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Contraception

गर्भनिरोध के उपाय

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कुछ गर्भनिरोधक उपाय दूसरों से बेहतर कारगर होते हैं। और अलग-अलग उपाय अलग-अलग लोगों के लिए उपयुक्त होते हैं।

 नीचे दी गई सूची में जो उपाय क्रम में जितना ऊपर है, वह उतना ही अधिक कारगर है। यह क्रम ‘आम प्रयोग’ पर आधारित हैं ‘सही प्रयोग’ पर नहीं- इसके बारे में अधिक जानकारी के लिए ‘यह कितना प्रभावी है?’ लिंक पर क्लिक करें।

गर्भनिरोधक उपायों के बारे में अधिक जनकारी के लिए नीचे दी गई सूची पर क्लिक करें या स्क्रोल करते हुए नीचे जाएं। कुछ उपायों के बारे में बायीं ओर कुछ अतिरिक्त जानकारी भी दी गई है।

 

अपनी प्रभावशीलता के क्रम में गर्भनिरोधन के तरीके

गर्भधारण के लिए न के बराबर जोखिम
विफलता की दरः 1 प्रतिशत से कम
1. इम्प्लांट
2. पुरुष नसबंदी
3. मिश्रित सूई (कंबाइन्ड शॉट)
4. हार्मोनयुक्त आईयूडी
5. महिला नलबंदी
6. कापर-टी (आईयूडी)

गर्भधारण के लिए बहुत कम जोखिम
विफलता की दरः 5 प्रतिशत तक
7. स्तनपान कराना
8. हार्मोन वाली एक सूई (वन हार्मोनल शॉट)

गर्भधारण के लिए कम जोखिम
विफलता की दरः 10 प्रतिशत तक
9. खाने की गर्भनिरोधक गोली
10. मिनी-पिल
11. योनि का छल्ला यानि वेजाइनल रिंग
12. पैच

गर्भधारण के लिए मध्यम जोखिम
विफलता की दरः 20 प्रतिशत तक
13. गर्भग्रीवा की कैप (सर्वाइकल कैप)
14. सहेली
15. कंडोम
16. डायाफ्राम
17. स्पांज

गर्भधारण के लिए अधिक जोखिम
विफलता की दरः 20 प्रतिशत से अधिक
18. महिला कंडोम
19. प्राकृतिक परिवार नियोजन के उपाय
20. निष्काशन या योनि के बाहर लिंग निकालकर वीर्यपात (विदड्रॉल)
21. शुक्राणुनाशक (स्पर्मीसाइड)

गर्भनिरोध के अन्य तरीके
(किसी खास क्रम में नहीं)
संभोग से विरत रहना
गैर-यौनिक संभोग (आउटरकोर्स)
आपातकालिक गर्भनिरोधन (मार्निंग आफ्टर पिल)

 

गर्भधारण के लिए न के बराबर जोखिम

विफलता की दरः 1 प्रतिशत से कमoldveda-old-veda-logo-banner-health-lifestyle-ayurveda

ऽ इम्प्लांट
यह हार्मोनयुक्त एक छोटी छड़ होती है, जिसे महिला की बांह की चमड़ी के नीचे डाल दिया जाता है। यह तीन से पांच वर्श तक वहाँ पड़ी रह सकती है। यह इम्प्लांट लगातार प्रोजेस्टिन हार्मोन निकालता रहता है, जो आपको गर्भवती होने से बचाता है।

यह हार्मोन आपकी गर्भग्रीवा (सर्विक्स) के चारों ओर के म्यूकस को गाढ़ा कर देता है, जिससे शुक्राणु इसके पार नहीं जा सकते। हार्मोन की मात्रा के अनुसार, यह आपके अंडाशय से डिंब का उत्पादन भी बंद कर सकता है। इम्प्लांट्स, इम्प्लानान, नॉरप्लांट और जैडेल ब्रांड नाम से जाने जाते हैं हालांकि, यह उपाय भरत में आसानी से उपलब्ध नहीं हैं।

  • पुरुष नसबंदी (वैसेक्टोमी)

यह पुरुषों की नसबंदी है। इसमें शुक्राणुओं को ले जानी वाली नलियों को बंद कर दिया जाता है। आप इसे कराने के बाद भी सामान्य तरीके से वीर्यपात करते हैं, किंतु उस वीर्य में डिंब को निषेचित करने के लिए कोई शुक्राणु नहीं होते। यह गर्भनिरोध का एक स्थायी उपाय है- नसबंदी के बाद आप फिर कभी किसी महिला को गर्भवती नहीं कर सकते।
मिश्रित सूई (कंबाइंड शॉट)
यह एस्ट्रोजेन और प्रोजेस्टिन नाम के दो अलग-अलग हार्मोन की सूई है। आपको इन सूइयों को हर महीने लेना हो़ता है। यह आपके अंडाषय से डिंब का निकलना बंद कर देता है, जिससे आप गर्भवती ना हों।

  • हार्मोनयुक्त आईयूडी

माचिस की तीली के बराबर मोटाई वाली बेलनाकार वस्तु को आपके गर्भाशय में डाला जाता है। (आईयूडी का अर्थ है  इंट्रायूटेरिन डिवाइस, अर्थात् गर्भाशय में लगाया जाने वाला उपकरण)। हार्मोनयुक्त आईयूडी को डाक्टर द्वारा लगाया जाता है, और वह पांच वर्षों तक अंदर लगी रह सकती है।

इससे प्रोजेस्टिन की लगातार थोड़ी-थोड़ी मात्रा निकलती रहती है। यह आपकी गर्भग्रीवा के चारों ओर म्यूकस को गाढ़ा कर देता है, जिससे शुक्राणु इसके पार नहीं जा सकता और यह आपके अंडाशय से डिंब का उत्पादन भी बंद कर सकता है। हार्मोनयुक्त आईयूडी मीरेना के नाम से जाने जाते हैं।

