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Herbs & Spices

कलौंजी : बड़ी से बड़ी बीमारी का एक इलाज

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“मौत को छोड कर हर मर्ज की दवाई है कलौंजी…..! “

कलयुग में धरती पर संजीवनी है कलौंजी, अनगिनत रोगों को चुटकियों में ठीक करता है। कैसे करें इसका सेवन : कलौंजी के बीजों का सीधा सेवन किया जा सकता है। एक छोटा चम्मच कलौंजी को शहद में मिश्रित करके इसका सेवन करें। पानी में कलौंजी उबालकर छान लें और इसे पीएं। दूध में कलौंजी उबालें। ठंडा होने दें फिर इस मिश्रण को पीएं। कलौंजी को ग्राइंड करें तथा पानी तथा दूध के साथ इसका सेवन करें। कलौंजी को ब्रैड, पनीर तथा पेस्ट्रियों पर छिड़क कर इसका सेवन करें।

ये किन -किन रोगों में सहायक है :-

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टाइप-2 डायबिटीज
प्रतिदिन 2 ग्राम कलौंजी के सेवन के परिणामस्वरूप तेज हो रहा ग्लूकोज कम होता है। इंसुलिन रैजिस्टैंस घटती है,बीटा सैल की कार्यप्रणाली में वृद्धि होती है तथा ग्लाइकोसिलेटिड हीमोग्लोबिन में कमी आती है।

मिर्गी
2007 में हुए एक अध्ययन के अनुसार मिर्गी से पीड़ित बच्चों में कलौंजी के सत्व का सेवन दौरे को कम करता है।

उच्च रक्तचाप
100 या 200 मिलीग्राम कलौंजी के सत्व के दिन में दो बार सेवन से हाइपरटैंशन के मरीजों में ब्लड प्रैशर कम होता है।

Nigella damascena का बीज कोष

दमा :

कलौंजी को पानी में उबालकर इसका सत्व पीने से अस्थमा में काफी अच्छा प्रभाव पड़ता है।

रक्तचाप (ब्लडप्रेशर)
रक्तचाप (ब्लडप्रेशर) में एक कप गर्म पानी में आधा चम्मच कलौंजी का तेल मिलाकर दिन में 2 बार पीने से रक्तचाप सामान्य बना रहता है। तथा 28 मिलीलीटर जैतुन का तेल और एक चम्मच कलौंजी का तेल मिलाकर पूर शरीर पर मालिश आधे घंटे तक धूप में रहने से रक्तचाप में लाभ मिलता है। यह क्रिया हर तीसरे दिन एक महीने तक करना चाहिए।

गंजापन
जली हुई कलौंजी को हेयर ऑइल में मिलाकर नियमित रूप से सिर पर मालिश करने से गंजापन दूर होकर बाल उग आते हैं।

त्वचा के विकार
कलौंजी के चूर्ण को नारियल के तेल में मिलाकर त्वचा पर मालिश करने से त्वचा के विकार नष्ट होते हैं।

लकवा
कलौंजी का तेल एक चौथाई चम्मच की मात्रा में एक कप दूध के साथ कुछ महीने तक प्रतिदिन पीने और रोगग्रस्त अंगों पर कलौंजी के तेल से मालिश करने से लकवा रोग ठीक होता है।

कान की सूजन, बहरापन
कलौंजी का तेल कान में डालने से कान की सूजन दूर होती है। इससे बहरापन में भी लाभ होता है।

सर्दी-जुकाम
कलौंजी के बीजों को सेंककर और कपड़े में लपेटकर सूंघने से और कलौंजी का तेल और जैतून का तेल बराबर की मात्रा में नाक में टपकाने से सर्दी-जुकाम समाप्त होता है। आधा कप पानी में आधा चम्मच कलौंजी का तेल व चौथाई चम्मच जैतून का तेल मिलाकर इतना उबालें कि पानी खत्म हो जाएं और केवल तेल ही रह जाएं। इसके बाद इसे छानकर 2 बूंद नाक में डालें। इससे सर्दी-जुकाम ठीक होता है। यह पुराने जुकाम भी लाभकारी होता है।

