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आयुर्वेद के हिसाब से जानिए कैसा है आपका शरीर….

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क्या आपको पता है कि आपका शरीर कैसा है? आयुर्वेद में शरीर को तीन तरह का माना जाता है – वात, पित्त और कफ। आयुर्वेद के अनुसार, हम सभी का शरीर इन तीनों में से किसी एक प्रवृत्ति का होता है, जिसके अनुसार उसकी बनावट, दोष, मानसिक अवस्था औरस्वभाव का पता लगाया जा सकता है।

अगर आप अपने शरीर के बारे में इतना कुछ जान लेंगे तो यकीनन अपनी सेहत से जुड़ी समस्याओं को हल करने और फिट रहने में आपको मदद मिलेगी। तो जानिए, आखिर कैसा है आपका शरीर।

(1) वात युक्त शरीर


आयुर्वेद के अनुसार, वात युक्त शरीर का स्वामी वायु होता है।

बनावट – इस तरह के शरीर वाले लोगों का वजन
तेजी से नहीं बढ़ता और ये अधिकतर छरहरे होते हैं।
इनका मेटाबॉलिज्म अच्छा होता है लेकिन इन्हें
सर्दी लगने की आशंका अधिक रहती है। आमतौर पर
इनकी त्वचा ड्राइ होती है और नब्ज तेज चलती है।

स्वभाव – सामान्यतः ये बहुत ऊर्जावान और फिट
होते हैं। इनकी नींद कच्ची होती है इसलिए अक्सर इन्हें
अनिद्रा की शिकायत अधिक रहती है। इनमें
कामेच्छा अधिक होती है। इस तरह के लोग
बातूनी किस्म के होते हैं।

मानसिक स्थिति – ये बहुमुखी प्रतिभा के धनी होते
हैं और अपनी भावनाओं का झट से इजहार कर देते हैं।
हालांकि इनकी याददाश्त कमजोर होती है और
आत्मविश्वास अपेत्राकृत कम रहता है। ये बहुत
जल्दी तनाव में आ जाते हैं।

डाइट – वात युक्त शरीर वाले लोगों को डाइट में
अधिक से अधिक फल, बीन्स, डेयरी उत्पाद, नट्स
आदि का सेवन अधिक करना चाहिए।

(2) पित्त युक्त शरीर

आयुर्वेद के अनुसार, पित्त युक्त शरीर का स्वामी आग
है।

बनावट -इस तरह के शरीर के लोग आमतौर पर मध्यम
कद-काठी के होते हैं। इनमें मांसपेशियां अधिक
होती हैं और इन्हें गर्मी अधिक लगती है। अक्सर ये कम
समय में ही गंजेपन का शिकार हो जाते हैं।
इनकी त्वचा कोमल होती है और इनमें ऊर्जा का स्तर
अधिक रहता है।

स्वभाव – इस तरह के लोगों को विचलित
करना आसान नहीं होता। इन्हें गहरी नींद आती है,
कामेच्छा और भूख तेज लगती हैं। आमतौर पर इनके बोलने
की टोन ऊंची होती है।

मानसिक स्थिति – इस तरह के लोग आत्मविश्वास
और महत्वाकांक्षा से भरपूर होते हैं। इन्हें परफेक्शन
की आदत होती है और हमेशा आकर्षण का केंद्र बने
रहना चाहते हैं।

डाइट – पित्त युक्त शरीर के लिए डाइट में सब्जियां,
फल, आम, खीरा, हरी सब्जियां अधिक खानी चाहिए
जिससे शरीर में पित्त दोष अधिक न हो।

(3) कफ युक्त शरीर

कफ युक्त शरीर के स्वामी जल और पृथ्वी होते हैं।
आमतौर पर इस तरह के शरीर वाले
लोगों की संख्या अधिक होती है।

बनावट – इनके कंधे और कमर का हिस्सा अधिक
चौड़ा होता है। ये अक्सर तेजी से वजन बढ़ा लेते हैं
लेकिन इनमें स्टैमिना अधिक होता है। इनका शरीर
मजबूत होता है।