  • महिला नलबंदी

इसमें महिला की डिंबवाही नलिका (फेलोपियन ट्यूब्स) बंद कर दी जाती हैं। अंडाषय से निकलकर इन नलियों से होकर डिंब गर्भाशय तक पहुंचते हैं। यह गर्भनिरोध का एक स्थायी उपाय है- इस आपरेशन के बाद फिर कभी आप डिंब का उत्पादन नहीं कर सकती, इसलिए गर्भवती नहीं हो सकती।

  • कॉपर आईयूडी

यह एक छोटे टी के आकार का प्लास्टिक होता है जिसे आपके गर्भाशय में लगा दिया जाता है। (आईयूडी का अर्थ है इंट्रायूटेरिन डिवाइस, अर्थात् गर्भाशय में लगाया जाने वाला उपकरण)। इसे तांबे के तार के एक छल्ले में लपेटा गया होता है- इसीलिए इसे कभी-कभार ‘क्वाइल’ भी कहा जाता है।
आईयूडी को डाक्टर द्वारा लगाया जाता है, और यह पांच वर्षों तक अंदर रह सकता है। काफी आश्चर्य की बात है कि इस बात का पता नहीं है कि कापर आईयूडी किस तरह काम करता है- लेकिन यह कारगर है!
आप इस आईयूडी को असुरक्षित संभोग करने के बाद पांच दिन के अंदर आपातकालिक गर्भनिरोधक के रूप में भी लगवा सकती है, उदाहरण के तौर पर यदि संभोग करते समय कंडोम फट गया हो या आप गोली खाना भूल गई हों।
यह विश्व का सबसे अधिक लोकप्रिय गर्भनिरोधक है-मुख्यतः इसलिए क्योंकि चीन की लाखों महिलाएं इसका प्रयोग करती है।
 

गर्भधारण के लिए बहुत कम जोखिम

विफलता की दरः 5 प्रतिशत तक

  • स्तनपान कराना

यदि आप अपने शिशु को स्तनपान करा रहीं हैं तो आप डिंब उत्पन्न नहीं करतीं, इसलिए आप गर्भवती नहीं हो सकतीं। लेकिन यह उपाय बच्चे के जन्म से केवल छह महीने तक ही कारगर होता है। साथ ही शिशु, मां का पर्याप्त दूध पीता हुआ होना चाहिए, किसी पूरक आहार या पाउडर वाला दूध या ठोस आहार नहीं, तथा आपको दिन में कम से कम हर चार घंटे पर और रात में हर छः घंटे पर बच्चे को दूध पिलाना चाहिए।

अतः स्तनपान कराना कारगर होता है- लेकिन आपको इस बात का पता नहीं होता कि आप फिर से कब डिंब उत्पन्न करना शुरू करने वाली हैं।

  • एक हार्मोन वाली सूई (वन-हार्मोन शॉट)

प्रोजेस्टिन नाम के केवल एक हार्मोन वाला इंजेक्शन। आपको इन इंजेक्शन को हर तीसरे महीने लेना पड़ता है। यह आपकी गर्भग्रीवा के चारों ओर के म्यूकस को गाढ़ा कर देता है, जिससे शुक्राणु इसके पार नहीं जा सकता। यह आपके अंडाषय से डिंब का उत्पादन भी बंद कर सकता है।
 

गर्भधारण के लिए कम जोखिम

विफलता की दरः 10 प्रतिशत तक

आप रोज़ एक गोली खाती हैं। इसमें दो हार्मोनों, एस्ट्रोजेन और प्रोजेस्टिन का मिश्रण होता है (इसका पूरा नाम ‘मिश्रित खाने वाली गर्भनिरोधक गोली (कंबाइन्ड ओरल कन्ट्रासेप्टिव पिल’ है)। ये हार्मोन आपके डिंब का उत्पादन बंद कर देते हैं, इसलिए आप गर्भवती नहीं हो सकती हैं।
आप तीन हफ्ते तक गोलियां खाएं उसके बाद जब मासिक धर्म आता है तो एक हफ्ते बंद कर दें। लेकिन अक्सर गोलियां 28-दिन के पैकेट में आती हैं, अतः उस एक हफ्ते में भी आप वे गोलियां खाती रहें, जिनमें हार्मोन नहीं होते। ऐसा करने से याद रखना आसान होता है।

’मिनी-पिल‘ भी ऊपर बताई गई खाने वाली गर्भनिरोधक गोली जैसी ही होती है, लेकिन इसमें दो की बज़ाय केवल एक हार्मोन का प्रयोग किया जाता है। इसीलिए इसे प्रोजेस्टिन ओनली पिल -पीओपी कहते हैं।

इससे निकलने वाला हार्मोन आपकी गर्भग्रीवा (सर्विक्स) के चारों ओर के म्यूकस को गाढ़ा कर देता है, जिससे षुक्राणु इसके पार नहीं जा सकते। हार्मोन की मात्रा के अनुसार यह आपके अंडाषय से डिंब का उत्पादन भी बंद कर सकती है। आप इसे ‘आम’ गर्भनिरोधक गोली की तरह ही सेवन करती हैं।

  • पैच

यह छोटा पैच एक प्लास्टर की तरह होता है, जिसे आप अपनी चमड़ी पर चिपका लेती हैं। यह लगातार एस्ट्रोजेन और प्रोजेस्टिन हार्मोन निकालता रहता है, जो आपकी चमड़ी से होकर आपके रक्तप्रवाह में मिलता रहता है।

ये हार्मोन आपके षरीर में डिंब का उत्पादन बंद कर देते हैं, इसलिए आप गर्भवती नहीं हो सकती हैं। आप इस पैच को सप्ताह में एक बार तीन हफ्तों के लिए बदलती हैं, उसके बाद एक हफ्ते का अंतराल देती हैं। यह पैच, आर्थो एवरा या एवरा ब्रांड नाम से जाने जाते हैं ’हालांकि, यह अभी भी भारत में उपलब्ध नहीं है।

  • योनि का छल्ला  (वेजाइनल रिंग) 