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पेट के कीडे़
10 ग्राम कलौंजी को पीसकर 3 चम्मच शहद के साथ रात सोते समय कुछ दिन तक नियमित रूप से सेवन करने से पेट के कीडे़ नष्ट हो जाते हैं।

प्रसव की पीड़ा
कलौंजी का काढ़ा बनाकर सेवन करने से प्रसव की पीड़ा दूर होती है।

पोलियों का रोग
आधे कप गर्म पानी में एक चम्मच शहद व आधे चम्मच कलौंजी का तेल मिलाकर सुबह खाली पेट और रात को सोते समय लें। इससे पोलियों का रोग ठीक होता है।

मुंहासे
सिरके में कलौंजी को पीसकर रात को सोते समय पूरे चेहरे पर लगाएं और सुबह पानी से चेहरे को साफ करने से मुंहासे कुछ दिनों में ही ठीक हो जाते हैं।

स्फूर्ति
स्फूर्ति (रीवायटल) के लिए नांरगी के रस में आधा चम्मच कलौंजी का तेल मिलाकर सेवन करने से आलस्य और थकान दूर होती है।

गठिया
कलौंजी को रीठा के पत्तों के साथ काढ़ा बनाकर पीने से गठिया रोग समाप्त होता है।

जोड़ों का दर्द
एक चम्मच सिरका, आधा चम्मच कलौंजी का तेल और दो चम्मच शहद मिलाकर सुबह खाली पेट और रात को सोते समय पीने से जोड़ों का दर्द ठीक होता है।

आंखों के सभी रोग
आंखों की लाली, मोतियाबिन्द, आंखों से पानी का आना, आंखों की रोशनी कम होना आदि। इस तरह के आंखों के रोगों में एक कप गाजर का रस, आधा चम्मच कलौंजी का तेल और दो चम्मच शहद मिलाकर दिन में 2बार सेवन करें। इससे आंखों के सभी रोग ठीक होते हैं। आंखों के चारों और तथा पलकों पर कलौंजी का तेल रात को सोते समय लगाएं। इससे आंखों के रोग समाप्त होते हैं। रोगी को अचार, बैंगन, अंडा व मछली नहीं खाना चाहिए।

स्नायुविक व मानसिक तनाव
एक कप गर्म पानी में आधा चम्मच कलौंजी का तेल डालकर रात को सोते समय पीने से स्नायुविक व मानसिक तनाव दूर होता है।

गांठ
कलौंजी के तेल को गांठो पर लगाने और एक चम्मच कलौंजी का तेल गर्म दूध में डालकर पीने से गांठ नष्ट होती है।

मलेरिया का बुखार
पिसी हुई कलौंजी आधा चम्मच और एक चम्मच शहद मिलाकर चाटने से मलेरिया का बुखार ठीक होता है।

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स्वप्नदोष
यदि रात को नींद में वीर्य अपने आप निकल जाता हो तो एक कप सेब के रस में आधा चम्मच कलौंजी का तेल मिलाकर दिन में 2 बार सेवन करें। इससे स्वप्नदोष दूर होता है। प्रतिदिन कलौंजी के तेल की चार बूंद एक चम्मच नारियल तेल में मिलाकर सोते समय सिर में लगाने स्वप्न दोष का रोग ठीक होता है। उपचार करते समय नींबू का सेवन न करें।

कब्ज
चीनी 5 ग्राम, सोनामुखी 4 ग्राम, 1 गिलास हल्का गर्म दूध और आधा चम्मच कलौंजी का तेल। इन सभी को एक साथ मिलाकर रात को सोते समय पीने से कब्ज नष्ट होती है।

