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Health A-Z

सोने के बाद ऐसे उठें

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1. अपनी दायीं तरफ घूमें

जब आप उठें, तो अपनी दायीं तरफ घूमें और फिर बिस्तर से बाहर आएं, क्योंकि नींद से उठते समय मेटाबोलिक प्रक्रिया बहुत धीमी होती है। ऐसे में अचानक से बिस्तर छोड़ने पर दिल पर दबाव पड़ेगा।

2. अपने हाथों को मसलें

सुबह बिस्तर से उठने से पहले अपने हाथों को मसलें और अपनी हथेलियों को अपनी आँखों पर लगाएं। हथेलियों को मसलने से हाथों में स्थित सभी नाड़ियां सक्रीय हो जाती हैं और आपका सिस्टम जल्दी से सजग हो जाता है।

3. मुस्कुराएं

सुबह उठ कर मुस्कुराएं! किसे देख कर? किसी को नहीं! क्योंकि आपका सुबह उठना अपने आप में एक बड़ी बात है। लाखों ऐसे लोग हैं जो कल रात सोये और आज सुबह नहीं उठे, लेकिन आप और मैं सुबह उठ गए। क्या यह बड़ी बात नहीं है? इसलिए मुस्कुराएं।
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सोने की सही और गलत दिशा

आपका दिल आपके शरीर विज्ञान का एक अहम पहलू है। वह स्टेशन जो शरीर में जीवन भरता है, जो अगर न हो, तो कुछ नहीं होता, आपके बाईं ओर से शुरू होता है। भारत में हमेशा यह संस्कृति रही है कि जागने के बाद आपको अपने दाहिनी ओर करवट लेकर फिर बिस्तर छोड़ना चाहिए। जब आपका शरीर आराम की एक खास अवस्था में होता है, तो उसकी मेटाबोलिक क्रिया धीमी हो जाती है। जब आप जागते हैं, तो शरीर अचानक सक्रिय हो जाता है। इसलिए आपको अपने दाहिनी ओर करवट लेकर फिर उठना चाहिए क्योंकि कम मेटाबोलिक सक्रियता में अगर आप अचानक बाईं करवट लेते हैं तो आप अपने दिल के तंत्र पर दबाव डालेंगे।

नींद से उठने के बाद यह करें

पारंपरिक रूप से आपसे यह भी कहा जाता है कि सुबह उठने से पहले आपको अपनी हथेलियां रगड़नी चाहिए और अपनी हथेलियों को अपनी आंखों पर रखना चाहिए। कहा जाता है कि ऐसा करने पर आपको भगवान दिख सकते हैं। इसका संबंध भगवान के दिखने से नहीं है।

आपके हाथों में नाड़ियों का एक भारी जाल है। अगर आप अपनी हथेलियां रगड़ते हैं, तो सभी नाड़ियां सक्रिय हो जाती हैं और शरीर तत्काल सजग हो जाता है। सुबह जगने पर भी अगर आप सुस्त महसूस करते हैं, तो ऐसा करके देखिए, आपका पूरा शरीर तत्काल सजग हो जाएगा। तत्काल आपकी आंखों और आपकी इंद्रियों के दूसरे पहलुओं से जुड़ी सारी नाड़ियां सजग हो जाती हैं। शरीर को हिलाने से पहले आपका शरीर और दिमाग दोनों सक्रिय होने चाहिए। आपको सुस्त नहीं उठना चाहिए, इसका मकसद यही है।

१.  जानिए सोते समय किस दिशा में रखने चाहिए सिर व पैर और क्यों?

२. कब सोना चाहिए, कैसे सोना चाहिए और कितना सोना चाहिए


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Body Care

इन अासान तरीकोें से करें बवासीर को दूर

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बवासीर की बीमारी एक एेसा असहनीय दर्द है जो दो तरह का होता है अंदरूनी अौर बाहरी। अंदरूनी में नसों की सूजन नहीं दिखती लेकिन महसूस होती है अौर दूसरा बाहरी बवासीर में सूजन बाहर दिखती है। इस बीमारी का पता बड़ी ही अासानी से लग जाता है जैसे मलाशय में दर्द या जलन होना फिर इसके बाद रक्तस्राव, खुजली होना। इस बीमारी से छुटकारा पाने के लिए हम पता नहीं कितनी दवाईयों का सेवन करते लेकिन इनका ज्यादा कोई असर नहीं होता। अाप कुछ घरेलू तरीके अपनाकर भी इस इस समस्या से छुटकारा पा सकते है। आइए जानते है ये तरीके…
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1. फाइबर युक्त आहार
अगर अाप अपने पाचन को सही रखना चाहते है तो फाइबर युक्त अाहार का सेवन करें। खाने में साबुत अनाज, ताजे फल और हरी सब्जियों को अधिक शामिल करें।
2. छाछ
छाछ काफी हद तक बवासीर में फायदेमंद होता है। 2 लीटर छाछ में 50 ग्राम पिसा हुआ जीरा और स्‍वादानुसार नमक मिला लें और प्यास लगने पर इसी का सेवन करें।
3. दही 
रोजाना दही का सेवन करने से बवासीर होने की संभावना कम होती है अौर शरीर को फायदा मिलता है।
4. जीरा
जीरे को भूनकर मिश्री के साथ मिलाकर चूसने से फायदा मिलता है या आधा चम्‍मच जीरा पाऊडर एक गिलास पानी के साथ मिक्स करके पीएं।
5. अंजीर
सूखे अंजीर को लेकर रात भर के लिए गर्म पानी में भिगो दें और सुबह खाली पेट लें।  इसको खाने से फायदा होता है।
6. तिल
बवासीर को रोकने के लिए 10-12 ग्राम धुले हुए काले तिल को एक ग्राम मक्खन के साथ मिलाकर लेने से जल्द अाराम मिलता है।

