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पीलिया से बचाव के घरेलू उपचार (Home Remedies For Jaundice)

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पीलिया रोग सूक्ष्म विषाणु के कारण होता है। इस रोग के होने पर व्यक्ति के नाखुन और आंखें पीली दिखाई देती हैं। चिकित्सा की भाषा में पीलिया को वायरल हैपेटाइटिस (Viral Hepatitis) कहते हैं। पीलिया रोग साफ-सफाई के अभाव में या दूषित पानी और भोजन के सेवन के कारण होता है।

पीलिया रोग के होने पर व्यक्ति को भूख न लगना, बुखार रहना, जी मिचलाना, सिर में दर्द होना, पेशाब का पीला आना तथा कमजोरी व थकान लगना, जैसे लक्षण नजर आते हैं। पीलिया होने पर व्यक्ति का लीवर प्रभावित होता है। यदि समय रहते पीलिया रोग का उपचार न किया जाए तो व्यक्ति की मृत्यु भी हो सकती है।

 

जानें पीलिया से बचाव के घरेलू उपचार (Home Remedies for Jaundice)

1. टमाटर का रस (Tomato juice)- पीलिया होने पर एक गिलास टमाटर के रस में एक चुटकी नमक और काली मिर्च मिलाकर सुबह खाली पेट पीएं। आराम मिलेगा।

2. मूली की पत्ती (Radish leaves)- मूली की पत्तियों को पीसकर, उसका रस निकालें। लगभग आधा लीटर मूली की पत्तियों का रस रोजाना पीएं। दस दिन के भीतर रोगी को पीलिया से आराम मिलेगा।oldveda-old-veda-logo-banner-health-lifestyle-ayurveda

3. पपीते की पत्ती  (Papaya leaves)- एक चम्मच पपीते की पत्ती के पेस्ट में एक चम्मच शहद मिलाकर, रोजाना तकरीबन दो हफ्तों तक खाएं। पीलिया के उपचार के लिए यह बेहद फायदेमंद घरेलू नुस्खा है।

4. गन्ना (Sugarcane)- गन्ना, पाचन क्रिया को दुरूस्त करता है साथ ही लीवर को भी बेहतर तरीके से कार्य करने में मदद करता है। उपचार के लिए एक गिलास गन्ने के रस में नींबू का रस मिलाकर रोजाना दो बार पीएं।

5. तुलसी की पत्ती (Basil leaves)- तुलसी की दस से पन्द्रह पत्ती का पेस्ट बनाकर, गाजर के रस में मिला लें। इस रस को रोजाना, दो से तीन हफ्तों तक पीएं। पीलिया रोग से राहत मिलेगी।

6. जौ (Barley)- एक कप जौ को तीन लीटर पानी में अच्छी तरह उबाल लें और तीन घंटे तक ढक कर रख दें। इस पानी को दिन में कई बार पीएं।

7. नींबू  (Lemon)- नींबू लीवर को क्षतिग्रस्त होने से बचाता है। एक गिलास पानी में दो नींबू निचोड़ें और पीएं।

8. बादाम (Almond)- बादाम की 8 गिरी, 2 खजूर और 5 इलायची को पानी में रातभर भिगाकर रखें। सुबह सबके छिलके उतारकर, पीसकर, पेस्ट तैयार करें। इसमें थोड़ा सा मक्खन और चीनी मिलकर खाएं।

9. हल्दी (Turmeric)- एक गिलास गुनगुना पानी लें और उसमें हल्दी मिलायें, इस पानी को दिन भर में तीन से चार बार पीएं। पीलिया के उपचार के लिए बेहद प्रभावी उपाय है।

10. छाछ (Buttermilk)- पीलिया होने पर छाछ बेहद लाभकारी है। दही को मथकर छाछ तैयार करें और इसमें काली मिर्च और भुना जीरा मिलाकर पीएं।

11. केला  (Banana)- पके हुए केले को कुचलकर, उसमें शहद मिलायें। इस तरह के केले को दिन में दो बार खाएं।

12. गाजर का रस (Carrot juice)- गाजर का ताजा रस निकालकर पीएं, पीलिया में राहत मिलेगी।