खून की कमी
एक कप पानी में 50 ग्राम हरा पुदीना उबाल लें और इस पानी में आधा चम्मच कलौंजी का तेल मिलाकर सुबह खाली पेट एवं रात को सोते समय सेवन करें। इससे 21 दिनों में खून की कमी दूर होती है। रोगी को खाने में खट्टी वस्तुओं का उपयोग नहीं करना चाहिए।

पेट दर्द
किसी भी कारण से पेट दर्द हो एक गिलास नींबू पानी में 2 चम्मच शहद और आधा चम्मच कलौंजी का तेल मिलाकर दिन में 2 बार पीएं। उपचार करते समय रोगी को बेसन की चीजे नहीं खानी चाहिए। या चुटकी भर नमक और आधे चम्मच कलौंजी के तेल को आधा गिलास हल्का गर्म पानी मिलाकर पीने से पेट का दर्द ठीक होता है। या फिर 1 गिलास मौसमी के रस में 2 चम्मच शहद और आधा चम्मच कलौंजी का तेल मिलाकर दिन में 2 बार पीने से पेट का दर्द समाप्त होता है।

सिर दर्द
कलौंजी के तेल को ललाट से कानों तक अच्छी तरह मलनें और आधा चम्मच कलौंजी के तेल को 1 चम्मच शहद में मिलाकर सुबह-शाम सेवन करने से सिर दर्द ठीक होता है। कलौंजी खाने के साथ सिर पर कलौंजी का तेल और जैतून का तेल मिलाकर मालिश करें। इससे सिर दर्द में आराम मिलता है और सिर से सम्बंधित अन्य रोगों भी दूर होते हैं।
कलौंजी के बीजों को गर्म करके पीस लें और कपड़े में बांधकर सूंघें। इससे सिर का दर्द दूर होता है। कलौंजी और काला जीरा बराबर मात्रा में लेकर पानी में पीस लें और माथे पर लेप करें। इससे सर्दी के कारण होने वाला सिर का दर्द दूर होता है।

उल्टी
आधा चम्मच कलौंजी का तेल और आधा चम्मच अदरक का रस मिलाकर सुबह-शाम पीने से उल्टी बंद होती है।

हार्निया
3 चम्मच करेले का रस और आधा चम्मच कलौंजी का तेल मिलाकर सुबह खाली पेट एवं रात को सोते समय पीने से हार्निया रोग ठीक होता है।

मिर्गी के दौरें
एक कप गर्म पानी में 2 चम्मच शहद और आधा चम्मच कलौंजी का तेल मिलाकर दिन में तीन बार सेवन करने से मिर्गी के दौरें ठीक होते हैं। मिर्गी के रोगी को ठंडी चीजे जैसे- अमरूद, केला, सीताफल आदि नहीं देना चाहिए।

पीलिया
एक कप दूध में आधा चम्मच कलौंजी का तेल मिलाकर प्रतिदिन 2 बार सुबह खाली पेट और रात को सोते समय 1 सप्ताह तक लेने से पीलिया रोग समाप्त होता है। पीलिया से पीड़ित रोगी को खाने में मसालेदार व खट्टी वस्तुओं का उपयोग नहीं करना चाहिए।

कैंसर का रोग

एक गिलास अंगूर के रस में आधा चम्मच कलौंजी का तेल मिलाकर दिन में 3 बार पीने से कैंसर का रोग ठीक होता है। इससे आंतों का कैंसर, ब्लड कैंसर व गले का कैंसर आदि में भी लाभ मिलता है। इस रोग में रोगी को औषधि देने के साथ ही एक किलो जौ के आटे में 2 किलो गेहूं का आटा मिलाकर इसकी रोटी, दलिया बनाकर रोगी को देना चाहिए। इस रोग में आलू, अरबी और बैंगन का सेवन नहीं करना चाहिए। कैंसर के रोगी को कलौंजी डालकर हलवा बनाकर खाना चाहिए।

