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पैंक्रियाटिटिस या अग्नाशयशोथ के घरेलू उपचार (Home Remedies For Pancreatitis)

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पैंक्रियाटिटिस (Pancreatitis) यानि अग्नाशयशोथ में मनुष्य के शरीर में कुछ रसायनिक परिवर्तन तेजी से होते हैं, जिससे व्यक्ति के फेंफड़े प्रभावित होते हैं। इस दौरान रक्त में ऑक्सीजन का स्तर कम हो जाता है। कोशिकाओं में इंसुलिन का उत्पादन होने लगता है, व्यक्ति को शुगर भी हो जाती है, फलस्वरूप अग्नाशयशोथ से व्यक्ति ग्रसित हो जाता होता है।

अग्नाशय (Pancreas) में बार-बार संक्रमण से अग्नाशयशोथ का खतरा बना रहता है। कई बार यह संक्रमण गंभीर भी हो जाते हैं जिससे संक्रमित ऊतक निकालने के लिए ऑपरेशन भी करना पड़ सकता है। अग्नाशयशोथ में एंजाइम का स्तर कम होने लगता है जो कि हमारे द्वारा खाये गये खाने को पचाने के जिम्मेदार होते हैं।

एंजाइम की कमी होने से वजन घटने लगता है और लूज मोशन भी हो सकते हैं। ऐसे में शरीर में अल्सर बनने लगता है। सबसे खतरनाक स्थिति तब बनती है यदि यह अल्सर आंतरिक रक्तस्त्राव करने लगे।

अग्नाशयशोथ से बचने के लिए वसा की कम से कम मात्रा आहार में लेनी चाहिए तथा चाय, कॉफी और शराब आदि का भी इस्तेमाल कम से कम करना चाहिए।

आइए आपको कुछ घरेलू उपाय बताते हैं जिन्हें समय रहेत अपनाकर आप शरीर को अग्नाशयशोथ से बचा सकते हैं।

दही (Curd)

पाचन तंत्र में संतुलन को बनाए रखने के लिए दही में मौजूद जीवित बैक्टीरिया काफी प्रभावशाली होते हैं। यह प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने में भी मदद करते हैं।

पालक (Spinach)

पालक में एंटीऑक्सीडेंट की प्रचुर मात्रा होती है जो कि प्रतिरक्षा को बढ़ावा देती है। पालक का इस्तेमाल साग बनाकर या इसके साथ आलू और पनीर मिलाकर सब्जी के रूप में प्रयोग कर सकते हैं। पालक का जूस भी पी सकते हैं।oldveda-logo-272

सब्जी का सूप (Vegetable Soup)

सब्जियां एंटीऑक्सीडेंट से भरी होती हैं जो कि और अग्न्याशय के लिए हर प्रकार से अच्छी होती हैं। सूप भी शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करते हैं।

ब्लूबेरी (Blueberry)

ब्लूबेरी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट अग्नाशयशोथ बढ़ाने में मौजूद कणों का नष्ट कर देता है।

काला अंगूर (Black Grapes)

काले अंगूर में महत्वपूर्ण एंटीऑक्सीडेंट  शामिल होते हैं। जो कि अग्नाशय के लिए बेहद फायदेमंद हैं।

टोफू (Bean Curd)

खून में वसा की बड़ी हुई मात्रा से अग्नाशयशोथ हो सकता है। ऐसे में टोफू खाने से वसा नहीं फैलती और यह जल्दी पचने में भी सहायक है।

सोया (Soybean)

सोयाबीन को भी कई तरह से अपने भोजन में इस्तेमाल करके अग्नाशयशोथ से बचा जा सकता है।

पानी (Water)

यदि आप पेट में बहुत ज्यादा जलन और अग्नाशयशोथ से परेशान हैं तो आपको एक पूरा दिन फास्ट रखकर केवल पानी पर ध्यान देना चाहिए। जितना ज्यादा पानी पीएंगे उतना ही जल्दी आपको आराम  मिलेगा।

हल्दी (Turmeric)

रोग से बचने के लिए हल्दी और दूध भी बेहतरीन काम करते हैं। इसके लिए दूध में हल्दी पाउडर डालकर उबालें और उसे गुनगुना या कमरे के तापमान पर ठंडा करके पिएं।