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Dengue

इस तरह डेंगू से करें खुद का बचाव

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मच्छरों से फैलने वाले रोग डेंगू, मलेरिया होना अाम है लेकिन अाजकल डेंगू का रोग काफी वायरल हो रहा है। यह संक्रमित बीमारी मच्छरों के काटने से होती है जिसके बाद बुखार अाने लगते है। एेसे में हम कुछ सावधानियां बरत कर इस रोग से बच सकते है।  अाज हम अापको डेंगू के लक्षण,कारण अौर उपचार के बारे में बताएंगे जिनको फॉलो कर अाप अपने अाप को इस रोग से बचा सकते है।
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डेंगू के लक्षण
– शरीर के हिस्सों पर लाल रंग के निशान
– सिरदर्द
– तेज बुखार
– उल्टी अौर दस्त
– शरीर में दर्द
– कई बार नाक से खून निकलना
यह सब लक्षण मच्छर के काटने के 7-8 दिन बाद दिखाई देते है। कई बार यह काफी सामान्य लक्षण होते है जिसको हम नॉर्मल फ्लू समझते है। इन लक्षणों के होने पर तुरंत डॉक्टर के पास जाएं।
डेंगू होने के कारण 
– घरों के अास-पास जमा हुअा पानी
– संक्रमित पानी अौर खाना
डेंगू के उपचार के लिए कुछ जरूरी बातों का रखें ध्यान 
– इससे बचने के लिए अाराम करों अौर लिक्विड लेना चाहिए।
– अपने घर के अास-पास सफाई रखें।
– किसी भी जगह पर पानी खड़ा ना होने दें।
– मच्छरों का खात्मा करने के लिए दवाई छिड़के।
– पीने के पानी को हमेसा किसी चीज से ढक कर रखें।
– खून की कमी को पूरा करने वाले अाहार का सेवन करें।
डेंगू का रामबाण इलाज 
1. गिलोय
गिलोय बॉडी को इंफेक्शन से बचाने में मदद करत है। इसके तने को उबालकर हर्बल ड्रिंक की तरह पीने से डेंगू से छुटकारा मिलता है।
2. पपीते के पत्ते
पपीते के पत्तों का जूस बनाकर कर पीने से डेंगू अौर बॉडी से टॉक्सिन बाहर निकालने में मदद करते हैं।
3. मेथी के पत्ते
यह पत्तियां डेंगू के बुखार को कम करने के लिए सहायक हैं। मेथी की पत्तियों को पानी में मिलाकर उसका जूस पीएं। इसके अलावा, मेथी पाऊडर को भी पानी में मिलाकर पी सकते हैं।
4. गोल्डनसील
इस हर्ब का इस्तेमाल दवाई बनाने के लिए किया जाता है। इस हर्ब में डेंगू बुखार को बहुत तेजी से खत्म कर शरीर में से डेंगू के वायरस को खत्म करने की क्षमता होती है। इसका चूर्ण या जूस पीकर लाभ उठाया जा सकता है।
5. हल्दी
डेंगू बुखार होने पर हल्दी को दूध में मिलाकर पीने से अाराम मिलता है।

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Body Care

चिकनगुनिया को रखें खुद से दूर, जानिए कैसे ?

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मौसम बदलने के साथ साथ बहुत सारे वायरल रोग भी फैलते हैं। इन दिनों वायरल फीवर, खांसी-जुकाम की परेशानी आम सुनने को मिल रही हैं।  सबसे पहले तो बाहर के खाने से परहेज करें और साफ सुथरा स्वस्थ भोजन खाएं। इन दिनों चिकनगुनिया भी काफी तेजी से फैल रहा है। यह रोग ऐसे हैं जो संक्रमण और साफ सफाई ना होने की वजह से फैलते हैं। दिल्ली में तो चिकनगुनिया ने हड़कंप मचा रखा है।

चिकनगुनिया मच्छर के काटने से ही होता है जिससे रोगी बुखार खांसी, जुकाम से ग्रस्ति हो जाता है। इस रोग की गंभीर बात यह है कि इस रोग से बचने के लिए कोई टीका नहीं है। आमतौर पर चिकनगुनिया का मच्छर दिन में काटता है इसलिए दिन में भी मच्छर कॉयल जलाकर रखें।

चिकनगुनिया को रखें खुद से दूर, जानिए कैसे ?

चिकनगुनिया को रखें खुद से दूर, जानिए कैसे ?

लक्षण
– जोड़ों में दर्द
-100 डिग्री के आस-पास बुखार।
– शरीर पर लाल रंग के रैशेज बन जाते हैं।
– भूख नहीं लगती और थकान
– सिर में दर्द और खांसी-जुकाम

बचाव
– आस-पास साफ-सफाई का ध्यान रखें।
– मच्छरदानी का प्रयोग करें।
– खुद ही डॉक्टर बन दवाई ना खाएं। चेकअप जरूर करवाएं।
– खूब पानी पीजिए।
– बाहर का खाना ना खाएं
– खिड़की-दरवाजों को बंद रखें ताकि मच्छर घर में प्रवेश ना कर पाएं।
– पूरे ढके कपड़े पहनें।


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