अनेक रोगों का इलाज- प्राणायाम

907

स्वामी रामदेव के अनुसार प्राणायाम सभी चिकित्सा पदातियों में सर्वसरेशठ है क्योंकि इसके विधिवत और नियमित अभ्यास से शरीर के स्मास्त स्नाइयू, कोश, नस-नाड़ियाँ, हड्डियाँ, मास पेशियाँऔर अंग प्रत्यंग के रोग दूर होकर सशक्त और सक्रिय बनते हैं, प्राण शक्ति और जीवन शक्ति बदती है और सप्त धातु परिपुष्ट होते हैं…इससे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य लाभ के अतिरिक्त आध्यटिमिक विकास भी होता है…योग अपनाओ, रोग भगायो

oldveda-pranayam

12 योगासनों को अपने भीतर संजोता है सूर्य नमस्कार

सूर्य नमस्कार हमेशा से ही भारतीय परंपरा का हिस्सा रहा है। यह एक ऐसा योगासन है जो शरीर को स्फूर्ति प्रदान करता है और साथ ही इसे करने के बाद व्यक्ति मानसिक तौर पर भी मजबूत होता है, जिसके परिणामस्वरूप अपने उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए वह और ज्यादा प्रतिबद्ध हो जाता है। शायद यही वजह है कि रावण के साथ युद्ध से पहले स्वयं भगवान राम ने भी सूर्य नमस्कार किया था।

सूर्य नमस्कार के महत्व को कभी भी नजरअंदाज नहीं किया गया, बल्कि ऐसा लगता है कि समय के साथ-साथ इसे और ज्यादा अहमियत दी जाने लगी है। शायद यही वजह है कि अब इसे स्कूली पाठ्यक्रम में भी शामिल किया जाने लगा है। मध्य प्रदेश सरकार ने सूर्य नमस्कार के महत्व को समझते हुए इसे हर शनिवार स्कूलों में होने वाली बाल सभा का अहम हिस्सा घोषित किया है। इससे पहले भोपाल सरकार ने सूर्य नमस्कार, मंत्रोच्चारण और प्राणायाम को उपयोगी करार दिया था। लेकिन तब इस पहल पर विवाद होने के बाद इसे स्थगित कर दिया गया था।

दरअसल सूर्य नमस्कार के अंदर 12 योगासन समाहित हैं जो शरीर के लिए वाकई बहुत जरूरी हैं।

शरीर को चुस्त रखने के अलावा योगासन और भी कई तरीके से मनुष्य जीवन को सहज बनाते हैं। नीचे दिए गए लिंक्स के जरिए आइए जानते हैं कुछ महत्वपूर्ण योगासनों के बारे में


SHARE