स्वभाव – इस तरह के लोग भोजन के बहुत शौकीन होते
हैं और थोड़े आलसी होते हैं। इन्हें सोना बहुत पसंद
होता है। इनमें सहने की क्षमता अधिक होती है और ये
समूह में रहना अधिक पसंद करते हैं।
मानसिक स्थिति – इन्हें सीखने में समय लगता है और
भावनात्मक होते ह

डाइट – कफ युक्त शरीर के लिए डाइट में बहुत अधिक
तैलीय और हेवी भोजन से थोड़ा परहेज करना चाहिए।
हां, मसाले जैसे काली मिर्च. अदरक, जीरा और मिर्च
का सेवन इनके लिए फायदेमंद हो सकता है। हल्का गर्म
भोजन इनके लिए अधिक फायदेमंद है।


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Body Care

इन अासान तरीकोें से करें बवासीर को दूर

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बवासीर की बीमारी एक एेसा असहनीय दर्द है जो दो तरह का होता है अंदरूनी अौर बाहरी। अंदरूनी में नसों की सूजन नहीं दिखती लेकिन महसूस होती है अौर दूसरा बाहरी बवासीर में सूजन बाहर दिखती है। इस बीमारी का पता बड़ी ही अासानी से लग जाता है जैसे मलाशय में दर्द या जलन होना फिर इसके बाद रक्तस्राव, खुजली होना। इस बीमारी से छुटकारा पाने के लिए हम पता नहीं कितनी दवाईयों का सेवन करते लेकिन इनका ज्यादा कोई असर नहीं होता। अाप कुछ घरेलू तरीके अपनाकर भी इस इस समस्या से छुटकारा पा सकते है। आइए जानते है ये तरीके…
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1. फाइबर युक्त आहार
अगर अाप अपने पाचन को सही रखना चाहते है तो फाइबर युक्त अाहार का सेवन करें। खाने में साबुत अनाज, ताजे फल और हरी सब्जियों को अधिक शामिल करें।
2. छाछ
छाछ काफी हद तक बवासीर में फायदेमंद होता है। 2 लीटर छाछ में 50 ग्राम पिसा हुआ जीरा और स्‍वादानुसार नमक मिला लें और प्यास लगने पर इसी का सेवन करें।
3. दही 
रोजाना दही का सेवन करने से बवासीर होने की संभावना कम होती है अौर शरीर को फायदा मिलता है।
4. जीरा
जीरे को भूनकर मिश्री के साथ मिलाकर चूसने से फायदा मिलता है या आधा चम्‍मच जीरा पाऊडर एक गिलास पानी के साथ मिक्स करके पीएं।
5. अंजीर
सूखे अंजीर को लेकर रात भर के लिए गर्म पानी में भिगो दें और सुबह खाली पेट लें।  इसको खाने से फायदा होता है।
6. तिल
बवासीर को रोकने के लिए 10-12 ग्राम धुले हुए काले तिल को एक ग्राम मक्खन के साथ मिलाकर लेने से जल्द अाराम मिलता है।

