Connect with us

Health A-Z

कार्बोहाइड्रेट के फायदे तथा नुकसान

Published

on

कार्बोहाईड्रेट वे पदार्थ होते हैं जिनमें कार्बन, हाइड्रोजन और ऑक्सीजन होते हैं, इनमें से हाइड्रोजन और ऑक्सीजन उसी अनुपात में होता है जैसे कि पानी में होते हैं। कुछ कार्बोहाईड्रेट पानी में घुलनशील होते हैं। कार्बोहाईड्रेट के जितने फायदे हैं उतने नुकसान भले न हों, लेकिन अधिक कार्बोहाइड्रेट शरीर को कुछ नुकसान तो पहुंचाता ही है।

कार्बोहाईड्रेट ऊर्जा का प्रमुख स्त्रोत है, यह हमारे खाने में कॉम्पलेक्स स्टार्च और सरल शर्कराओं के रूप में होता है। शरीर में कार्बोहाईड्रेट मेटाबॉलिज्म में ग्लूकोज की ही प्रमुख मात्रा होती है। कार्बोहाईड्रेट भोजन के बाद रक्त में शर्करा की मात्रा औसतन 0.1 प्रतिशत से बढ़कर 0.12-0 से 0.14 प्रतिशत प्रति 100 एमएल हो जाती है। एक औसतन व्यक्ति को प्रतिदिन 225 से 335 ग्राम कार्बोहाईड्रेट की आवश्यकता होती है जो कि शरीर को जरूरी 2000 कैलोरी में से 900 से 1300 कैलोरी पहुंचाता है।

 

कार्बोहाइड्रेट के प्रकार (Types of carbohydrates)

शरीर को सुचारू रूप से कार्य करने के लिए कार्बोहाइड्रेट की आवश्यकता होती है और इनमें से कुछ कार्बोहाइड्रेट अन्य से बेहतर भी होते हैं। कार्बोहाइड्रेट को मुख्यतः तीन भागों में बांटा गया है-

चीनी या शुगर (Sugar):- शुगर बहुत से खाद्य पदार्थों में प्राकृतिक रूप से पाई जाती है, जैसे दूध, दूध से बने उत्पाद, फल, सब्जियां आदि। शुगर तीन प्रकार की होती है, ये हैं- लेक्टोज, फ्रक्टोज और सुक्रोज (sucrose)। शुगर से दैनिक कार्यों के लिए शरीर को ऊर्जा मिलती है।

स्टार्च (Starch):- शुगर यूनिट की बांडिंग ही स्टार्च होती है। स्टार्च प्राकृतिक रूप से चावल, बीन्स, मटर और अन्य अनाजों में पाई जाती है।

फाइबर (Fiber):- स्टार्च की तरह फाइबर भी शुगर की बांडिंग से बनते हैं। फाइबर, पाचन शक्ति को ठीक रखते हैं यानि खाने को जल्दी पचाने के लिए जरूरी हैं। फाइबर कुछ सब्जियों, साबुत अनाजों, मटर, सूखी बीन्स और सोयाबीन आदि में पाये जाते हैं। जानें कार्बोहाइड्रेट के फायदे तथा नुकसान (Pros and Cons of Carbohydrates)

 

कार्बोहाईड्रेट के लाभ (Benefit of Carbohydrates)

कार्बोहाइड्रेट शरीर को ऊर्जावान रखने के लिए बेहदर जरूरी है। हालांकि वजन बढ़ने के लिए सबसे पहले कार्बोहाईड्रेट को ही दोषी ठहराया जाता है लेकिन यह जानना जरूरी है कि प्रत्येक कार्बोहाईड्रेट शरीर को मोटा नहीं करते। शुगर, स्टार्च, फाइबर आदि कार्बोहाईड्रेट के प्रकार हैं।

– शरीर को चुस्त और ऊर्जावान रखते हैं।
– विभिन्न तरह के रोगों से बचाता है।
– खाने के पाचन में मदद करता है।
– यदि सही तरह से और सही मात्रा में सेवन किया जाए तो शरीर से मोटापा कम भी करता है।

 

कार्बोहाईड्रेट के नुकसान (Disadvantage of Carbohydrates)