प्लास्टिक का एक छल्ला (रिंग) जिसे आप अपनी योनि के अंदर रखती हैं। यह लगातार एस्ट्रोजेन और प्रोजेस्टिन हार्मोन निकालता रहता है। ये हार्मोन आपके शरीरमें डिंब का उत्पादन बंद कर देते हैं, इसलिए आप गर्भवती नहीं हो सकती हैं। यह रिंग लगभग 5 से.मी. व्यास की होती है और लचीले प्लास्टिक की बनी होती है।

इसे आप, अपने-आप ही योनि के अंदर रख सकती हैं और उसे तीन हफ्ते तक छोड़ सकती हैं। इसे आप सेक्स के दौरान भी रख सकती हैं। यह नुवारिंग ब्रांड नाम से जाना जाता हैं ’हालांकि, यह अभी भी भारत में उपलब्ध नहीं है।

 

गर्भधारण के लिए मध्यम जोखिम

विफलता की दरः 20 प्रतिशत तक

  • सर्वाइकल कैप

रबर या प्लास्टिक की एक कैप जो आपकी गर्भग्रीवा के ऊपर, आपकी योनि के ठीक ऊपर एकदम सही बैठती है। यह कैप शुक्राणुओं को गर्भाशय के अंदर जाने से रोकती है।

आपकी गर्भग्रीवा का सही आकार पता करने के लिए डाक्टरी जांच की ज़रूरत होती है। इसके बाद आप सेक्स करने से पहले अपने-आप ही कैप को लगा सकती हैं। इसे आप 48 घंटे तक छोड़ सकती हैं। इसे सही तरीके से कारगर होने के लिए शुक्राणुनाशकों (स्पर्मीसाइड)- ऐसी क्रीम या पेसरी, जो आपकी योनि में शुक्राणुओं को नष्ट कर देती है, के साथ इसका प्रयोग करना चाहिए।

यदि आप बच्चे को जन्म दे चुकी हैं, तो इस उपाय का प्रयोग करने से आपके फिर से गर्भवती होने की संभावना अधिक होती है। इसलिए इस उपाय को अपनी प्राथमिकता सूची में नीचे ‘अधिक जोखिम वाली श्रेणी’ में रखें।

  • सहेली

वास्तव में सहेली, आर्मीलोफेक्सीन, या सेन्ट्क्रोमैन नामक दवाओं का ब्रांड नाम है। गर्भनिरोधक गोली या मिनी पिल की तरह इसमें हार्मोन नहीं होते। यह एस्ट्रोजेन हार्मोन का उत्पादन बंद कर अपना काम करती है। अर्थात् जब आप डिंब उत्पन्न करती हैं, तो आपके गर्भाशय की दीवारें उसे वहां ठहरने नहीं देतीं।

पहले चार महीनों में आपको यह गोली, हफ्ते में दो बार खानी होती है, साथ ही बचाव के लिए किसी दूसरे गर्भनिरोधक का प्रयोग करना भी ठीक रहता है। उसके बाद आप इसे हफ्ते में केवल एक बार ले सकती हैं। सहेली का प्रयोग मुख्यतः भारत में किया जाता है।

कंडोम खास तरह के लेटेक्स (रबर) का बना होता है और सेक्स करते समय लिंग पर चढ़ाया जाता है जिससे वीर्य कंडोम में एकत्र हो जाता है और योनि में नहीं जाता। यह नली के आकार का बहुत पतला, लचीला खोल होता है, जिसके अगले सिरे पर शुक्राणुओं को एकत्र करने के लिए निप्पल जैसा आकार बना होता है।

कंडोम लपेटे हुए तथा चपटे आकार के प्लास्टिक पैकेज में बंद मिलते हैं, जिसे आप फाड़कर उन्हें बाहर निकाल सकते हैं। कंडोम पहनने के लिए आगे के निप्पल जैसे छोर को दबाकर उसकी हवा निकाल दें, उसके बाद कंडोम को अपने लिंग पर सामने से ऊपर तक खोलते हुए पहन लें। संभोग करते समय हर बार आपको नए कंडोम का प्रयोग करना होगा।

कंडोम, पूरे विश्व में सबसे अधिक प्रयोग किया जाने वाला गर्भनिरोधक उपाय है। ये, एचआईवी एवं एड्स सहित कई यौनसंचारित रोगों से भी बचाते हैं।

  • डायाफ्राम

रबर से बनी मुलायम टोपी के आकार की वस्तु है जो आपकी गर्भग्रीवा पर सटीक बैठती है, जो योनि के ठीक ऊपर की ओर होती है। डायाफ्राम, शुक्राणुओं को गर्भाशय में जाने से रोकता है।

आपकी गर्भग्रीवा को ठीक से ढकने वाले डायाफ्राम के सही आकार का पता लगाने के लिए डाक्टरी जांच करानी होती है। इसके बाद आप सेक्स करने से पहले अपने-आप इसे लगा सकती हैं।

आप 24 घंटे तक डायाफ्राम अंदर रख सकती हैं। इसे सही तरीके से कारगर होने के लिए षुक्राणुनाषकों (स्पर्मीसाइड)- ऐसी क्रीम या पेसरी जो की योनि में शुक्राणुओं को नष्ट कर देती है, के साथ इसका प्रयोग करना चाहिए।

 

  • स्पांज

स्पांज में शुक्राणुनाशक होते हैं, जिन्हे आप अपनी योनि में ठीक ऊपर गर्भग्रीवा तक रख सकती हैं। यह शुक्राणुओं को गर्भाशय में जाने से रोकता है। साथ ही यह शुक्राणुओं को नष्ट कर देता है।

संभोग करते समय आपको हर बार नए स्पांज का प्रयोग करना होता है। ये स्पांज, फार्माटेक्स, प्रोटेक्टायड और टुडे ब्रांड नाम से बाज़ार में उपलब्ध हैं ’हालांकि, यह अभी भी भारत में उपलब्ध नहीं है।
यदि आप बच्चे को जन्म दे चुकी हैं, तो इस उपाय का प्रयोग करने से आपके फिर से गर्भवती होने की संभावना अधिक होती है। इसलिए इस उपाय को अपनी प्राथमिकता सूची में नीचे ‘अधिक जोखिम वाली श्रेणी’ में रखें!
 

