Connect with us

Diet & Fitness

क्या आप ऑफिस में कम पानी पीती है, तो हो जाए सावधान

Published

on

क्या आप ऑफिस में कम पानी पीती है, तो हो जाए सावधान

अक्सर ऑफिस में देखा जाएं तो सभी का बिजी शेडयूल रहता है इस शेडयूल के चलते अक्सर लंच को समय पर ना करना,  देर तक बैठकर काम करना, ज्यादा कॉफी पीना जैसी कॉमन है।लेकिन क्या आप जानते है इन गलतियो के करने से हमारी हेल्थ के साथ-साथ हमारे काम पर भी बुरा असर डालती है।

ये भी पढ़े:
१. इन चीजों से दूर रहकर, कम कर सकते हैं कैंसर का खतरा
२.
 पानी खाना खाने के तुरंत बाद पानी पीना आखिर क्यों है जानलेवा,
३.आंखों के लिए गाजर की तरह फायदेमंद है अंगूर, जानिए इसकी 10 खास बातें

आज हम आपको बता रहे हैं कि गलत तरीके से बैठने के क्या-क्या नुकसान आपके शरीर को झेलने पड़ते हैं, और किस प्रकार आप उनसे बच सकते हैं।
देर तक न बैठें
देर तक बैठने से हाई ब्लड प्रैशर, मोटापा, डायबिटीज और हार्ट प्रॉब्लम्स का खतरा बढ़ता है इनसे बचने के लिए ब्रैक लेकर पांच मिनट वॉक करें।

कम पानी पीना
हमारी बॉडी को हेल्दी रखने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी चाहिए जो की हम याद नही रख पाते। हमें रोज दस गिलास पानी पीना चाहिए।

खाना समय पर न खाना
अपने देखा होगा अक्सर लंच देर से करने पर गैस, कब्ज, कॉन्सन्ट्रैशन की कमी जैसी प्रॉब्लम्स आ जाती है इससे आपके वजन में भी बढ़ोतरी होती है तो इसलिए खाने को समय पर खाएं।

बिखरा हुआ सामान
आपके आसपास सामान और बिखरी चीजें स्ट्रेस और कॉन्सन्ट्रेशन की कमी को बढ़ाती है और साथ ही ये आपके खराब प्रदर्शन की मुख्य वजह भी बनती है इसलिए अपने आस-पास और अपने वर्क डेस्क को व्यवस्थित करके रखना चाहिए।

बैठने का गलत तरीका
हमारे बैठने का तरीका हमें थकान, बैकपेन, सिर दर्द और इनडाइजेशन शरीर में पैदा करता है इसलिए ठीक ढ़ग से बैठे और गर्दन टेड़ी करके फोन पर बात ना करने से बचें।

डेस्क पर ना खाएं
वर्क डेस्क में ढेरो बैक्टीरिया होते हैं। यहां बैठकर खाने से इनडाइजेशन और फूड प्वाइजनिंग हो सकता है। इसलिए आप लंच को कैंटीन में करे न की अपने काम की जगह पर।

कॉफी का ज्यादा सेवन
ज्यादा कॉफी पीने से आपको नींद न आना, हार्ट बीट बढ़ना, सिर दर्द, थकान और इनडाईजेशन जैसी परेशानियो का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए ज्यादा कॉफी का सेवन न करें।

तेल युक्त
ऑफिस में अक्सर लोग तेल से बनें पदार्थ जैसे समोसे और ब्रैडपकौड़े आदि इन्हे खाने से हेल्थ प्रॉब्लम्स होती है। इन की जगह आप फ्रूट्स, भेल, छाछ जैसे हेल्दी पदार्थ लें सकते है।

ज्यादा तनाव लेना
अगर आप अपने आपको ज्यादा थकाती है और स्ट्रेस लेती है तो ये गलत है ये आपके हार्ट डिजीज, इनडाईजेशन, डिप्रेशन की वजह बन सकता है।