दांत
कलौंजी का तेल और लौंग का तेल 1-1 बूंद मिलाकर दांत व मसूढ़ों पर लगाने से दर्द ठीक होता है। आग में सेंधानमक जलाकर बारीक पीस लें और इसमें 2-4 बूंदे कलौंजी का तेल डालकर दांत साफ करें। इससे साफ व स्वस्थ रहते हैं।
दांतों में कीड़े लगना व खोखलापन: रात को सोते समय कलौंजी के तेल में रुई को भिगोकर खोखले दांतों में रखने से कीड़े नष्ट होते हैं।

नींद
रात में सोने से पहले आधा चम्मच कलौंजी का तेल और एक चम्मच शहद मिलाकर पीने से नींद अच्छी आती है।

मासिकधर्म
कलौंजी आधा से एक ग्राम की मात्रा में सुबह-शाम सेवन करने से मासिकधर्म शुरू होता है। इससे गर्भपात होने की संभावना नहीं रहती है।
जिन माताओं बहनों को मासिकधर्म कष्ट से आता है उनके लिए कलौंजी आधा से एक ग्राम की मात्रा में सेवन करने से मासिकस्राव का कष्ट दूर होता है और बंद मासिकस्राव शुरू हो जाता है।
कलौंजी का चूर्ण 3 ग्राम की मात्रा में शहद मिलाकर चाटने से ऋतुस्राव की पीड़ा नष्ट होती है।
मासिकधर्म की अनियमितता में लगभग आधा से डेढ़ ग्राम की मात्रा में कलौंजी के चूर्ण का सेवन करने से मासिकधर्म नियमित समय पर आने लगता है।
यदि मासिकस्राव बंद हो गया हो और पेट में दर्द रहता हो तो एक कप गर्म पानी में आधा चम्मच कलौंजी का तेल और दो चम्मच शहद मिलाकर सुबह-शाम पीना चाहिए। इससे बंद मासिकस्राव शुरू हो जाता है।

गर्भवती महिलाओं
कलौंजी आधा से एक ग्राम की मात्रा में प्रतिदिन 2-3 बार सेवन करने से मासिकस्राव शुरू होता है।

गर्भवती महिलाओं को इसका सेवन नहीं कराना चाहिए क्योंकि इससे गर्भपात हो सकता है।

स्तनों का आकार
कलौंजी आधे से एक ग्राम की मात्रा में प्रतिदिन सुबह-शाम पीने से स्तनों का आकार बढ़ता है और स्तन सुडौल बनता है।

स्तनों में दुध
कलौंजी को आधे से 1 ग्राम की मात्रा में प्रतिदिन सुबह-शाम खाने से स्तनों में दुध बढ़ता है।

स्त्रियों के चेहरे व हाथ-पैरों की सूजन:
कलौंजी पीसकर लेप करने से हाथ पैरों की सूजन दूर होती है।

बाल लम्बे व घने
50 ग्राम कलौंजी 1 लीटर पानी में उबाल लें और इस पानी से बालों को धोएं। इससे बाल लम्बे व घने होते हैं।

बेरी-बेरी रोग
बेरी-बेरी रोग में कलौंजी को पीसकर हाथ-पैरों की सूजन पर लगाने से सूजन मिटती है।

भूख का अधिक लगना
50 ग्राम कलौंजी को सिरके में रात को भिगो दें और सूबह पीसकर शहद में मिलाकर 4-5 ग्राम की मात्रा सेवन करें। इससे भूख का अधिक लगना कम होता है।

नपुंसकता
कलौंजी का तेल और जैतून का तेल मिलाकर पीने से नपुंसकता दूर होती है।

खाज-खुजली
50 ग्राम कलौंजी के बीजों को पीस लें और इसमें 10 ग्राम बिल्व के पत्तों का रस व 10 ग्राम हल्दी मिलाकर लेप बना लें। यह लेप खाज-खुजली में प्रतिदिन लगाने से रोग ठीक होता है।