 

गर्भधारण के लिए अधिक जोखिम

विफलता की दरः 20 प्रतिशत से अधिक

  • महिला कंडोम

रबर या प्लास्टिक से बनी पतले बैग जैसी वस्तु जिसे आप अपनी योनि में डाल सकती हैं। इसके निचले सिरे पर एक रबर का छल्ला होता है जा आपकी योनि में सटीक बैठ जाता है, बड़ा वाला सिरा खुला होता है जो आपके भगोष्ठ की ओर लगा रहता है। जब आप संभोग करती हैं तो लिंग, कंडोम के अंदर जाता है। संभेाग करते समय आपको हर बार नए कंडोम का प्रयोग करना होता है।

यह कंडोम, शुक्राणु को योनि से बाहर रखता है, जिससे आप गर्भवती होने से बची रहती हैं। महिला कंडोम कई प्रकार के यौनसंचारित रोगों से भी बचाव करते हैं।

  • परिवार नियोजन के प्राकृतिक उपाय

यह वह उपाय हैं जिनमें जब आपके गर्भधारण की संभावना अधिक रहती है, उन दिनों आप सेक्स नहीं करतीं। यह लगभग डिंबउत्सर्ग के समय होता है जब आपका अंडाशय, डिंब का उत्सर्जन कर रहा होता है। आप गर्भवती इसलिए नहीं होतीं क्योंकि आप सिर्फ उन दिनों संभोग करती हैं जब निषेचित होने के लिए कोई डिंब मौजूद ही नहीं होते हैं।

इस बात का पता करने के दो तरीके हैं कि आपके डिंब कब उत्पन्न हो रहे हैं: कैलेंडर पर या अपने शरीर के लक्षणों पर नज़र रखें।

कैलेंडर आधरित विधि में, आप अपने दो मासिक धर्म के बीच दिनों की गिनती करें। आपके मासिक धर्म आने के एक हफ्ते पहले और मासिक धर्म षुरू होने के एक हफ्ते बाद तक आपके गर्भधारण की सबसे कम संभावना रहती है। उसके दो हफ्ते बाद, आपके गर्भधारण की सबसे अधिक संभावना रहती है। आप दिनों की गिनती के लिए माला का उपयोग कर सकती हैं। कुछ देशों में , कैलेंडर आधरित विधि के लिए, फोन द्वारा संदेश (एसएमएस) भी प्रप्त किए जा सकते हैं।

लक्षण आधारित विधि में, अपने मासिक धर्म के बीच दिनों की जानकारी के अलावा, आप डिंब उत्सर्जन के समय अपने षरीर के लक्षणों पर भी नज़र रख सकती हैं। अपने शरीर के तापमान की नियमित जांच कर, या आपकी योनि से निकलने वाले म्यूकस को देखकर एवं खुद जांच कर आप ऐसा कर सकती हैं।निष्काशन (विदड्राल, या स्खलन से पहले लिंग बाहर निकालना)

स्खलित होने (वीर्यपात) से पहले पुरुष लिंग को योनि से बाहर निकाल लेते हैं। योनि में कोई शुक्राणु नहीं जाता, इसलिए आप गर्भवती नहीं होती हैं।

निष्काशन विधि, पुरुष द्वारा सही समय पर लिंग बाहर निकालने पर निर्भर होती है। खासकर किशोरों द्वारा इस मामले में गलती करना आसान होता है कि वे ठीक समय पर अपना लिंग बाहर न निकाल पाएं।

  • शुक्राणुनाशक (स्पर्मीसाइड्स)

शुक्राणुनाशक वे रसायन होते हैं जो शुक्राणुओं को योनि में नष्ट कर देते हैं। वे क्रीम, फिल्म, फोम, जेल या बत्तियों के रूप में मिलते हैं, जिन्हें आप योनि के बिलकुल अंदर तक डाल सकती हैं।

वे शुक्राणुओं को आगे बढ़ने से रोक देते हैं, जिससे वे गर्भग्रीवा से होकर डिंब को निषेचित नहीं कर पाते। शुक्राणुनाशक अकेले उतने अधिक कारगर नहीं होते। अक्सर उनका प्रयोग किसी और गर्भनिरोधक उपाय जैसे कि कैप, डायाफ्राम या कंडोम के साथ किया जाता है।
 

गर्भनिरोध के अन्य तरीके

ये उपाय कम जोखिम या अधिक जोखिम जैसी किसी भी श्रेणी में नहीं आते क्योंकि उनकी विफलता की दर का पता कर उनकी तुलना करना कठिन है।

आप सेक्स नहीं करते हैं। या कम से कम योनि संभोग तो बिलकुल ही नहीं। इसलिए आप गर्भवती नहीं होती हैं। हो सकता है आप केवल गर्भधारण से बचने के लिए ही सेक्स से विरत नहीं होते, बल्कि अपनी धार्मिक मान्यताओं के कारण भी सेक्स करने से परहेज़़ कर सकते हैं। अथवा केवल इसलिए कि आप सेक्स के लिए तैयार नहीं हैं।

संभोग से विरत रहना, निष्चित तौर पर ऊपर बताए गए सभी गर्भनिरोधक उपायों में सबसे अच्छा उपाय है-क्योंकि ‘सही प्रयोग’ करने पर इसकी विफलता दर षून्य होती है! लेकिन ‘आम प्रयोग’ की विफलता दर अधिक होती है।

कुछ लोग जो सेक्स करना नहीं चाहते हैं किंतु कभी-कभार आवेष में आकर सेक्स कर लेते हैं। और क्योंकि उनकी सेक्स करने की योजना नहीं होती इसलिए वे कभी-कभार किसी गर्भनिरोधक उपाय का प्रयोग किए बिना ही सेक्स कर लेते हैं।