भागदौड़
आप सुबह उठते साथ ही घर के कामो में लग जाती होगी ऐसा करने से आपका स्ट्रेस बढ़ता है। सुबह थोड़ी जल्दी उठकर अपने आप को पांच मिनट का रिलैक्स दें फिर काम शुरु करें।

यह भी पढ़ें: 
१. जागने के तुरंत बाद क्यों पियें पानी

२ तनाव से बचाव के लिए घरेलू नुस्खे (Home Remedies For Stress)
३. 5 आसान स्टेप्स के माध्यम से पेट की चर्बी को कम करें केवल 7 दिनों में
४. ये 8 कुदरती उपाय दिलाएंगे आपको चैन की नींद

 


Continue Reading

Diet & Fitness

आखिर आयुर्वेद और वात, पित व कफ क्या है?

Published

on

आयुर्वेद क्या है ?

हिताहितं सुखं दुःखमायुस्तस्य हिताहितम्।

मानं च तच्च यत्रोक्तमायुर्वेदः स उच्यते॥

जिसमे आयु के हिताहित का ज्ञान और उसका योग मालूम हो उसको आयुर्वेद कहते है .

जिसमे आयु का हित- अहित, रोग का निदान और शमन हो , उसको लोग आयुर्वेद कहते है

आयुर्वेद की आवश्यकता ?

जो आयुर्वेद और धर्मशास्त्र की युक्तियो के अनुसार चलते है उनको रोग नहीं होते है और उनके पुण्य और आयु में वृधि होती है चिकित्सा करने से कही धन की प्राप्ति होती है तो कही मित्रता होती है कही कर्म होता है तो कही यश मिलता है. और कही किर्या करने से अभ्यास बढ़ता है किन्तु वेधक शिक्षा कभी व्यर्थ नहीं जाती है.

दोष क्या ?

है आयुर्वेद में तीन दोष होते है वात,पित्त और कफ. धातु और मल इन तीनो दोषों से दूषित होते है इसलिए इनको दोष कहते है यहाँ दोष को धारण करते है इसलिए इनको धातु भी कहते है महान आयुर्वेदाचार्य वाग्भट के अनुसार – वात ,पित्त और कफ दूषित होने से देह(Body) का नाश करते है तथा शुद्ध होने पर शरीर को धारण करते है.

वात के प्रकार और रहने व रहने के स्थान ?

  • उदान वायु –ये कंठ में रहती है.
  • प्राण वायु –ये दिल में में रहती है.
  • समान वायु – ये नाभि में रहती है.
  • अपान वायु – ये मलाशय में रहती है.
  • व्यान वायु –ये समस्त शरीर में व्याप्त रहती है .

पित के प्रकार और रहने व रहने के स्थान ?

  • पाचक पित्त – ये अमाशय में रहता है.
  • रंजक पित्त – ये लीवर में रहता है.
  •  साधक पित – ये दिल में रहता है.
  • आलोचक पित –ये आँखों में रहता है.
  • भ्राजक पित – ये सारे शरीर और आँखों में रहता है.

 

कफ के प्रकार और रहने व रहने के स्थान ?

  • क्लेदक काफ – ये पेट में रहता है.
  • अवलम्बक कफ – ये दिल में रहता है.
  • रसन कफ – ये कंठ में रहता है.
  • स्नेहन कफ ­– ये सिर में रहता है.
  • श्लेष्मक कफ – ये जोड़ो में रहता है.

 

धातु क्या है ?

  • रस
  • रक्त
  • मॉस
  • मेद
  • अस्थि
  • मज्जा
  • शुक्र ये सात धातुये होती है यहाँ मनुष्य के शरीर में स्वयं रहकर देह को धारण करती है,


Continue Reading

Diet & Fitness

पुरूषों को नुकसान पहुंचाते हैं ये फूड्स, इन्हें भूलकर भी न खाएं..!