नाड़ी का छूटना
नाड़ी का छूटना के लिए आधे से 1 ग्राम कालौंजी को पीसकर रोगी को देने से शरीर का ठंडापन दूर होता है और नाड़ी की गति भी तेज होती है। इस रोग में आधे से 1ग्राम कालौंजी हर 6 घंटे पर लें और ठीक होने पर इसका प्रयोग बंद कर दें।
कलौंजी को पीसकर लेप करने से नाड़ी की जलन व सूजन दूर होती है।

हिचकी
एक ग्राम पिसी कलौंजी शहद में मिलाकर चाटने से हिचकी आनी बंद हो जाती है। तथा कलौंजी आधा से एक ग्राम की मात्रा में मठ्ठे के साथ प्रतिदिन 3-4 बार सेवन से हिचकी दूर होती है। या फिर कलौंजी का चूर्ण 3 ग्राम मक्खन के साथ खाने से हिचकी दूर होती है। और यदि आप काले उड़द चिलम में रखकर तम्बाकू के साथ पीने से हिचकी में लाभ होता है।
3 ग्राम कलौंजी पीसकर दही के पानी में मिलाकर खाने से हिचकी ठीक होती है।

स्मरण शक्ति
लगभग 2 ग्राम की मात्रा में कलौंजी को पीसकर 2 ग्राम शहद में मिलाकर सुबह-शाम खाने से स्मरण शक्ति बढ़ती है।

छींके
कलौंजी और सूखे चने को एक साथ अच्छी तरह मसलकर किसी कपड़े में बांधकर सूंघने से छींके आनी बंद हो जाती है।

पेट की गैस
कलौंजी, जीरा और अजवाइन को बराबर मात्रा में पीसकर एक चम्मच की मात्रा में खाना खाने के बाद लेने से पेट की गैस नष्ट होता है।

पेशाब की जलन
250 मिलीलीटर दूध में आधा चम्मच कलौंजी का तेल और एक चम्मच शहद मिलाकर पीने से पेशाब की जलन दूर होती है।

logo-544दमा रोग (ASTHMA)
एक चुटकी नमक, आधा चम्मच कलौंजी का तेल और एक चम्मच घी मिलाकर छाती और गले पर मालिश करें और साथ ही आधा चम्मच कलौंजी का तेल 2 चम्मच शहद के साथ मिलाकर सेवन करें। इससे दमा रोग में आराम मिलता है।

पथरी
250 ग्राम कलौंजी पीसकर 125 ग्राम शहद में मिला लें और फिर इसमें आधा कप पानी और आधा चम्मच कलौंजी का तेल मिलाकर प्रतिदिन 2 बार खाली पेट सेवन करें। इस तरह 21 दिन तक पीने से पथरी गलकर निकल जाती है।

सूजन
यदि चोट या मोच आने के कारण शरीर के किसी भी स्थान पर सूजन आ गई हो तो उसे दूर करने के लिए कलौंजी को पानी में पीसकर लगाएं। इससे सूजन दूर होती है और दर्द ठीक होता है। कलौंजी को पीसकर हाथ पैरों पर लेप करने से हाथ-पैरों की सूजन दूर होती है।

स्नायु की पीड़ा
दही में कलौंजी को पीसकर बने लेप को पीड़ित अंग पर लगाने से स्नायु की पीड़ा समाप्त होती है।

जुकाम
20 ग्राम कलौंजी को अच्छी तरह से पकाकर किसी कपड़े में बांधकर नाक से सूंघने से बंद नाक खुल जाती है और जुकाम ठीक होता है।
जैतून के तेल में कलौंजी का बारीक चूर्ण मिलाकर कपड़े में छानकर बूंद-बूंद करके नाक में डालने से बार-बार जुकाम में छींक आनी बंद हो जाती हैं और जुकाम ठीक होता है। कलौंजी को सूंघने से जुकाम में आराम मिलता है।
यदि बार-बार छींके आती हो तो कलौंजी के बीजों को पीसकर सूंघें।

बवासीर के मस्से
कलौंजी की भस्म को मस्सों पर नियमित रूप से लगाने से बवासीर का रोग समाप्त होता है।