इसलिए अनुमान लगाया गया है कि हकीकत में इसकी विफलता दर कंडोम के समान ही है, अर्थात् इसे ‘मध्यम’ जोखिम वाली श्रेणी में रखा जा सकता है।

गैर-यौनिक संभोग का अर्थ है, योनि संभोग के अलावा किसी दूसरे तरीके से सेक्स करना। इसलिए आप गर्भवती नहीं होती हैं। यह सेक्स से विरत रहने से थोड़ा हटकर है। इसमें उद्देष्य या इरादा यह रहता है कि लिंग को योनि के अंदर प्रवेश किए बिना सेक्स का पूरा आनंद लिया जाए।

इसमें भी विफलता दर षून्य नहीं होती है, क्योंकि हकीकत में कुछ लोग आवेश में आकर अंत में योनि संभोग कर लेते हैं, चाहे उनका इरादा ऐसा करने का नहीं भी रहा हो।

इसके साथ-साथ, बिना योनि संभोग किए भी इसमें गर्भधारण का कुछ जोखिम बना रहता है, उदाहरण के तौर पर यदि उंगलियों में शुक्राणु लग गए हों और उंगली को योनि के अंदर डाला जाए तो गर्भधारण हो सकता है।
ऽ आपातकालिक गर्भनिरोधक गोली (मॉर्निंग आफ्टर पिल या अगली सुबह खाई जाने वाली गोली)

यह असुरक्षित संभोग करने के बाद, गर्भधारण से बचने के लिए खाई जाने वाली गोली है। यदि कंडोम फट जाता है या आप किसी दिन गोली खाना भूल जाती हैं, तो इनका सेवन किया जा सकता है, उदाहरण के तौर पर आप आवेश में आकर बिना किसी गर्भनिरोधक उपाय के संभोग कर लेती हैं तो भी इनका सेवन कर सकती हैं।

आपातकालिक गर्भनिरोधक गोलियां किसी सामान्य गोली से अधिक हार्मोन की खुराक देती हैं, चाहे वे केवल प्रोजेस्टिन वाली हों या एस्ट्रोजेन के साथ वाली। आपातकालिक गर्भनिरोधक गोली आपको गर्भवती होने से बचाती है लेकिन यदि आप गर्भवती हैं तो यह कारगर नहीं होती, न ही बच्चे को कोई नुकसान पहुंचाती है। इससे गर्भपात नहीं होता।

अगली सुबह ली जाने वाली गोली (मार्निंग आफ्टर पिल) इसका सटीक नाम नहीं है – आपको इसे सेक्स करने के 72 घंटों के भीतर लेना होता है। क्योंकि इसमें दो हार्मोन होते हैं इसलिए यह पांच दिनों तक असरदार रह सकती है। पर इसके कारगर होने की कोई गारंटी नहीं है। हालांकि आप इसे जितना जल्दी लेती हैं इसके कारगर होने की संभावना उतनी ही अधिक होती है। यह गोली आपकी तबियत भी खराब कर सकती है।

ऊपर बताए गए उपायों की सूची में आपातकालिक गर्भनिरोधक गोलियां सटीक नहीं बैठतीं क्योंकि उन्हें हमेशा प्रयोग की जाने वाली गर्भनिरोधक नहीं होतीं, इनका प्रयोग केवल आपातकालिक परिस्थिति में किया जाता है। इसका अर्थ है कि आप इनकी विफलता दर की तुलना पूरे वर्ष के लिए नहीं कर सकतीं।


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अनचाहा गर्भधारण

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यदि आप अनचाहे गर्भवती हो जाती हैं तो आपको इस बात का फैसला करना होगा कि क्या करें। आपके सामने दो विकल्प मौजूद होते हैं: गर्भपात या बच्चे को जन्म देना।

आप जो भी फैसला करें, सोच-समझ कर करें। आपकी सहायता के लिए यहां कुछ सुझाव दिए जा रहे हैं।

सुझाव 1
अपने किसी विश्वासपात्र से इस बारे में बात करें। खासकर, किसी ऐसे वयस्क से, जो आपको सलाह और सहयोग दे सके, जैसे कि आपकी मां, मौसी, चाची या कोई मित्र।

सुझाव 2
’यदि आपको उचित और मुनासिब लगे तो अपने माता-पिता को बताएं कि आप गर्भवती हैं।oldveda-logo-272

यदि आप घर में सबके साथ रहती हैं तो यह ज़रूरी है। यदि ज़रूरत पड़े तो उन्हें बताने के लिए किसी की मदद लें। वह परिवार का कोई दूसरा सदस्य या डाक्टर हो सकते हैं।

सुझाव 3
संभावनाओं के बारे में चर्चा करने के लिए डाक्टर के पास जाएं। यदि आप गर्भपात चाहें तो भी आप के पास अभी समय होगा।

आप क्या करना चाहती है?

ऽ क्या आप गर्भपात चाहती हैं?
यदि आप गर्भपात चाहती हैं तो अपने निवास स्थान के अनुसार आप गर्भपात के लिए क्लीनिक या चिकित्सालय जा सकती हैं। इस बारे में आपके डाक्टर सलाह दे सकते हैं।

ऽ क्या आप बच्चे को जन्म देना चाहती हैं?
हो सकता है कि आप बच्चे को जन्म देना चाहें। यदि आप की शादी नहीं हुई है या किसी स्थायी रिश्ते से नहीं बंधी हैं, तो क्या आप हालात का सामना कर पाएंगी?

आपके जीवन पर यह किस प्रकार असर डालेगा? आपकी शिक्षा पर? क्या आप को पर्याप्त सहयोग प्राप्त है- बच्चे के पिता की ओर से, या आपके परिवार से? क्या आपके पास गुज़ारे के लिए पर्याप्त धन है?

