मां और बच्चे के लिए स्वास्थ्य संबंधी सुझाव

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आप किस तरह यह सुनिश्चित कर सकती हैं कि आपका बच्चा ठीक से विकसित हो और स्वस्थ पैदा हो? और साथ ही आप अपना भी खयाल रखें? यहां कुछ प्रमुख सुझाव दिए गए हैं (और उनके नीचे ’’मन को बहलाने वाले कथन‘‘)

फॉलिक एसिड की गोलियां खाएं

इन्हें विटामिन बी 9 भी कहा जाता है, गर्भावस्था के पहले दो महीनों में इन गोलियों का सेवन करें- अच्छा होगा यदि आप गर्भवती होने से पहले प्रतिदिन 0.4 या 0.5 मिली ग्राम की गोली लेना षुरू कर दें। लेकिन यदि आपको पता चलता है कि आप गर्भवती हैं तो जितना जल्दी हो सके, इन्हें खाना शुरू कर दें।

फॉलिक एसिड कोशिकाओं को बढ़ने के लिए ज़रूरी होता है। वैज्ञानिकों ने यह सिद्ध किया है कि अतिरिक्त फॉलिक एसिड लेने से गंभीर जन्मजात खराबियां, जैसे कि स्पाइना बिफिडा, जिसमें बच्चे की रीढ़ की हड्डी ठीक से बंद नहीं होती, को रोकने में सहायता मिल सकती है। आप ये गोलियां किसी दवा की दुकान या केमिस्ट से खरीद सकती हैं।oldveda-old-veda-logo-banner-health-lifestyle-ayurveda

निश्चित ही आहार से भी आपको प्राकृतिक तौर पर फॉलिक एसिड मिल सकता है। यदि आपको फॉलिक एसिड की गोलियां नहीं मिल पाती हैं तो यह सुनिष्चित करें कि आप भरपूर मात्रा में हरी पत्तेदार सब्जियों (उन्हें बहुत अधिक न पकाएं अन्यथा फॉलिक एसिड नष्ट हो सकता है), बीन्स, दालें और अनाज का सेवन करती हैं। लेकिन गोलियां सबसे अच्छा विकल्प होती हैं, क्योंकि उनमें काफी अधिक मात्रा में विटामिन होता है – वास्तव में आपके भोजन से पर्याप्त मात्रा मिल पाना कठिन होता है।

धूम्रपान बंद कर दें

 इसके बारे में आपको पहले भी बताया जा चुका है! सिगरेट के धूंएं में ज़हरीले रसायन होते हैं और वे आसानी से भ्रूण तक पहुँच सकते हैं। अतः यदि आप धूम्रपान करती हैं, तो भ्रूण भी धूम्रपान करता है। इससे उसका समुचित विकास रुक जाता है। धूम्रपान करने वाली माताओं के बच्चे तुलनात्मक रूप से छोटे पैदा होते हैं। इससे भी कहीं अधिक, कुछ अनुसंधानों से पता चला है कि उनके मुद्ररपाद (क्लबफुट) होने की संभावना अधिक होती है। बाद में बचपन के दौरान, उनके फेफड़े ठीक से काम नहीं करते। और जन्म के समय उनकी मृत्यु की भी संभावना होती है।

किसी और के धूम्रपान के धुएं में सांस लेना (पैसिव स्मोकिंग)– जब आप गर्भवती हैं तो यह सुझाव आपके साथी पर भी लागू होता है। जब आस-पास धुआं होता है तो आप सांस के साथ धुआं भी अंदर लेती हैं, और आपका भ्रूण भी धूम्रपान करता है।
जो बच्चे धूएं वाले वातावरण में रहते हैं उनकी सोते समय अकारण मृत्यु होने की सभावना रहती है- इसे कॉट डेथ कहते हैं। इसलिए बच्चे के जन्म के बाद भी ज़रूरी है कि धूम्रपान न किया जाए- या कम से कम उस कमरे में नहीं जिसमें बच्चा है।

और वास्तव में जब आप धूम्रपान बंद कर देती हैं तो यह आपकी सेहत के लिए भी अच्छा होता है! आपको पता है कि यह आपके लिए हानिकारक है, और अब, जब आप गर्भवती हैं तो आपके पास इस आदत से छुटकारा पाने का और भी बड़ा कारण मौजूद होता है।