13. बेल की पत्ती (Wood apple leaves)– बेल की पत्ती को पीसकर पाउडर बना लें। इस पाउडर को पानी में मिलाकर रोजाना पीएं। पीलिया के उपचार के लिए बेहद प्रभावी उपाय है।

14. कैमोमाइल चाय (Chamomile tea)- कैमोमाइल पीलिया रोग में बेहद लाभकारी है। कैमोमाइल की पत्तियों की चाय बनाकर पीने से पीलिया रोग जल्दी ठीक होता है। इस चाय को पीलिया ठीक होने के बाद भी पीना जारी रख सकते हैं।

15. आंवला (Gooseberry)- आंवला विटामिन सी से भरपूर होता है। पीलिया रोग में आंवले का सेवन करने से बेहद लाभ होता है। आंवले के सेवन से लीवर भी मजबूत होता है।


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Body Care

इन अासान तरीकोें से करें बवासीर को दूर

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बवासीर की बीमारी एक एेसा असहनीय दर्द है जो दो तरह का होता है अंदरूनी अौर बाहरी। अंदरूनी में नसों की सूजन नहीं दिखती लेकिन महसूस होती है अौर दूसरा बाहरी बवासीर में सूजन बाहर दिखती है। इस बीमारी का पता बड़ी ही अासानी से लग जाता है जैसे मलाशय में दर्द या जलन होना फिर इसके बाद रक्तस्राव, खुजली होना। इस बीमारी से छुटकारा पाने के लिए हम पता नहीं कितनी दवाईयों का सेवन करते लेकिन इनका ज्यादा कोई असर नहीं होता। अाप कुछ घरेलू तरीके अपनाकर भी इस इस समस्या से छुटकारा पा सकते है। आइए जानते है ये तरीके…
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1. फाइबर युक्त आहार
अगर अाप अपने पाचन को सही रखना चाहते है तो फाइबर युक्त अाहार का सेवन करें। खाने में साबुत अनाज, ताजे फल और हरी सब्जियों को अधिक शामिल करें।
2. छाछ
छाछ काफी हद तक बवासीर में फायदेमंद होता है। 2 लीटर छाछ में 50 ग्राम पिसा हुआ जीरा और स्‍वादानुसार नमक मिला लें और प्यास लगने पर इसी का सेवन करें।
3. दही 
रोजाना दही का सेवन करने से बवासीर होने की संभावना कम होती है अौर शरीर को फायदा मिलता है।
4. जीरा
जीरे को भूनकर मिश्री के साथ मिलाकर चूसने से फायदा मिलता है या आधा चम्‍मच जीरा पाऊडर एक गिलास पानी के साथ मिक्स करके पीएं।
5. अंजीर
सूखे अंजीर को लेकर रात भर के लिए गर्म पानी में भिगो दें और सुबह खाली पेट लें।  इसको खाने से फायदा होता है।
6. तिल
बवासीर को रोकने के लिए 10-12 ग्राम धुले हुए काले तिल को एक ग्राम मक्खन के साथ मिलाकर लेने से जल्द अाराम मिलता है।