आप अपने बच्चे को किसी को गोद भी दे सकती हैं। फिर भी आपको काफी सोच-समझ कर फैसला करना होगा। आपको नहीं पता कि बच्चे को जन्म देने के बाद जब उसे किसी और को सौंपना होगा तब आपको कैसा लगेगा।

 


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आपातकालीन गर्भनिरोध

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आपने किसी गर्भनिरोधक का प्रयोग किए बिना सेक्स किया है, जब की आप गर्भवती नहीं होना चाहती हैं। या आप समझती हैं कि आपके द्वारा गर्भनिरोधक का प्रयोग करने में कुछ गड़बड़ी हो गई है – संभवतः आप गर्भनिरोधक गोली लेना भूल गयीं या कण्डोम फट गया हो।

यदि आप वास्तव में गर्भवती नहीं होना चाहती तो अब भी देर नहीं हुई है। यदि आप जल्द ही प्रतिक्रिया करें तो आप आपातकालीन गर्भनिरोधन का इस्तेमाल कर सकती हैं, जिसके दो विकल्प मौजूद हैं, ‘मार्निंग आफ्टर पिल’ या आपातकालीन गोली अथवा आईयूडी।

 

‘मार्निंग आफ्टर पिल’ (खाने की गर्भनिरोधक गोली)

आप सेक्स करने के 72 घंटों के भीतर ‘मार्निंग आफ्टर पिल’ या आपातकालीन गर्भनिरोधक गोली खा सकती हैं (‘मार्निंग आफ्टर’ बहुत अधिक सटीक नाम नहीं है)। ब्रांड के अनुसार आपको केवल एक ही गोली खानी हो सकती है। सबसे अच्छा तो यह रहेगा कि आप असुरक्षित सेक्स करने के 24 घंटे के भीतर ही इसे खाएं। उसके बाद यह कुछ कम प्रभावशाली होती है।
चित्रः ‘मार्निंग आफ्टर पिल’

यह इस बात पर निर्भर करता है कि जहां आप रहती हैं वहां आपको ‘मार्निंग आफ्टर’ गोली मिल सकती है कि नहीं। कई देशों में आप बिना किसी डाक्टरी नुस्खे के केमिस्ट या दवा की दुकान से ले सकते हैं। कुछ देशों में इसके लिए आपको डाक्टर के लिखे नुस्खे की ज़रूरत होती है।

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आपके देश में ‘मार्निंग आफ्टर पिल’ मिलेगी या नहीं उसका पता इस लिंक से करें।

क्या आपातकालीन गर्भनिरोधक गोली लेना किसी छोटे गर्भपात की तरह होता है?
नहीं, यह आपको गर्भवती होने से बचाती है, संभवतः आपके डिंब पैदा करने से रोककर। यह सच है कि यह गोली निषेचित डिंब को गर्भाशय में जाने से रोकती है जिससे यह आपके मासिक धर्म रक्तस्राव के साथ बाहर निकल जाता है।

यदि आप समुचित तरीके से गर्भवती हैं- अर्थात् जब डिंब आपके गर्भाशय के अंदर स्थापित हो चुका है- तो आपातकालीन गर्भनिरोधक गोली लेने से आपका गर्भपात नहीं होगा। आपकी गर्भावस्था बनी रहेगी।

मार्निंग आफ्टर’ आईयूडी

दूसरे तरह की आपातकालीन गर्भनिरोधक, ‘मार्निंग आफ्टर’ आईयूडी है। आपको इसे डाक्टर से लगवाना पड़ता है। असुरक्षित सेक्स करने के बाद चार से पांच दिनों के अंदर इसे लगवाया जा सकता है।

यह गर्भनिरोधक के रूप में लगवाए गए आईयूडी की ही तरह है। एक बार जब यह आपके गर्भाशय में लगा दी जाती है तो आप उसे वहां ही छोड़ सकती हैं, जिससे कि आप तब तक गर्भधारण न करें जब तक आप न चाहें।

लेकिन आपको इस बारे में विचार करना होगा कि क्या यह आपके लिए गर्भनिरोध का सही तरीका है अथवा नहीं – अधिक जानकारी के लिए बर्थ कंट्रोल संबंधी खंड देखें।


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आपातकालीन गर्भनिरोधक

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ई-गोली दवा कि दुकानों पर आसानी से उपलब्ध होती हैं, यानि आप बिना डॉक्टर की परामर्श पर्ची के भी इन्हें खरीद सकते हैं।

आपातकालीन गर्भनिरोधक गोलियाँ दो प्रकार की होती हैं, हालांकि वर्तमान में भारत में केवल एक ही उपलब्ध हैं। उपलब्ध ‘प्रोजेस्टोजन ओनली पिल’ (हार्मोन लेवोनॉरगेस्ट्रेल का प्रयोग करके) जिसे सामान्यतया आई-पिल या अन्वॉंटेड-72 कहते हैं। आपातकालीन गर्भनिरोधक का दूसरा रूप कॉपर आई यू डी (copper IUD) होता है हालांकि आपको इसे डाक्टर से लगवाना पड़ता है, और यह भी असुरक्षित सेक्स के 72 घण्टे के भीतर।

इन गोलियों के सेवन के बीच के अंतराल की कोई निर्धारित सीमा नहीं है। लेकिन इनका प्रभाव कम समय के लिए होता है इसीलिए आपको इसका प्रयोग सामान्य रूप से नहीं, बल्कि आपातकालीन स्थिति में ही करना चाहिए।

फायदे:

  • भूल या असफल गर्भनिरोधक, या बलात्कार जैसे मामलों में गर्भवती होने से रोकती है
  • चिंता मुक्ति
  • आसानी से उपलब्ध है

नुक्सान:

  • अगली अवधि या मासिकधर्म के समय को बदल सकती है (जल्दी या देर से)
  • यह यौनसंचारित रोगों से बचाव नहीं करती
  • असुरक्षित यौन संबंध के बाद जितना जल्दी संभव हो सके इसे लेने की आवश्यकता होती हैoldveda-logo-272

 

क्या ई-गोली गर्भपात गोली के समान है?

