर खुजली, लालिमा और खाल निकली हुई (स्केली) दिखना
  • लिंग मुंड की सूजन
  • लिंग की आगे की चमड़ी को पीछे खींचने में तकलीफ़
  • लिंग से सफेद स्राव

 

चित्रः  पुरुषों में यीस्ट संक्रमण का उदाहरण
ध्यान रहे, यदि आपको यीस्ट इन्फेक्षन हुआ हैं, तो वह दिखाए गए चित्र से बिलकुल अलग भी दिख सकता हैं! यदि आपको कोई शंका है, तो डॉक्टर के पास या क्लीनिक जाएं।

 

कैन्डिडा की जांच कैसे कराएं?

यदि आपको लगता है कि आप कैन्डिडा- यीस्ट इन्फेक्शन – से संक्रमित हैं तो आप, अपने डाक्टर के पास जाकर जांच करवा सकते हैं। आपके  डाक्टर, आपके शरीर में संक्रमित जगह की जांच करेंगे और हो सकता है कि रूई के फाहे से सैम्पल लेकर उसे कैन्डिडा का पता लगाने के लिए जांच के लिए भेजें।

कैन्डिडा से छुटकारा कैसे पाएं?

कैन्डिडा- यीस्ट इन्फेक्शन का इलाज आसानी से किया जा सकता है।
जलन, खुजली या स्राव के लक्षणों से आपको कोई गंभीर स्वास्थ्य समस्या नहीं होती।

इलाज के लिए आपके पास निम्नलिखित कुछ विकल्प मौजूद हैं:
1. प्राकृतिक उपचार, जैसे कि एसीडोफिलस की गोलियां

2. आम दुकानों पर मिलने वाली क्रीम या बत्तियां, जैसे कि मोनिस्टेट (माइकोनाज़ोल नाइट्रेट), जो एक दिन, तीन दिन और सात दिन के पैकेज में आती हैं।

3. डाक्टर द्वारा लिखी जाने वाली दवाएं जैसे कि फ्लूकोएनाज़ोल (डाईफ्लूकान) की एक खुराक

आपके संक्रमण की गंभीरता के अनुसार डाक्टर आपको इन तीन विकल्पों में से किसी एक विकल्प की सलाह दे  सकते हैं।

ध्यान रहे कि आम दुकानों पर मिलने वाली क्रीमों और बत्तियों में ऐसे तेल मिले हो सकते हैं जो कंडोम को नुकसान पहुंचा सकते हैं।इसलिए अपने दवा बिक्रेता या केमिस्ट से इस बारे में जानकारी ले लें कि आपकी क्रीम या बत्ती में ऐसा कोई तेल मिला हुआ तो नहीं है। यदि है, तो कंडोम के साथ उनका प्रयोग करने से बचें।


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