धूम्रपान छुड़ाने में सहायता

आप की परिस्थिति के अनुसार, गर्भावस्था के आरंभिक दिन काफी तनाव भरे हो सकते हैं। ऐसी हालत में धूम्रपान छोड़ना और भी कठिन हो जाता है। लेकिन ऐसे कई जगह है जहां से आपको इसके बारे में सुझाव और सहायता मिल सकती है।
एलेन कार की लिखित पुस्तक धूम्रपान छोड़ने का आसान तरीका पढ़ें– इसको पढ़कर लाखों लोगों ने धूम्रपान छोड़ा है। आप भी इसे यहां से डाउनलोड कर सकती हैं।

ऐसी कई वेबसाइट, जैसे कि क्विट स्मोकिंग स्टाप या स्टाप स्मोकिंग टिप्स भी हैं जो धूम्रपान छोड़ने संबंधी सुझाव देती हैं।

मदिरापान न करें

सिगरेट के धूएं में विद्यमान ज़हरीले रसायनों की तरह ही, शराब भी आसानी से भ्रूण तक पहुंचती है। अतः यदि आप शराब पीती हैं, तो भ्रूण भी शराब पीता है। षराब से बच्चे के दिमाग का समुचित विकास रुक जाता है- और भारी मात्रा में शराब पीने से बच्चे में जन्मजात खामियां भी हो सकती हैं।

क्या केवल एक ड्रिंक भी नुकसान पहुंचा सकता है? इसके बारे में अनुसंधानकर्ता कोई ठीक अनुमान नहीं लगा सके हैं कि केवल थोड़ी मात्रा में भी शराब भ्रूण को नुकसान पहुंचा सकता है कि नहीं। लेकिन जैसे ही कोई महिला थोड़ी अधिक शराब पीती है- उदाहरण के तौर पर दो पैग- तब उनके बच्चे सामान्य आकार से छोटे पैदा होते हैं। इसलिए केवल एक ड्रिंक भी निश्चित तौर पर भ्रूण को कोई फायदा तो नहीं पहुंचाता होगा। इसलिए सुरक्षित सलाह यही है कि आप गर्भावस्था के दौरान मदिरापान न करें।

नशीले व मादक पदार्थों का सेवन न करें

 खासकर कोकीन बहुत ही घातक है- यह भ्रूण तक पहुँचने वाले रक्त संचार को रोक देता है और वास्तव में बहुत अधिक नुकसान पहुंचा सकता है। हशीश या मैरीयुआना से कुछ कम नाटकीय असर पड़ता है। लेकिन तंबाकू पीने की तरह ही जो गर्भावस्था के दौरान गांजा पीती हैं उनके बच्चे भी सामान्य आकार से छोटे पैदा होते हैं।

ऐसा ही एम्फीटामाइन्स या स्पीड या क्रिस्टल मेथ का असर पड़ता हैं और जो महिलाएं हेरोइन की आदी हैं, वे नशे के आदी बच्चों को जन्म दे सकती हैं। वे छोटे होते हैं, बहुत अधिक रोते हैं, और अपने बिस्तर पर लेटकर कांपते रहते हैं। संक्षेप में इन सबका भी धूम्रपान करने और मदिरापान करने जैसा ही असर होता है। यदि आप मादक पदार्थों का सेवन करती हैं तो आपका बच्चा भी करता है। और हमेशा ही इसका बुरा असर पड़ता है।

दवाएं लेते समय सावधानी बरतें

खासकर पहले तीन महीनों के दौरान। कुछ दवाएं आपके भ्रूण को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती हैं। यदि कोई दवा आप बिना डाक्टरी नुस्खे के किसी भी दवा की दुकान या केमिस्ट से खरीद सकती हैं तो इसका अर्थ यह बिलकुल नहीं है कि गर्भावस्था के दौरान वह आपके लिए सुरक्षित हैं।