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Dengue

इस तरह डेंगू से करें खुद का बचाव

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मच्छरों से फैलने वाले रोग डेंगू, मलेरिया होना अाम है लेकिन अाजकल डेंगू का रोग काफी वायरल हो रहा है। यह संक्रमित बीमारी मच्छरों के काटने से होती है जिसके बाद बुखार अाने लगते है। एेसे में हम कुछ सावधानियां बरत कर इस रोग से बच सकते है।  अाज हम अापको डेंगू के लक्षण,कारण अौर उपचार के बारे में बताएंगे जिनको फॉलो कर अाप अपने अाप को इस रोग से बचा सकते है।
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डेंगू के लक्षण
– शरीर के हिस्सों पर लाल रंग के निशान
– सिरदर्द
– तेज बुखार
– उल्टी अौर दस्त
– शरीर में दर्द
– कई बार नाक से खून निकलना
यह सब लक्षण मच्छर के काटने के 7-8 दिन बाद दिखाई देते है। कई बार यह काफी सामान्य लक्षण होते है जिसको हम नॉर्मल फ्लू समझते है। इन लक्षणों के होने पर तुरंत डॉक्टर के पास जाएं।
डेंगू होने के कारण 
– घरों के अास-पास जमा हुअा पानी
– संक्रमित पानी अौर खाना
डेंगू के उपचार के लिए कुछ जरूरी बातों का रखें ध्यान 
– इससे बचने के लिए अाराम करों अौर लिक्विड लेना चाहिए।
– अपने घर के अास-पास सफाई रखें।
– किसी भी जगह पर पानी खड़ा ना होने दें।
– मच्छरों का खात्मा करने के लिए दवाई छिड़के।
– पीने के पानी को हमेसा किसी चीज से ढक कर रखें।
– खून की कमी को पूरा करने वाले अाहार का सेवन करें।
डेंगू का रामबाण इलाज 
1. गिलोय
गिलोय बॉडी को इंफेक्शन से बचाने में मदद करत है। इसके तने को उबालकर हर्बल ड्रिंक की तरह पीने से डेंगू से छुटकारा मिलता है।
2. पपीते के पत्ते
पपीते के पत्तों का जूस बनाकर कर पीने से डेंगू अौर बॉडी से टॉक्सिन बाहर निकालने में मदद करते हैं।
3. मेथी के पत्ते
यह पत्तियां डेंगू के बुखार को कम करने के लिए सहायक हैं। मेथी की पत्तियों को पानी में मिलाकर उसका जूस पीएं। इसके अलावा, मेथी पाऊडर को भी पानी में मिलाकर पी सकते हैं।
4. गोल्डनसील
इस हर्ब का इस्तेमाल दवाई बनाने के लिए किया जाता है। इस हर्ब में डेंगू बुखार को बहुत तेजी से खत्म कर शरीर में से डेंगू के वायरस को खत्म करने की क्षमता होती है। इसका चूर्ण या जूस पीकर लाभ उठाया जा सकता है।
5. हल्दी
डेंगू बुखार होने पर हल्दी को दूध में मिलाकर पीने से अाराम मिलता है।

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Body Care

चिकनगुनिया को रखें खुद से दूर, जानिए कैसे ?

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मौसम बदलने के साथ साथ बहुत सारे वायरल रोग भी फैलते हैं। इन दिनों वायरल फीवर, खांसी-जुकाम की परेशानी आम सुनने को मिल रही हैं।  सबसे पहले तो बाहर के खाने से परहेज करें और साफ सुथरा स्वस्थ भोजन खाएं। इन दिनों चिकनगुनिया भी काफी तेजी से फैल रहा है। यह रोग ऐसे हैं जो संक्रमण और साफ सफाई ना होने की वजह से फैलते हैं। दिल्ली में तो चिकनगुनिया ने हड़कंप मचा रखा है।

चिकनगुनिया मच्छर के काटने से ही होता है जिससे रोगी बुखार खांसी, जुकाम से ग्रस्ति हो जाता है। इस रोग की गंभीर बात यह है कि इस रोग से बचने के लिए कोई टीका नहीं है। आमतौर पर चिकनगुनिया का मच्छर दिन में काटता है इसलिए दिन में भी मच्छर कॉयल जलाकर रखें।

चिकनगुनिया को रखें खुद से दूर, जानिए कैसे ?

चिकनगुनिया को रखें खुद से दूर, जानिए कैसे ?

लक्षण
– जोड़ों में दर्द
-100 डिग्री के आस-पास बुखार।
– शरीर पर लाल रंग के रैशेज बन जाते हैं।
– भूख नहीं लगती और थकान
– सिर में दर्द और खांसी-जुकाम

बचाव
– आस-पास साफ-सफाई का ध्यान रखें।
– मच्छरदानी का प्रयोग करें।
– खुद ही डॉक्टर बन दवाई ना खाएं। चेकअप जरूर करवाएं।
– खूब पानी पीजिए।
– बाहर का खाना ना खाएं
– खिड़की-दरवाजों को बंद रखें ताकि मच्छर घर में प्रवेश ना कर पाएं।
– पूरे ढके कपड़े पहनें।


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