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Diet & Fitness

पानी पीने के सही तरीके अपनाये ! वरना आप बीमार भी हो सकते है!

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जल ही जीवन है.

यह सत्य है, लेकिन जल यानी कि पानी एक ऐसी औषधि है, जिससे अनगिनत बिमारीयां दूर होती है. इलसिए पानी का सेवन सेहत और जीवन के लिए बहुत जरुरी है.

पानी शरीर के लिए औषधि है. लेकिन पानी सही तरीके से ना पीने के कारण शरीर को नुकसान भी होता है.

इसलिए अगर पानी पीने के सही तरीके अपनाए तो पानी शरीर के लिए फायदेमंद रहता है.

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 तो आइये जानते है पानी पीने के सही तरीके –

पानी पीने के सही तरीके – 

  • सुबह उठकर बिस्तर पर बैठ कर सबसे पहले बिना मुंह धोये पानी का सेवन करने से पानी शरीर को साफ़ कर सेहतमंद रखता है, शरीर को फायदा होता है, शरीर रोगमुक्त रहता है, और पूरा दिन शरीर में ताजगी रहती है.
  • पानी को कभी भी एक सांस में नहीं पीना चाहिए. पानी हमेशा  एक-एक घूंट धीरे-धीरे और आराम से पीना सही होता है.
  • पानी पीते वक़्त कभी भी खड़े नहीं रहना चाहिए क्योंकि खड़े रहकर पानी पीने से पानी सीधे फेफड़े पर गिरता है, जो शरीर के लिए नुकसान देह है. घुटने में दर्द और आर्थराइटिस जैसी बीमारियाँ हो सकती है.
  • जब सांस फूली हुई हो, तब पानी नहीं पीना चाहिए. फूली साँस में पानी पीने से शरीर को नुकसान होता है.
  • तेज धूप में से आते ही, पानी पीना भी शरीर के लिए हानिकारक होता है. इससे शरीर पर पानी का नकारात्मक प्रभाव पड़ता है. जबकि धूप में जाने से पहले पानी पीना सेहत के लिए फायदेमंद रहता है.
  • भोजन करते समय भोजन गले में अटकने की स्थिति में सिर्फ 3-4  घूंट गुनगुना पानी पीना सही होता है लेकिन उससे ज्यादा पानी नहीं पीना चाहिए .
  • भोजन करने के साथ साथ या भोजन के तुरंत बाद पानी नहीं पीना चाहिए. भोजन के तुरंत बाद पानी  पीने से भोजन के जरुरी पोषक तत्व पानी के माध्यम से मूत्र में निकल जाते है. भोजन का सही पाचन, पोषक तत्वों का अवशोषण नहीं होता, हाजमा भी ख़राब होने लगता है और भोजन का शरीर को फायदा नहीं मिलता. भोजन के एक घंटे बाद  पानी पीना शरीर के लिए फायदेमंद होता है.
  • एकदम ठंडा पानी या बर्फ युक्त पानी नहीं पीना चाहिए क्योकि ऐसे पानी से पाचन क्रिया प्रभावित होती है और पाचन धीमी गति से होने लगती है. ज्यादा ठन्डे  पानी से गुर्दे खराब हो सकता है.
  • खाना खाने के पहले पानी मोटापा कम करने में मदद करता है  और  पेट साफ़ रखता है.
  • शाम के समय पानी पीना कम कर देना चाहिए क्योकि रात में भोजन के बाद सोने पर शरीर का आन्तरिक भाग अपना कार्य करता है और शाम को ज्यादा पानी पिने से नींद में से उठकर बार बार  बाथरूम जाना पड़ता है जिससे शरीर को सही आराम नहीं मिलता.
  • नहाने के  पहले पानी पीना चाहिए इससे  ब्‍लड प्रेशर कम होता है लेकिन  गरम शॉवर लेना है तो पानी ना पीये खास कर ठन्डे पानी के सेवन से बचें.
  • व्यायाम करने से  पहले पानी जरुर पीये, इससे मासपेशियों को ऊर्जा मिलती है और थकान दूर हो जाती है.
  • बीमार की स्थिति में लगातार जरुरत से ज्यादा पानी पीना सही होता है. इससे रोग के वाइरस शरीर से मूत्र के जरिये बाहर निकल जाते है.

ये थे पानी पीने के सही तरीके – दिन में जितना हो सके ज्यादा पानी पीना चाहिए लेकिन इस सब बातों को ध्यान रखकर पानी पिने से शरीर स्वास्थ्य और सेहतमंद बना रहता है.

हम तो आपको इतना ही कहेंगे – पानी पीने के सही तरीके अपनाये और सेहतमंद रहिये


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Diet & Fitness

आखिर आयुर्वेद और वात, पित व कफ क्या है?

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आयुर्वेद क्या है ?

हिताहितं सुखं दुःखमायुस्तस्य हिताहितम्।

मानं च तच्च यत्रोक्तमायुर्वेदः स उच्यते॥

जिसमे आयु के हिताहित का ज्ञान और उसका योग मालूम हो उसको आयुर्वेद कहते है .

जिसमे आयु का हित- अहित, रोग का निदान और शमन हो , उसको लोग आयुर्वेद कहते है

आयुर्वेद की आवश्यकता ?

जो आयुर्वेद और धर्मशास्त्र की युक्तियो के अनुसार चलते है उनको रोग नहीं होते है और उनके पुण्य और आयु में वृधि होती है चिकित्सा करने से कही धन की प्राप्ति होती है तो कही मित्रता होती है कही कर्म होता है तो कही यश मिलता है. और कही किर्या करने से अभ्यास बढ़ता है किन्तु वेधक शिक्षा कभी व्यर्थ नहीं जाती है.