नींबू (Lemon)

सुबह सबसे पहले पानी में नींबू डालकर पीने से भी रोगी को काफी राहत हो सकती है।

हर्बल टी (Herbal Tea)

चाय- कॉफी और शराब की जगह हर्बल टी का प्रयोग करें। यह शरीर के विषाक्त पदार्थों को बाहर कर शरीर को स्वस्थ् रखने में ज्यादा सक्षम है।

ग्रीन ड्रिंक (Green Drink)

खीरा, अदरक और नींबू को मिलाकर एक ग्रीन पेय तैयार करें। इसके लिए सभी पदार्थों को मिक्सी में डालकर पीस लें। इसके बाद इसमें स्वादानुसार नमक और काली मिर्च डालकर पीएं। यह पेय भी अग्नाशयशोथ में बेहद प्रभावशाली है। आप चाहें तो इसमें कई सब्जियों को मिलाकर भी उनका जूस पी सकते हैं।


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Body Care

इन अासान तरीकोें से करें बवासीर को दूर

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बवासीर की बीमारी एक एेसा असहनीय दर्द है जो दो तरह का होता है अंदरूनी अौर बाहरी। अंदरूनी में नसों की सूजन नहीं दिखती लेकिन महसूस होती है अौर दूसरा बाहरी बवासीर में सूजन बाहर दिखती है। इस बीमारी का पता बड़ी ही अासानी से लग जाता है जैसे मलाशय में दर्द या जलन होना फिर इसके बाद रक्तस्राव, खुजली होना। इस बीमारी से छुटकारा पाने के लिए हम पता नहीं कितनी दवाईयों का सेवन करते लेकिन इनका ज्यादा कोई असर नहीं होता। अाप कुछ घरेलू तरीके अपनाकर भी इस इस समस्या से छुटकारा पा सकते है। आइए जानते है ये तरीके…
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1. फाइबर युक्त आहार
अगर अाप अपने पाचन को सही रखना चाहते है तो फाइबर युक्त अाहार का सेवन करें। खाने में साबुत अनाज, ताजे फल और हरी सब्जियों को अधिक शामिल करें।
2. छाछ
छाछ काफी हद तक बवासीर में फायदेमंद होता है। 2 लीटर छाछ में 50 ग्राम पिसा हुआ जीरा और स्‍वादानुसार नमक मिला लें और प्यास लगने पर इसी का सेवन करें।
3. दही 
रोजाना दही का सेवन करने से बवासीर होने की संभावना कम होती है अौर शरीर को फायदा मिलता है।
4. जीरा
जीरे को भूनकर मिश्री के साथ मिलाकर चूसने से फायदा मिलता है या आधा चम्‍मच जीरा पाऊडर एक गिलास पानी के साथ मिक्स करके पीएं।
5. अंजीर
सूखे अंजीर को लेकर रात भर के लिए गर्म पानी में भिगो दें और सुबह खाली पेट लें।  इसको खाने से फायदा होता है।
6. तिल
बवासीर को रोकने के लिए 10-12 ग्राम धुले हुए काले तिल को एक ग्राम मक्खन के साथ मिलाकर लेने से जल्द अाराम मिलता है।