यह पता करने के लिए वे आपके लिए ठीक हैं, दवा के साथ दिए गए निर्देशों को ध्यान से पढ़ें। आप दवा के दुकान या फार्मासिस्ट के कर्मचारियों से भी आपको इस बारे में समझाने के लिए कह सकती हैं।

यदि आप किसी बीमारी के लिए नियमित रूप से दवा लेती हैं, तो अपने डॉक्टर के पास जाकर, अच्छा हो गर्भवती होने से पहले इस बारे में चर्चा करें। यदि आप अचानक गर्भवती हो जाती है, तो जितना जल्दी हो सके अपने डॉक्टर से मिलें। पैरासीटामाल (या एसीटामीनोफेन) लेने में कोई हर्ज नहीं है- हालांकि अच्छा होगा यदि आप इसे अपनी डॉक्टर की सलाह पर ही लें, संभवतः बुखार उतारने के लिए। एस्पीरीन या आईबूप्रोफेन की सामान्य खुराक से गर्भावस्था के पहले तीन महीनों में गर्भस्राव का खतरा बढ़ सकता है। सबसे अच्छा यही होगा कि आप गर्भावस्था के दौरान दवाएं लेना बंद ही कर दें- यदि डाक्टर कहती है कि यह वास्तव में ज़रूरी हो तभी लें।

सब्जियां धोकर उपयोग करें

और यह सुनिश्चित कर लें कि मांस ठीक से पका है। कुछ प्रकार के खाने से होने वाले संक्रमण (फूड प्वायज़निंग) से भ्रूण संक्रमित हो सकता है।

टॉक्सोप्लाज़्मोसिस एक तरह के परजीवी के कारण होता है। यह कच्चे मांस या बिना धुली सब्जियों के साथ आप तक पहुंच सकता है- और कहा जाता है कि यह बिल्ली के मल में होता है! हालांकि यह आपको बहुत अधिक बीमार नहीं करता लेकिन आपके भ्रूण के दिमाग या आंखों को नुकसान पहुंचा सकता है।

साथ ही बिना पास्चुराइज किया हुआ दूध या इससे बनी चीज़ का भी प्रयोग न करें। इससे आपको लिस्टीरिया संक्रमण हो सकता है, जिससे गर्भस्राव या समय से पहले प्रसव हो सकता है। दूध को उबालने या पास्चुराइज करने (72 डिग्री सेन्टीग्रेड तक गर्म करने) से लिस्टेरिया जीवाणु नष्ट हो जाता है।

 

मन को बहलाने वाले कथन

 

  • ‘‘मुझे वैसे भी बच्चा नहीं चाहिए था, इसलिए मुझे गर्भस्राव होने की कोई चिंता नहीं हैं’’
  • ‘‘मुझे चिंता नहीं है, यदि बच्चा छोटा होता है- कम से कम इससे प्रसव में आसानी होगी।’’
  • ‘‘मैं मोटी नहीं होना चाहती- यदि मैं धूम्रपान करना छोड़ दूंगी तो मेरा वज़न बढ़ जाएगा।’’

वास्तव में यह सब धूम्रपान, मदिरापान या मादक पदार्थ न छोड़ने और आपके अपने शरीर और आपके पेट में पल रहे भ्रूण का ठीक से ध्यान न रखने का बहाना है। यदि आपकी इच्छा थी कि आप गर्भवती न बनें तो, अपने तथा भ्रूण की सेहत को खतरे में डालना समस्या का हल नहीं है। सुझाव के लिए ‘‘गर्भवती होने पर मुझे क्या करना चाहिए?’ खंड देखें।

जैसे-जैसे गर्भधारण के दिन आगे बढ़ते हैं, आपको बच्चे को जन्म देने का सच वास्तविक लगने लगता है। और जब बच्चा जन्म लेता है तो अचानक यह बहुत ही वास्तविक हो जाता है!

बच्चे को जन्म देने से आप चीज़ों को दूसरे नज़रिए से देखने लगती हैं। यदि आप अपने को बहला रही हैं कि आप जो कर रही हैं वह उचित है बावज़ूद इसके कि वह आपके बच्चे को नुकसान पहुंचा सकता है तो, आप अपने जीवन में गंभीर पछतावे का खतरा उठाती हैं।


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