कार्बोहाइड्रेट की अधिकता वाली डाइट के ज्यादा सेवन से याददाश्त संबंधी रोग जैसे डिमेंशिया, एल्जाइमर आदि का रिस्क बढ़ जाता है। कार्बोहाइड्रेट युक्त अधिक कैलोरी वाली डाइट सिर्फ कैलोरी बढ़ाने तक सीमित नहीं है बल्कि इसका प्रभाव हमारे दिमाग की सक्रियता पर भी पड़ता है। कार्बोहाइड्रेट युक्त डाइट रक्त में ग्लूकोज की मात्रा बढ़ा देती है जिससे दिमाग में होने वाला रक्त संचार रूक जाता है और मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

– कार्बोहाईड्रेट युक्त अधिक भोजन से मोटापा बढ़ता है।
– शुगर या डायबिटीज होने का खतरा भी बढ़ जाता है।
– याददा्श्त पर अधिक नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
– कार्बोहाईड्रेट की अधिकता से हृदय संबंधी रोगों का खतरा बढ़ जाता है क्योंकि मोटापे के बाद अन्य बीमारियां भी घेर लेती है।

 


Body Care

इन अासान तरीकोें से करें बवासीर को दूर

Published

on

By

बवासीर की बीमारी एक एेसा असहनीय दर्द है जो दो तरह का होता है अंदरूनी अौर बाहरी। अंदरूनी में नसों की सूजन नहीं दिखती लेकिन महसूस होती है अौर दूसरा बाहरी बवासीर में सूजन बाहर दिखती है। इस बीमारी का पता बड़ी ही अासानी से लग जाता है जैसे मलाशय में दर्द या जलन होना फिर इसके बाद रक्तस्राव, खुजली होना। इस बीमारी से छुटकारा पाने के लिए हम पता नहीं कितनी दवाईयों का सेवन करते लेकिन इनका ज्यादा कोई असर नहीं होता। अाप कुछ घरेलू तरीके अपनाकर भी इस इस समस्या से छुटकारा पा सकते है। आइए जानते है ये तरीके…
oldveda-old-veda-logo-banner-health-lifestyle-ayurveda1
 
1. फाइबर युक्त आहार
अगर अाप अपने पाचन को सही रखना चाहते है तो फाइबर युक्त अाहार का सेवन करें। खाने में साबुत अनाज, ताजे फल और हरी सब्जियों को अधिक शामिल करें।
2. छाछ
छाछ काफी हद तक बवासीर में फायदेमंद होता है। 2 लीटर छाछ में 50 ग्राम पिसा हुआ जीरा और स्‍वादानुसार नमक मिला लें और प्यास लगने पर इसी का सेवन करें।
3. दही 
रोजाना दही का सेवन करने से बवासीर होने की संभावना कम होती है अौर शरीर को फायदा मिलता है।
4. जीरा
जीरे को भूनकर मिश्री के साथ मिलाकर चूसने से फायदा मिलता है या आधा चम्‍मच जीरा पाऊडर एक गिलास पानी के साथ मिक्स करके पीएं।
5. अंजीर
सूखे अंजीर को लेकर रात भर के लिए गर्म पानी में भिगो दें और सुबह खाली पेट लें।  इसको खाने से फायदा होता है।
6. तिल
बवासीर को रोकने के लिए 10-12 ग्राम धुले हुए काले तिल को एक ग्राम मक्खन के साथ मिलाकर लेने से जल्द अाराम मिलता है।