ई-गोलियाँ गर्भपात की गोलियाँ नहीं हैं। ई-गोली विभिन्न तरीकों से काम करती है, यदि एक अंडा पहले ही निषेचित है तो यह गोली काम नहीं करती है। यदि आप पहले से ही गर्भवती हैं और ई-गोली लेती है, तो इससे आपकी गर्भावस्था पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ने वाला है।

मुझे ई – गोलियां कहाँ से मिल सकती हैं?

आप काउंटर या स्वास्थ्य केंद्र से ई-गोली प्राप्त कर सकते हैं। इसे आप असुरक्षित सेक्स के बाद जितनी जल्दी लेंगे यह उतनी ही अधिक प्रभावी होगीI कई स्वास्थ्य केंद्र या डॉक्टर कुछ मामलों में आपातकालीन गोली लेने और इसे घर पर रखने का सुझाव देते हैं। अध्ययन बताते हैं कि घर पर ई-गोलियाँ रखने का आपके अधिक असुरक्षित सेक्स करने का कोई सम्बन्ध नहीं हैI

ई-गोलियों के दुष्प्रभाव क्या हैं?

  • स्तन शिथिलता
  • थकान
  • सिरदर्द
  • पेट दर्द, मिचली, उल्टी
  • चक्कर आना

ई-गोलियाँ कितनी सुरक्षित हैं?

ई- गोलियों में हॉर्मोन्स की अधिक मात्रा होती है और इसके प्रतिकूल प्रभाव (साइड एफेक्ट्स) हो सकते हैं। इसीलिए ई-गोलियों का इस्तेमाल केवल आपात स्थिति में ही किया जाना चाहिए और इन्हें सामान्य गर्भ निरोधक कि तरह प्रयोग में नहीं लिया जाना चाहिएI

आपातकालीन गर्भनिरोधक गोलियों के कोई दीर्घकालिक नुकसान नहीं हैंI

ई-गोलियों के इस्तेमाल से नसों (शिराओं) में गहरे थक्के मिलने/ (Deep vein thrombosis (DVTs)) के मामले देखे गए हैं।

 

गर्भनिरोधक गोली का सेवन किनके लिए अनुचित है?

  • यदि किसी महिला कि योनी से असामान्य रक्तस्त्राव होता है
  • महिलाएं जिनका डी वी टी(DVT) रोग का  इतिहास रहा है
  • जिन महिलाओं को तीव्र सिरदर्द कि शिकायत रही होI
  • जिनका बी एम् आई 25 से अधिक हो

यदि आप गोली लेने के बाद तुरंत ही उल्टी कर देते हैं, तो यह पूरी तरह कारगर नहीं हो पाती है। अपने अन्य विकल्पों के बारे में  जानने के लिए स्वास्थ्य केंद्र या डॉक्टर से बात करें।

इन दोनों ही मामलों में, आप आपातकालीन गर्भनिरोधक के रूप में कॉपर-टी आईयूडी पर विचार करें।

गोलियों के असरदार ना होने के संभावित कारण?

‘प्रोजेस्ट्रोन-ओनली पिल’ आपकी गर्भग्रीवा के चारों ओर के म्यूकस(सफ़ेद द्रव) को गाढ़ा कर देता है जिससे शुक्राणु उसके पार नहीं जा सकते। ये डिंब का उत्पादन भी बंद कर देती हैं। और एक हॉर्मोन जारी करती जो शुक्राणु को अंडाशय तक नहीं पहुँचने देते। आप 750 मि.ग्रा.की दो खुराक 12 घंटे में या 1.5  मि.ग्रा. की एक खुराक ले सकते हैं।

यदि आप इसे 24 घंटे के भीतर लेते हैं तो यह 95% प्रभावी (कारगर) हो सकती है। देर से लेने पर पूरी तरह कारगर हो पाना शायद संभव न हो सके। (आप ई-पिल लेने में जितनी देर करेंगे, इसका प्रभाव उतना ही कम होगा)I ये असुरक्षित सेक्स के बाद 12 से 24 घंटे के भीतर लेने में सबसे ज्यादा कारगर (प्रभावी) होती हैं। ये सेक्स के 72 घंटे तक प्रभावी होती हैं लेकिन देर से लेने पर गर्भवती होने के अवसर को बढ़ा देती हैं। 49 से 72 घंटे भीतर लेने पर ये केवल 58% ही कारगर (प्रभावी) होती हैं।

‘प्रोजेस्टोजन ओनली पिल’ मोटापे की शिकार महिलाओं के लिए कम असरदार होती हैं I यदि आपका बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) 25 से अधिक हैं तो आपको आपातकालीन गर्भनिरोधक के रूप में कॉपर आईयूडी का  उपयोग करने की सलाह दी जाती है I

क्या आप  अपना बीएमआई नहीं जानते हैं? इसे जानने के लिए ऑनलाइन बी एम् आई कैलकुलेटर का प्रयोग करें:

गर्भनिरोधन के कुछ और उपायों के बारे में  अधिक जानकारी के लिए हमारे ‘ गर्भनिरोधक उपाय’ अवश्य पढ़ेंI

 

आई-पिल/ अनचाहा-72

– गोली दवा कि दुकानों पर आसानी से उपलब्ध होती हैं, यानि आप बिना डॉक्टर की परामर्श पर्ची के भी इन्हें खरीद सकते हैं।

आपातकालीन गर्भनिरोधक गोलियाँ दो प्रकार की होती हैं, हालांकि वर्तमान में भारत में केवल एक ही उपलब्ध हैं। उपलब्ध ‘प्रोजेस्टोजन ओनली पिल’ (हार्मोन लेवोनॉरगेस्ट्रेल का प्रयोग करके) जिसे सामान्यतया आई-पिल या अन्वॉंटेड-72 कहते हैं। आपातकालीन गर्भनिरोधक का दूसरा रूप कॉपर आई यू डी (copper IUD) होता है हालांकि आपको इसे डाक्टर से लगवाना पड़ता है, और यह भी असुरक्षित सेक्स के 72 घण्टे के भीतर।

इन गोलियों के सेवन के बीच के अंतराल की कोई निर्धारित सीमा नहीं है। लेकिन इनका प्रभाव कम समय के लिए होता है इसीलिए आपको इसका प्रयोग सामान्य रूप से नहीं, बल्कि आपातकालीन स्थिति में ही करना चाहिए।

फायदे:

  • भूल या असफल गर्भनिरोधक, या बलात्कार जैसे मामलों में गर्भवती होने से रोकती है
  • चिंता मुक्ति
  • आसानी से उपलब्ध है

नुक्सान:

  • अगली अवधि या मासिकधर्म के समय को बदल सकती है (जल्दी या देर से)
  • यह यौनसंचारित रोगों से बचाव नहीं करती
  • असुरक्षित यौन संबंध के बाद जितना जल्दी संभव हो सके इसे लेने की आवश्यकता होती है

 

क्या ई-गोली गर्भपात गोली के समान है?

