वज़न घटाने, डायबिटीज़ कंट्रोल करने समेत नीम के हैं ये 10 फायदे

6379

नीम के औषधीय गुणों के बारे में प्राचीन काल से लोग जानते आए हैं। नीम के पेड़ का लगभग हर हिस्सा आयुर्वेद में उपचार के लिए इस्तेमाल किया जाता है। स्वाद में कड़वी नीम, कई बीमारियों से बचाव व उपचार कर सकती है। आइये जानें इसके 10 फायदे।

वज़न घटाने में मददगार – क्या आप वज़न कम करना चाहते हैं, ख़ासतौर पर अपनी कमर के आसपास? इसके लिए आपको नीम के फूल का जूस रोज़ पीना होगा। ये फूल मेटाबॉलिज़्म बढ़ाकर शरीर का फैट कम करने की कोशिश करते हैं, जिससे वज़न कम होता है। आप इस जूस में शहद और नींबू भी मिला सकते हैं।

flat-tummy-oldveda

ब्लड शुगर लेवल बनाए रखे – डायबिटीज़ के मरीज़ों के लिए नीम बहुत फायदेमंद है। नीम की पत्तियों से ब्लड शुगर लेवल कम होता है। इसका फायदा उठाने के लिए खाली पेट नीम की पत्तियों का जूस पियें।

फंगल इंफेक्शन से राहत – क्या आपको दाद, खुजली, एथलीट फुट या इसी तरह का कोई दूसरा इंफेक्शन हैँ? अगर हां तो नीम का तेल आपके लिए फायदेमंद साबित होगा। नीम में ऐसे तत्व होते हैं जो एंटीफंगल होते हैं। दिन में तीन बार प्रभावित स्थान पर नीम का तेल लगाएं।

बालों से जुओं का करें सफाया – नीम के तेल से बालों में होने वाली जुओं का सफाया किया जा सकता है। इसके लिए नीम की पत्तियों को पीसकर उससे बाल धोएं। आप इस पेस्ट में तुलसी की पत्तियों को भी मिला सकती हैं, इससे ठंडक का अहसास होगा।

मच्छर से बचाए – जर्नल ऑफ अमेरिकन मॉस्कीटो कंट्रोल असोसिएशन में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, नीम और नारियल के तेल को लगाने से मच्छर दूर भागते हैं। नीम एंटी-प्रोटोज़ोल होता है जो स्किन को एक ऐसी गंध देने वाला तत्व है, जिससे मच्छर दूर रहते हैं।

स्किन की समस्याओं में असरदार – अगर आपको मुंहासे, झुर्रियां, दाग-धब्बे, ब्लैकहेड्स, ड्राई स्किन या कोई स्किन इंफेक्शन की समस्या है तो आप नीम से नैचुरली इन्हें ठीक कर सकते हैं। नीम की पत्तियां एंटीबैक्टीरियल, एंटीफंगल और एंटीवायरल होती हैं, जो इन समस्याओं में असरदार होती हैं। नीम की पत्तियों को पानी में उबालकर, फिर उस पानी से प्रभावित स्थान को साफ करें।

99014-331210-acne

हेपेटाइटिस के उपचार में मदद – अपने एंटी-वायरल गुण के कारण नीम हेपेटाइटिस के उपचार में मदद करती है। ये शरीर से टॉक्सिन बाहर करती है, जिससे लिवर से टॉक्सिन कम होता है। ये इम्यूनिटी को भी बढ़ाती है जिससे जल्दी रिकवरी होती है। नीम की पत्तियों का जूस निकालकर उसे शहद के साथ मिलाकर पियें। 30 एमएल नीम के जूस में 15 एमएल शहद।

मुंह को रखे स्वस्थ – आपने नीम की दातुन के बारे में तो सुना ही होगा। नीम में एंटीमाइक्रोबायल और एंटीफंगल तत्व होते हैं जो मसूड़ों की समस्याओं, दांत दर्द, सांस की बजबू और मुंह के छालों से बचाव करती है। रोज़ नीम की दातुन को दांतों पर घिसे, और उसके बाद पानी से मुंह साफ करें।

ऐमीबायसिस के लक्षणों में राहत – नीम के पत्ते ऐमीबायसिस (amoebiasis) पैरासाइट के लिए एक असरदार नैचुरल उपचार बन सकते हैं। इस समस्या से पीड़ित बच्चों के पेट पर इसके पेस्ट को लगाने से आंतों की इनफ्लेमेशन कम होती है और क्रैंप्स में आराम मिलता है।


SHARE