Continue Reading

Dengue

इस तरह डेंगू से करें खुद का बचाव

Published

on

By

मच्छरों से फैलने वाले रोग डेंगू, मलेरिया होना अाम है लेकिन अाजकल डेंगू का रोग काफी वायरल हो रहा है। यह संक्रमित बीमारी मच्छरों के काटने से होती है जिसके बाद बुखार अाने लगते है। एेसे में हम कुछ सावधानियां बरत कर इस रोग से बच सकते है।  अाज हम अापको डेंगू के लक्षण,कारण अौर उपचार के बारे में बताएंगे जिनको फॉलो कर अाप अपने अाप को इस रोग से बचा सकते है।
oldveda-old-veda-logo-banner-health-lifestyle-ayurveda1
डेंगू के लक्षण
– शरीर के हिस्सों पर लाल रंग के निशान
– सिरदर्द
– तेज बुखार
– उल्टी अौर दस्त
– शरीर में दर्द
– कई बार नाक से खून निकलना
यह सब लक्षण मच्छर के काटने के 7-8 दिन बाद दिखाई देते है। कई बार यह काफी सामान्य लक्षण होते है जिसको हम नॉर्मल फ्लू समझते है। इन लक्षणों के होने पर तुरंत डॉक्टर के पास जाएं।
डेंगू होने के कारण 
– घरों के अास-पास जमा हुअा पानी
– संक्रमित पानी अौर खाना
डेंगू के उपचार के लिए कुछ जरूरी बातों का रखें ध्यान 
– इससे बचने के लिए अाराम करों अौर लिक्विड लेना चाहिए।
– अपने घर के अास-पास सफाई रखें।
– किसी भी जगह पर पानी खड़ा ना होने दें।
– मच्छरों का खात्मा करने के लिए दवाई छिड़के।
– पीने के पानी को हमेसा किसी चीज से ढक कर रखें।
– खून की कमी को पूरा करने वाले अाहार का सेवन करें।
डेंगू का रामबाण इलाज 
1. गिलोय
गिलोय बॉडी को इंफेक्शन से बचाने में मदद करत है। इसके तने को उबालकर हर्बल ड्रिंक की तरह पीने से डेंगू से छुटकारा मिलता है।
2. पपीते के पत्ते
पपीते के पत्तों का जूस बनाकर कर पीने से डेंगू अौर बॉडी से टॉक्सिन बाहर निकालने में मदद करते हैं।
3. मेथी के पत्ते
यह पत्तियां डेंगू के बुखार को कम करने के लिए सहायक हैं। मेथी की पत्तियों को पानी में मिलाकर उसका जूस पीएं। इसके अलावा, मेथी पाऊडर को भी पानी में मिलाकर पी सकते हैं।
4. गोल्डनसील
इस हर्ब का इस्तेमाल दवाई बनाने के लिए किया जाता है। इस हर्ब में डेंगू बुखार को बहुत तेजी से खत्म कर शरीर में से डेंगू के वायरस को खत्म करने की क्षमता होती है। इसका चूर्ण या जूस पीकर लाभ उठाया जा सकता है।
5. हल्दी
डेंगू बुखार होने पर हल्दी को दूध में मिलाकर पीने से अाराम मिलता है।

Continue Reading

Body Care

चिकनगुनिया को रखें खुद से दूर, जानिए कैसे ?

Published

on

By

मौसम बदलने के साथ साथ बहुत सारे वायरल रोग भी फैलते हैं। इन दिनों वायरल फीवर, खांसी-जुकाम की परेशानी आम सुनने को मिल रही हैं।  सबसे पहले तो बाहर के खाने से परहेज करें और साफ सुथरा स्वस्थ भोजन खाएं। इन दिनों चिकनगुनिया भी काफी तेजी से फैल रहा है। यह रोग ऐसे हैं जो संक्रमण और साफ सफाई ना होने की वजह से फैलते हैं। दिल्ली में तो चिकनगुनिया ने हड़कंप मचा रखा है।

चिकनगुनिया मच्छर के काटने से ही होता है जिससे रोगी बुखार खांसी, जुकाम से ग्रस्ति हो जाता है। इस रोग की गंभीर बात यह है कि इस रोग से बचने के लिए कोई टीका नहीं है। आमतौर पर चिकनगुनिया का मच्छर दिन में काटता है इसलिए दिन में भी मच्छर कॉयल जलाकर रखें।

चिकनगुनिया को रखें खुद से दूर, जानिए कैसे ?

चिकनगुनिया को रखें खुद से दूर, जानिए कैसे ?

लक्षण
– जोड़ों में दर्द
-100 डिग्री के आस-पास बुखार।
– शरीर पर लाल रंग के रैशेज बन जाते हैं।
– भूख नहीं लगती और थकान
– सिर में दर्द और खांसी-जुकाम

बचाव
– आस-पास साफ-सफाई का ध्यान रखें।
– मच्छरदानी का प्रयोग करें।
– खुद ही डॉक्टर बन दवाई ना खाएं। चेकअप जरूर करवाएं।
– खूब पानी पीजिए।
– बाहर का खाना ना खाएं
– खिड़की-दरवाजों को बंद रखें ताकि मच्छर घर में प्रवेश ना कर पाएं।
– पूरे ढके कपड़े पहनें।


Continue Reading

Trending