ई-गोलियाँ गर्भपात की गोलियाँ नहीं हैं। ई-गोली विभिन्न तरीकों से काम करती है, यदि एक अंडा पहले ही निषेचित है तो यह गोली काम नहीं करती है। यदि आप पहले से ही गर्भवती हैं और ई-गोली लेती है, तो इससे आपकी गर्भावस्था पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ने वाला है।

मुझे ई – गोलियां कहाँ से मिल सकती हैं?

आप काउंटर या स्वास्थ्य केंद्र से ई-गोली प्राप्त कर सकते हैं। इसे आप असुरक्षित सेक्स के बाद जितनी जल्दी लेंगे यह उतनी ही अधिक प्रभावी होगीI कई स्वास्थ्य केंद्र या डॉक्टर कुछ मामलों में आपातकालीन गोली लेने और इसे घर पर रखने का सुझाव देते हैं। अध्ययन बताते हैं कि घर पर ई-गोलियाँ रखने का आपके अधिक असुरक्षित सेक्स करने का कोई सम्बन्ध नहीं हैI

ई-गोलियों के दुष्प्रभाव क्या हैं?

  • स्तन शिथिलता
  • थकान
  • सिरदर्द
  • पेट दर्द, मिचली, उल्टी
  • चक्कर आना

ई-गोलियाँ कितनी सुरक्षित हैं?

ई- गोलियों में हॉर्मोन्स की अधिक मात्रा होती है और इसके प्रतिकूल प्रभाव (साइड एफेक्ट्स) हो सकते हैं। इसीलिए ई-गोलियों का इस्तेमाल केवल आपात स्थिति में ही किया जाना चाहिए और इन्हें सामान्य गर्भ निरोधक कि तरह प्रयोग में नहीं लिया जाना चाहिएI

आपातकालीन गर्भनिरोधक गोलियों के कोई दीर्घकालिक नुकसान नहीं हैंI

ई-गोलियों के इस्तेमाल से नसों (शिराओं) में गहरे थक्के मिलने/ (Deep vein thrombosis (DVTs)) के मामले देखे गए हैं।

 

गर्भनिरोधक गोली का सेवन किनके लिए अनुचित है?

  • यदि किसी महिला कि योनी से असामान्य रक्तस्त्राव होता है
  • महिलाएं जिनका डी वी टी(DVT) रोग का  इतिहास रहा है
  • जिन महिलाओं को तीव्र सिरदर्द कि शिकायत रही होI
  • जिनका बी एम् आई 25 से अधिक हो

यदि आप गोली लेने के बाद तुरंत ही उल्टी कर देते हैं, तो यह पूरी तरह कारगर नहीं हो पाती है। अपने अन्य विकल्पों के बारे में  जानने के लिए स्वास्थ्य केंद्र या डॉक्टर से बात करें।

इन दोनों ही मामलों में, आप आपातकालीन गर्भनिरोधक के रूप में कॉपर-टी आईयूडी पर विचार करें।

गोलियों के असरदार ना होने के संभावित कारण?

‘प्रोजेस्ट्रोन-ओनली पिल’ आपकी गर्भग्रीवा के चारों ओर के म्यूकस(सफ़ेद द्रव) को गाढ़ा कर देता है जिससे शुक्राणु उसके पार नहीं जा सकते। ये डिंब का उत्पादन भी बंद कर देती हैं। और एक हॉर्मोन जारी करती जो शुक्राणु को अंडाशय तक नहीं पहुँचने देते। आप 750 मि.ग्रा.की दो खुराक 12 घंटे में या 1.5  मि.ग्रा. की एक खुराक ले सकते हैं।

यदि आप इसे 24 घंटे के भीतर लेते हैं तो यह 95% प्रभावी (कारगर) हो सकती है। देर से लेने पर पूरी तरह कारगर हो पाना शायद संभव न हो सके। (आप ई-पिल लेने में जितनी देर करेंगे, इसका प्रभाव उतना ही कम होगा)I ये असुरक्षित सेक्स के बाद 12 से 24 घंटे के भीतर लेने में सबसे ज्यादा कारगर (प्रभावी) होती हैं। ये सेक्स के 72 घंटे तक प्रभावी होती हैं लेकिन देर से लेने पर गर्भवती होने के अवसर को बढ़ा देती हैं। 49 से 72 घंटे भीतर लेने पर ये केवल 58% ही कारगर (प्रभावी) होती हैं।

‘प्रोजेस्टोजन ओनली पिल’ मोटापे की शिकार महिलाओं के लिए कम असरदार होती हैं I यदि आपका बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) 25 से अधिक हैं तो आपको आपातकालीन गर्भनिरोधक के रूप में कॉपर आईयूडी का  उपयोग करने की सलाह दी जाती है I

क्या आप  अपना बीएमआई नहीं जानते हैं? इसे जानने के लिए ऑनलाइन बी एम् आई कैलकुलेटर का प्रयोग करें:

गर्भनिरोधन के कुछ और उपायों के बारे में  अधिक जानकारी के लिए हमारे ‘ गर्भनिरोधक उपाय’ अवश्य पढ़ेंI

 

आई-पिल/ अनचाहा-72


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