वात रोग
वात रोग में कलौंजी के तेल से रोगग्रस्त अंगों पर मालिश करने से वात की बीमारी दूर होती है।

नोट: ध्यान रखें कि इस दवा का प्रयोग गर्भावस्था में नहीं करना चाहिए क्योंकि इससे गर्भ नष्ट हो सकता है।

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Home Remedies

हरी मिर्च और अदरक के होते है ये अद्भुद फायदे

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ये तो हम सब जानते ही है कि मसाले खाने के स्वाद को बढ़ाते है। हम घर में रोज कई मसालों का प्रयोग करते है। मसाले सिर्फ खाने का स्वाद ही नहीं बढ़ाते बल्कि हमें कई बीमारियों से भी दूर रखते है। एेसे कई मसाले है जो कैंसर और ट्यूमर से हमारे शरीर को बचा सकते है। तो आइए जानें इन मसालों के बारे में…

1. ज्यादातर लोग खाने में हरी मिर्च का प्रयोग करते है। कई पुराने शोध कहते है कि हरी मिर्च में कैपसेसिन होता है जोकि कई बीमारियों के लिए फायदेमंद है।

2. अगर हरी मिर्च के साथ अदरक का प्रयोग किया जाएं तो इसके फायदें दोगुने हो जाते है।

3. कई शोधों में लंग कैंसर से बचाव के तौर पर भी हरी मिर्च के प्रयोग को फायदेमंद माना जाता है।

4. खांसी और जुकाम के लिए तो हम अदरक का इस्तेमाल करते ही है लेकिन इसका इस्तेमाल कैंसर से लड़ने में भी सहायक है।

5. कहते है कि अदरक में मौजूद 6 जिंजरगोल कैपसेसिन से मिलकर एक एेसा कंपाउड बनता है जिससे ट्यूमर पैदा करने वाले रिसेप्टर्स जड़ से खत्म हो जाते है।


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हरा धनिया के ये चमत्कारिक फायदे जो सेहत के लिए वरदान साबित हो सकते है!

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हर घर में हरा धनिया खाने में इस्तेमाल होता है.

लेकिन यह हरा धनिया खाने में क्यों उपयोग करते हैं यह बहुत कम लोग जानते होंगे. हरा धनिया  सिर्फ खाने का स्वाद  ही नहीं बढाता बल्कि सेहत के लिए लाभदायक भी होता है.

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आइये जानते हैं इसके  चमत्कारिक फायदे