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Dengue

इस तरह डेंगू से करें खुद का बचाव

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मच्छरों से फैलने वाले रोग डेंगू, मलेरिया होना अाम है लेकिन अाजकल डेंगू का रोग काफी वायरल हो रहा है। यह संक्रमित बीमारी मच्छरों के काटने से होती है जिसके बाद बुखार अाने लगते है। एेसे में हम कुछ सावधानियां बरत कर इस रोग से बच सकते है।  अाज हम अापको डेंगू के लक्षण,कारण अौर उपचार के बारे में बताएंगे जिनको फॉलो कर अाप अपने अाप को इस रोग से बचा सकते है।
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डेंगू के लक्षण
– शरीर के हिस्सों पर लाल रंग के निशान
– सिरदर्द
– तेज बुखार
– उल्टी अौर दस्त
– शरीर में दर्द
– कई बार नाक से खून निकलना
यह सब लक्षण मच्छर के काटने के 7-8 दिन बाद दिखाई देते है। कई बार यह काफी सामान्य लक्षण होते है जिसको हम नॉर्मल फ्लू समझते है। इन लक्षणों के होने पर तुरंत डॉक्टर के पास जाएं।
डेंगू होने के कारण 
– घरों के अास-पास जमा हुअा पानी
– संक्रमित पानी अौर खाना
डेंगू के उपचार के लिए कुछ जरूरी बातों का रखें ध्यान 
– इससे बचने के लिए अाराम करों अौर लिक्विड लेना चाहिए।
– अपने घर के अास-पास सफाई रखें।
– किसी भी जगह पर पानी खड़ा ना होने दें।
– मच्छरों का खात्मा करने के लिए दवाई छिड़के।
– पीने के पानी को हमेसा किसी चीज से ढक कर रखें।
– खून की कमी को पूरा करने वाले अाहार का सेवन करें।
डेंगू का रामबाण इलाज 
1. गिलोय
गिलोय बॉडी को इंफेक्शन से बचाने में मदद करत है। इसके तने को उबालकर हर्बल ड्रिंक की तरह पीने से डेंगू से छुटकारा मिलता है।
2. पपीते के पत्ते
पपीते के पत्तों का जूस बनाकर कर पीने से डेंगू अौर बॉडी से टॉक्सिन बाहर निकालने में मदद करते हैं।
3. मेथी के पत्ते
यह पत्तियां डेंगू के बुखार को कम करने के लिए सहायक हैं। मेथी की पत्तियों को पानी में मिलाकर उसका जूस पीएं। इसके अलावा, मेथी पाऊडर को भी पानी में मिलाकर पी सकते हैं।
4. गोल्डनसील
इस हर्ब का इस्तेमाल दवाई बनाने के लिए किया जाता है। इस हर्ब में डेंगू बुखार को बहुत तेजी से खत्म कर शरीर में से डेंगू के वायरस को खत्म करने की क्षमता होती है। इसका चूर्ण या जूस पीकर लाभ उठाया जा सकता है।
5. हल्दी
डेंगू बुखार होने पर हल्दी को दूध में मिलाकर पीने से अाराम मिलता है।

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Body Care

चिकनगुनिया को रखें खुद से दूर, जानिए कैसे ?

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मौसम बदलने के साथ साथ बहुत सारे वायरल रोग भी फैलते हैं। इन दिनों वायरल फीवर, खांसी-जुकाम की परेशानी आम सुनने को मिल रही हैं।  सबसे पहले तो बाहर के खाने से परहेज करें और साफ सुथरा स्वस्थ भोजन खाएं। इन दिनों चिकनगुनिया भी काफी तेजी से फैल रहा है। यह रोग ऐसे हैं जो संक्रमण और साफ सफाई ना होने की वजह से फैलते हैं। दिल्ली में तो चिकनगुनिया ने हड़कंप मचा रखा है।

चिकनगुनिया मच्छर के काटने से ही होता है जिससे रोगी बुखार खांसी, जुकाम से ग्रस्ति हो जाता है। इस रोग की गंभीर बात यह है कि इस रोग से बचने के लिए कोई टीका नहीं है। आमतौर पर चिकनगुनिया का मच्छर दिन में काटता है इसलिए दिन में भी मच्छर कॉयल जलाकर रखें।

चिकनगुनिया को रखें खुद से दूर, जानिए कैसे ?

चिकनगुनिया को रखें खुद से दूर, जानिए कैसे ?

लक्षण
– जोड़ों में दर्द
-100 डिग्री के आस-पास बुखार।
– शरीर पर लाल रंग के रैशेज बन जाते हैं।
– भूख नहीं लगती और थकान
– सिर में दर्द और खांसी-जुकाम

बचाव
– आस-पास साफ-सफाई का ध्यान रखें।
– मच्छरदानी का प्रयोग करें।
– खुद ही डॉक्टर बन दवाई ना खाएं। चेकअप जरूर करवाएं।
– खूब पानी पीजिए।
– बाहर का खाना ना खाएं
– खिड़की-दरवाजों को बंद रखें ताकि मच्छर घर में प्रवेश ना कर पाएं।
– पूरे ढके कपड़े पहनें।


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