Published

on

By

पुरूषों की बनावट महिलाअों से कुछ अलग होती है। इसी तरह कुछ खानपान की बात करें तो कई ऐसे फूड होते है, जो महिलाअों की तुलना में पुरूषों को ज्यादा नुकसान पहुंचाते है। इनके सेवन से कई तरह की हार्मोनल प्रॉब्लम, कमजोरी या कई तरह की बीमारियांं हो सकती है। अाज हम अापको ऐसे ही फूड्स के बारे में बताएंगे, जिनके सेवन से पुरूषों को बचना चाहिए।
 oldveda-old-veda-logo-banner-health-lifestyle-ayurveda1
1. कॉफी अौर कोल्ड ड्रिंक
एक रिसर्च के अनुसार, जो पुरूष ज्यादा मात्रा में कॉफी अौर कोल्ड ड्रिंक का सेवन करते है। उनकी स्पर्म सख्या कम हो सकती है।
2. रिफाइंड शुगर 
रिफाइंड शुगर में एम्पटी कैलोरीज होती है जो पुरूषों को फायदा पहुंचाने के बजाएं चर्बी अौर मोटापा देती है।
3. टी ट्री और लेवेंडर अॉयल 
इनका सेवन ज्यादा करने से पुरूषों की ब्रैस्ट महिलाअों के समान हो सकती है। इसलिए जरूरी है कि इनका सेवन कम से कम करें।
4. पुदीना 
पुदीने में मेंथोन की मात्रा होती है जो पुरूषों की सेक्सुअल पावर पर प्रभाव डालती है।
5. अल्कोहल
ज्यादा मात्रा में अल्कोहल का सेवन करने से मेल रिप्रोडक्शन सिस्टम प्रभावित होता है।

Continue Reading

Body Care

डायबिटीज के पक्के ईलाज ! ईलाज नंबर 4 और 7 की तो सौ फीसदी गारंटी है

Published

on

By

आजकल शुगर ने महामारी का रूप धारण कर लिया है. जिससे पूरी दुनिया परेशान है पर हम आयुर्वेद में कुछ तरीकों और उपायों द्वारा इसपर काबू पा सकते हैं डायबिटीज खून में शक्कर की मात्रा अधिक होने के कारण होता है.

आइए हम आपको बताते हैं डायबिटीज के ईलाज के बारे में जिससे आप फिर कभी शुगर से परेशान नहीं होंगे.

 

1. जीवनशैली में बदलाव, शिक्षा खान—पान की आदतों में सुधार करके शुगर को नियंत्रित किया जा सकता है. इससे मरीज की थकान और सिरदर्द समस्या हमेशा के लिए दूर हो जाती है.

2. प्रतिदिन सुबह योगा व व्यायाम करके भी शुगर को कंट्रोल किया जा सकता है. इससे न केवल आपके चेहरे का नूर दमकेगा, बल्कि आपके स्वास्थ्य में भी सुधार होगा.

3. अगर शुगर कंट्रोल में नहीं आ रहा है तो केवल गेहूं की रोटी नहीं खानी चाहिए. इसके बजाय तीन किलो जौ, आधा किलो गेहूं और आधा किलो चने को मिला कर आटा पिसवा लेना चाहिए और फिर इसकी रोटी खानी चाहिए.

sugar-aak

4. आक के पेड़ का पता उल्टी तरफ से लेकर पैर पर बांधे रखें. रात को सिर्फ सोते वक़्त इसको हटायें. एक सप्ताह तक यह प्रयोग करें, आपकी शुगर जड़ से खत्म हो जाएगी.

5. हरी सब्जी, दाल, दही का सेवन अधिक करना चाहिए. करेले की सब्जी या कच्चा करेला और जामुन खाना चाहिए. कई बार तो जामुन के पत्तों का जूस भी शुगर में लाभकारी होता है.


Continue Reading

Trending