  • धनिया  में  विटामिन ‘ए’ सी, खनिज पदार्थ, पोटोशियम, फास्फोरस, कैल्शियम, कैरोटीन आयरन, थियामीन, फाइबर, और कार्बोहाइड्रेट जैसे पोषक तत्व प्रचुर मात्र में पाये जाते है, जो हर तरह के रोगों से शरीर को बचाते है.
  • इसका एंटी-सेप्ट‍िक गुण  जीभ और  मुंह के  अंदर घाव होने से बचाता है. साथ ही मुहं में घाव  हो गए हो तो उसको सही  करने में मदद भी करता है.
  • शरीर की आंतरिक और बाहरी जलन जैसे – हाथ, पैर, आंखों, यूरिन की जलन, सिरदर्द और पेट की  एसिडिटी को दूर करते है.
  • हरा धनिया हानिकारक  कोलेस्ट्रॉल कम करता है और  फायदेमंद  कोलेस्ट्रॉल बढ़ाने में सहायक होता है.
  • नकसीर में भी लाभदायक है. नकसीर रोगी इसके रस को जब नाक में डालते है तो नकसीर से मुक्ति  मिलती है.
  • हरा धनिया कफ नाशक है जो कफ को जड़ से ख़त्म करता है. निमोनिया के रोगी के लिए भी फायदेमंद होता है.
  • हरा धनिया लीवर की सक्रियता तीव्र करती करता  है. साथ ही पाचन तंत्र हेतु  बहुत उत्तम रहता  है.
  • इसमें एंटी इंफ्लेमेटरी तत्व होते है, जो आर्थरायटिस रोगी की सेहत के  लिए भी लाभप्रद है.
  • डायबिटीज रोगी के लिए  फायदेमंद है. यह ब्लड इंसुलिन की मात्रा संतुलित रखता है.
  • किडनी संबंधी रोगों की समस्या को कम करती करता है और किडनी के रोगों से बचाता है.
  • इसमें उपस्थित विटामिन्स ए,सी,  एंटी ऑक्‍सीडेंट व मिनरल, कैंसर के रोग से शरीर की रक्षा करते है.
  • हरा धनिया में उपस्थित फाइटोन्यूट्रिएंट्स रेडिकल डैमेज होने से बचाता है व रेडिकल को सुरक्षित रखता है. इसमें पाए जाने वाले  विटामिन  अल्जाइमर रोगियों के लिए  फायदेमंद है.
  •  नर्वस सिस्टम सक्रिय बनाता है.
  • हरा धनिया की पत्तियों में एंटीसेप्टिक व  एंटीऑक्सीडेंट तत्व त्वचा संबंधी रोग कील, मुहासे, काले धब्बे, झुरियों की परेशानी को जड़ से  ख़त्म करता है.
  • इसकी पत्तियाँ खाने पर पेट की पथरी पिघलकर मूत्र के द्वारा शरीर से बहार निकल जाती है.
  • इसकी पत्तियों में  आयरन पाया जाता है जो एनिमिया से बचाता है.
  • यह धनिया  मासिक धर्म के समय रक्तस्राव की अधिकता व कमर के दर्द से मुक्त करता है.

हरा धनिया की पत्तियाँ शरीर को अनेक रोगों से बचाती है और हर तरीके से रोग मुक्त बनाती है. यह हरा धनिया स्वाथ्य के लिए चमत्कारिक औषधि की तरह है.


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नारियल वाटर पीने के ये फायदे जानकार आप भी हररोज़ नारियल पानी पीने लगेंगे

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नारियल पानी कम कैलोरी वाला एक ऐसा मीठा प्राकृतिक पेय पदार्थ है जिसे पीने से न सिर्फ ताज़गी का एहसास होता है बल्कि ये सेहत के लिए भी काफी फायदेमंद माना जाता है.

नारियल पानी में एंटीऑक्सीडेंट्स, अमीनो-एसिड, एंजाइम्स, बी-कॉम्प्लेक्स विटामिन, विटामिन सी और कई प्रमुख लवण पाए जाते हैं, जिनमें छुपा है स्वास्थ्य का खज़ाना.

कहा जाता है कि नारियल पानी की तासीर ठंडी होती है जो महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए किसी अमृत से कम नहीं है.

यूरिन में जलन की हो परेशानी या त्वचा पर निखार लाना हो या फिर मोटापे पर काबू पाने की बात ही क्यों न हो. नारियल पानी इन तमाम स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का रामबाण ईलाज है.

आइए हम आपको बताते हैं नारियल पानी के फायदे – रोज़ाना नारियल पानी पीना आपकी सेहत के लिए कितना फायदेमंद हो सकता है.

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नारियल पानी के फायदे –

1 – शरीर में नहीं होती है पानी की कमी

रोजाना नारियल पानी पीने से शरीर में कभी पानी की कमी नहीं होती है. इसके साथ ही जरूरी लवणों की मात्रा संतुलित बनी रहती है.

शरीर में पानी की कमी हो जाने पर या फिर शरीर की तरलता कम हो जाने पर, डायरिया हो जाने पर, उल्टी होने पर या दस्त होने पर नारियल पानी पीना फायदेमंद रहता है.

2 – ब्लड प्रेशर करता है नियंत्रित

हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने के लिए भी नारियल के पानी का इस्तेमाल किया जाता है. इसमें मौजूद विटामिन सी, पोटैशियम और मैग्नीशियम ब्लड-प्रेशर को नियंत्रित रखने में सहायक होते हैं. साथ हाइपरटेंशन को भी नियंत्रित करने मदद करता है नारियल पानी.