दोष क्या ?

है आयुर्वेद में तीन दोष होते है वात,पित्त और कफ. धातु और मल इन तीनो दोषों से दूषित होते है इसलिए इनको दोष कहते है यहाँ दोष को धारण करते है इसलिए इनको धातु भी कहते है महान आयुर्वेदाचार्य वाग्भट के अनुसार – वात ,पित्त और कफ दूषित होने से देह(Body) का नाश करते है तथा शुद्ध होने पर शरीर को धारण करते है.

वात के प्रकार और रहने व रहने के स्थान ?

  • उदान वायु –ये कंठ में रहती है.
  • प्राण वायु –ये दिल में में रहती है.
  • समान वायु – ये नाभि में रहती है.
  • अपान वायु – ये मलाशय में रहती है.
  • व्यान वायु –ये समस्त शरीर में व्याप्त रहती है .

पित के प्रकार और रहने व रहने के स्थान ?

  • पाचक पित्त – ये अमाशय में रहता है.
  • रंजक पित्त – ये लीवर में रहता है.
  •  साधक पित – ये दिल में रहता है.
  • आलोचक पित –ये आँखों में रहता है.
  • भ्राजक पित – ये सारे शरीर और आँखों में रहता है.

 

कफ के प्रकार और रहने व रहने के स्थान ?

  • क्लेदक काफ – ये पेट में रहता है.
  • अवलम्बक कफ – ये दिल में रहता है.
  • रसन कफ – ये कंठ में रहता है.
  • स्नेहन कफ ­– ये सिर में रहता है.
  • श्लेष्मक कफ – ये जोड़ो में रहता है.

 

धातु क्या है ?

  • रस
  • रक्त
  • मॉस
  • मेद
  • अस्थि
  • मज्जा
  • शुक्र ये सात धातुये होती है यहाँ मनुष्य के शरीर में स्वयं रहकर देह को धारण करती है,


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Diet & Fitness

पुरूषों को नुकसान पहुंचाते हैं ये फूड्स, इन्हें भूलकर भी न खाएं..!

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पुरूषों की बनावट महिलाअों से कुछ अलग होती है। इसी तरह कुछ खानपान की बात करें तो कई ऐसे फूड होते है, जो महिलाअों की तुलना में पुरूषों को ज्यादा नुकसान पहुंचाते है। इनके सेवन से कई तरह की हार्मोनल प्रॉब्लम, कमजोरी या कई तरह की बीमारियांं हो सकती है। अाज हम अापको ऐसे ही फूड्स के बारे में बताएंगे, जिनके सेवन से पुरूषों को बचना चाहिए।
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1. कॉफी अौर कोल्ड ड्रिंक
एक रिसर्च के अनुसार, जो पुरूष ज्यादा मात्रा में कॉफी अौर कोल्ड ड्रिंक का सेवन करते है। उनकी स्पर्म सख्या कम हो सकती है।
2. रिफाइंड शुगर 
रिफाइंड शुगर में एम्पटी कैलोरीज होती है जो पुरूषों को फायदा पहुंचाने के बजाएं चर्बी अौर मोटापा देती है।
3. टी ट्री और लेवेंडर अॉयल 
इनका सेवन ज्यादा करने से पुरूषों की ब्रैस्ट महिलाअों के समान हो सकती है। इसलिए जरूरी है कि इनका सेवन कम से कम करें।
4. पुदीना 
पुदीने में मेंथोन की मात्रा होती है जो पुरूषों की सेक्सुअल पावर पर प्रभाव डालती है।
5. अल्कोहल
ज्यादा मात्रा में अल्कोहल का सेवन करने से मेल रिप्रोडक्शन सिस्टम प्रभावित होता है।

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Body Care

डायबिटीज के पक्के ईलाज ! ईलाज नंबर 4 और 7 की तो सौ फीसदी गारंटी है

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आजकल शुगर ने महामारी का रूप धारण कर लिया है. जिससे पूरी दुनिया परेशान है पर हम आयुर्वेद में कुछ तरीकों और उपायों द्वारा इसपर काबू पा सकते हैं डायबिटीज खून में शक्कर की मात्रा अधिक होने के कारण होता है.

आइए हम आपको बताते हैं डायबिटीज के ईलाज के बारे में जिससे आप फिर कभी शुगर से परेशान नहीं होंगे.

 

1. जीवनशैली में बदलाव, शिक्षा खान—पान की आदतों में सुधार करके शुगर को नियंत्रित किया जा सकता है. इससे मरीज की थकान और सिरदर्द समस्या हमेशा के लिए दूर हो जाती है.

2. प्रतिदिन सुबह योगा व व्यायाम करके भी शुगर को कंट्रोल किया जा सकता है. इससे न केवल आपके चेहरे का नूर दमकेगा, बल्कि आपके स्वास्थ्य में भी सुधार होगा.

3. अगर शुगर कंट्रोल में नहीं आ रहा है तो केवल गेहूं की रोटी नहीं खानी चाहिए. इसके बजाय तीन किलो जौ, आधा किलो गेहूं और आधा किलो चने को मिला कर आटा पिसवा लेना चाहिए और फिर इसकी रोटी खानी चाहिए.

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4. आक के पेड़ का पता उल्टी तरफ से लेकर पैर पर बांधे रखें. रात को सिर्फ सोते वक़्त इसको हटायें. एक सप्ताह तक यह प्रयोग करें, आपकी शुगर जड़ से खत्म हो जाएगी.

5. हरी सब्जी, दाल, दही का सेवन अधिक करना चाहिए. करेले की सब्जी या कच्चा करेला और जामुन खाना चाहिए. कई बार तो जामुन के पत्तों का जूस भी शुगर में लाभकारी होता है.


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