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Dengue

इस तरह डेंगू से करें खुद का बचाव

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मच्छरों से फैलने वाले रोग डेंगू, मलेरिया होना अाम है लेकिन अाजकल डेंगू का रोग काफी वायरल हो रहा है। यह संक्रमित बीमारी मच्छरों के काटने से होती है जिसके बाद बुखार अाने लगते है। एेसे में हम कुछ सावधानियां बरत कर इस रोग से बच सकते है।  अाज हम अापको डेंगू के लक्षण,कारण अौर उपचार के बारे में बताएंगे जिनको फॉलो कर अाप अपने अाप को इस रोग से बचा सकते है।
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डेंगू के लक्षण
– शरीर के हिस्सों पर लाल रंग के निशान
– सिरदर्द
– तेज बुखार
– उल्टी अौर दस्त
– शरीर में दर्द
– कई बार नाक से खून निकलना
यह सब लक्षण मच्छर के काटने के 7-8 दिन बाद दिखाई देते है। कई बार यह काफी सामान्य लक्षण होते है जिसको हम नॉर्मल फ्लू समझते है। इन लक्षणों के होने पर तुरंत डॉक्टर के पास जाएं।
डेंगू होने के कारण 
– घरों के अास-पास जमा हुअा पानी
– संक्रमित पानी अौर खाना
डेंगू के उपचार के लिए कुछ जरूरी बातों का रखें ध्यान 
– इससे बचने के लिए अाराम करों अौर लिक्विड लेना चाहिए।
– अपने घर के अास-पास सफाई रखें।
– किसी भी जगह पर पानी खड़ा ना होने दें।
– मच्छरों का खात्मा करने के लिए दवाई छिड़के।
– पीने के पानी को हमेसा किसी चीज से ढक कर रखें।
– खून की कमी को पूरा करने वाले अाहार का सेवन करें।
डेंगू का रामबाण इलाज 
1. गिलोय
गिलोय बॉडी को इंफेक्शन से बचाने में मदद करत है। इसके तने को उबालकर हर्बल ड्रिंक की तरह पीने से डेंगू से छुटकारा मिलता है।
2. पपीते के पत्ते
पपीते के पत्तों का जूस बनाकर कर पीने से डेंगू अौर बॉडी से टॉक्सिन बाहर निकालने में मदद करते हैं।
3. मेथी के पत्ते
यह पत्तियां डेंगू के बुखार को कम करने के लिए सहायक हैं। मेथी की पत्तियों को पानी में मिलाकर उसका जूस पीएं। इसके अलावा, मेथी पाऊडर को भी पानी में मिलाकर पी सकते हैं।
4. गोल्डनसील
इस हर्ब का इस्तेमाल दवाई बनाने के लिए किया जाता है। इस हर्ब में डेंगू बुखार को बहुत तेजी से खत्म कर शरीर में से डेंगू के वायरस को खत्म करने की क्षमता होती है। इसका चूर्ण या जूस पीकर लाभ उठाया जा सकता है।
5. हल्दी
डेंगू बुखार होने पर हल्दी को दूध में मिलाकर पीने से अाराम मिलता है।

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Body Care

चिकनगुनिया को रखें खुद से दूर, जानिए कैसे ?

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मौसम बदलने के साथ साथ बहुत सारे वायरल रोग भी फैलते हैं। इन दिनों वायरल फीवर, खांसी-जुकाम की परेशानी आम सुनने को मिल रही हैं।  सबसे पहले तो बाहर के खाने से परहेज करें और साफ सुथरा स्वस्थ भोजन खाएं। इन दिनों चिकनगुनिया भी काफी तेजी से फैल रहा है। यह रोग ऐसे हैं जो संक्रमण और साफ सफाई ना होने की वजह से फैलते हैं। दिल्ली में तो चिकनगुनिया ने हड़कंप मचा रखा है।

चिकनगुनिया मच्छर के काटने से ही होता है जिससे रोगी बुखार खांसी, जुकाम से ग्रस्ति हो जाता है। इस रोग की गंभीर बात यह है कि इस रोग से बचने के लिए कोई टीका नहीं है। आमतौर पर चिकनगुनिया का मच्छर दिन में काटता है इसलिए दिन में भी मच्छर कॉयल जलाकर रखें।

चिकनगुनिया को रखें खुद से दूर, जानिए कैसे ?

चिकनगुनिया को रखें खुद से दूर, जानिए कैसे ?

लक्षण
– जोड़ों में दर्द
-100 डिग्री के आस-पास बुखार।
– शरीर पर लाल रंग के रैशेज बन जाते हैं।
– भूख नहीं लगती और थकान
– सिर में दर्द और खांसी-जुकाम

बचाव
– आस-पास साफ-सफाई का ध्यान रखें।
– मच्छरदानी का प्रयोग करें।
– खुद ही डॉक्टर बन दवाई ना खाएं। चेकअप जरूर करवाएं।
– खूब पानी पीजिए।
– बाहर का खाना ना खाएं
– खिड़की-दरवाजों को बंद रखें ताकि मच्छर घर में प्रवेश ना कर पाएं।
– पूरे ढके कपड़े पहनें।


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