3 – नारियल पानी रखता है दिल का ख्याल

नारियल पानी कोलेस्ट्रॉल और फैट-फ्री होता है जिसकी वजह ये दिल के लिए काफी अच्छा माना जाता है.  इसमें मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट ब्लड सर्कुलेशन पर सकारात्मक प्रभाव डालता है.

4 – हैंगओवर से दिलाता है छुटकारा

ज्यादा शराब पी लेने से होनेवाले हैंगओवर में नारियल पानी औषधि का काम करता है. इसलिए हैंगओवर से छुटकारा पाने के लिए भी नारियल का पानी एक अच्छा उपाय है.

5 – वजन को करता है नियंत्रित

अगर आप वजन घटाने के लिए तरह-तरह के उपाय करके थक गए हैं तो फिर रोज़ाना नारियल पानी पीकर देखिए. कुछ ही दिन में आपको इसका सकारात्मक प्रभाव दिखने लगेगा.

6 – डिहाइड्रेशन से करता है बचाव

अगर आप अक्सर सिरदर्द की शिकायत से परेशान रहते हैं तो इसकी वजह डिहाइड्रेशन भी हो सकती है. ऐसे में नारियल पानी शरीर को तुरंत इलेक्ट्रोलाइट्स पहुंचाने का काम करता है. नारियल पानी आपके बॉडी को डिहाइड्रेशन से बचाने में मदद करता है.

7 – फ्लू से लड़ने में मददगार

वायरल इंफेक्शन से होनेवाले फ्लू और दाद जैसी बीमारियों से लड़ने में नारियल पानी कारगर भूमिका निभाता है.

अगर कोई व्यक्ति इन बीमारियों की चपेट में आ गया है, तो नारियल पानी में मौजूद एंटी-वायरल और एंटी-बैक्टीरियल गुण इस बीमारी से लडने में मदद करेंगे.

8 – डायबिटीज और कैंसर में लाभदायक

डायबिटीज के मरीज़ों के लिए नारियल पानी काफी लाभदायक होता है. इसमें मौजूद पोषक तत्व, शरीर में शुगर लेवल को नियंत्रित रखते हैं. नारियल पानी कैंसर से भी लड़ने में मदद करता है.

9 – एंटीएजिंग हटाकर त्वचा में निखार लाए

चेहरे से झुर्रियों और मुहांसों के दाग मिटाने में भी नारियल पानी काफी मददगार होता है. नारियल पानी में मौजूद साइटोकिन्स, एंटी ऐजिंग, एंटी कासीनजन और एंटी थौंबौटिक्स से लडने में काफी फायदेमंद साबित हुए हैं.

त्वचा के दाग, धब्बों और झुर्रियों को मिटाने के लिए हर रात करीब दो तीन हफ्तो तक चेहरे पर नारियल पानी लगाने से त्वचा साफ होती है और उसमें निखार आता है.

10 – पाचन शक्ति को बनाता है मज़बूत

नारियल पानी में फॉस्फेट, कटालेस, डिहाइड्रोजनेज, डायस्टेज, पेरोक्सजेस, आरएनए पोलिमेरासेस जैसे तत्व पाए जाते हैं जो शरीर की पाचन शक्ति को सुधारकर उसे मज़बूत बनाने में सहायक होते हैं. नारियल पानी शरीर में ज़रूरी विटामिन्स की कमी को भी दूर करता है.

ये है नारियल पानी के फायदे – नारियल पानी के फायदे जिनके बारे में जानकर आप समझ ही गए होंगे कि नारियल पानी पीना स्वास्थ्य के लिए कितना फाययेदमंद है.

इसमें ऐसे औषधिय गुण छुपे हैं जो डॉक्टर की दवाईयों में भी नहीं मिलेंगे.

नारियल वाटर पीने के ये फायदे जानकार आप भी हररोज़ नारियल पानी पीने लगेंगे 


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