Connect with us

Sex & Relation

सुरक्षित सेक्स: क्या करें और क्या नहीं

Published

on

सुरक्षित सेक्स, सुनने में ज़रा बोरिंग लगता है। सेक्स तो मजेदार और संतुष्टिजनक होना चाहिए- लेकिन सुरक्षित सेक्स का क्या?यदि आप इस बारे में ज़रा गौर करें की सेक्स संक्रमित रोग या अनचाहे गर्भ के कारण आपको कितनी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।

तो सुरक्षित सेक्स सुनिश्चित करना आपको बहुत छोटी कीमत लगेगी।  सेफ सेक्स के बारे में क्या करना चाहिए और क्या नहीं, इस अंक में आगे पढ़िए।

क्या करें…

डबल सुरक्षा

‘डबल सुरक्षा’ से हमारा तात्पर्य है गर्भ निरोधन के 2  तरीके एक साथ इस्तेमाल करना, जैसे की गर्भ निरोधक गोली और कंडोम। अपने आप को और अपने साथी को सेक्स संक्रमित रोगों से बचने का एक विश्वनीय तरीका है कंडोम। एक साल तक सिर्फ कंडोम को गर्भ निरोधन के लिए इस्तमाल करने वाली महिलाओं में से 14 प्रतिशत  गर्भवती हो जाती हैं। तो यदि कंडोम के साथ गर्भ निरोधक गोलियां भी उपयोग में लायी जायें तो दोहरी सुरक्षा संभव हो पाती है।

अपने साथी से बातचीत

यदि आप सुरक्षित सेक्स करना चाहते हैं, तो आपको अपने साथी से खुलकर बात करना ज़रूरी है। कंडोम और गर्भ निरोधन के बारे में बात करना आपको अटपटा ज़रूर लगेगा, लेकिन बीमारी का शिकार हनी या अनचाहे गर्भ की तुलना में थोडा कम अटपटा ही है।
इसके साथ ही अपने साथी के पुराने जीवन के बारे में बात करना भी ज़रूरी है। उनके पहले किसी के साथ शारीरक सम्बन्ध रहे हैं, क्या उन्होंने पहले अपना चेक उप कराया है, और उनके अनुसार गर्भ निरोधन का कौनसा तरीका बेहतर है? कंडोम की ही तरह असल में इस बारे में बात करने में भी कोई शर्म नहीं करनी चाहिए।oldveda-logo-272

STDs  के बारे में ज़रूरी जानकारी हासिल कीजिये…

हो सकता है की अपने सेक्स संक्रमित रोगों के बारे में तरह तरह की कहानिया सुनी हों। जैसे की, यदि कोई व्यक्ति देखने में स्वस्थ है तो उसे संक्रमण नहीं है। गलत। या फिर, सेक्स के बाद जननांग धो लेने से संक्रमण का खतरा नहीं होता। बिलकुल गलत!

तो यदि आपको इस बारे में आधारभूत बातें मालूम हों, तो आपको बेशक सही निर्णय लेने में मदद मिलेगी। ये क्या हैं, कैसे फैलते हैं और इनसे बचाव कैसे संभव है? और यदि सही जानकारी होगी तो आप अपने साथी को कंडोम का उपयोग करने के लिए समझा सकते हैं।
तो STDs के बारे में और पढ़िए।

क्या नहीं करें…

कंडोम सम्बंधित गलतियां…

कंडोम के उपयोग से जुडी कई गलतियां हो सकती हैं। तो इसका सही प्रयोग बेहद ज़रूरी है। इसका सही तरीका ट्राई करने के लिए आप खीरे या केले पर प्रयोग करके देख सकते हैं।
ये भी याद रखिये की एक कंडोम केवल एक बार ही इस्तेमाल होना चाहिए। महिला और पुरुष कंडोम एक साथ उपयोग न करें। प्रयोग से पहले कंडोम के पैकेट पर लिखी एक्सपायरी डेट ठीक से जांच लें। कंडोम उतारते समय सही जगह से पकड़ कर उतारें। ये सिर्फ कुछ बेसिक ज़रूरी बातें ही हैं. और जानकारी के लिए इस विषय पर और पढ़ें।

योनि को अपसेट न करें…

योनि पर साबुन का अधिक इस्तेमाल ऐसी स्थति पैदा कर सकता है जब योनि को संक्रमण से बचने वाला बैक्टीरिया नष्ट हो जाये। और ऐसे में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
और योनि को टाइट बनाने के लिए लगाये जाने वाले पदार्थ भी ऐसी स्थति पैदा कर सकते हैं.योनि में सेक्स के दौरान सूखापन सही नहीं है।

योनि और गुदा मैथुन के बीच लिंग को साफ़ करना या कंडोम बदलना न भूलें। गुदा से लगने वाला बैक्टीरिया योनि में जाकर संक्रमण का कारण बन सकता है।

संक्रमण होने का कारण सेक्स न करना…

यदि आप या आपके साथी को संक्रमण हो गया है, तो शायद आपको लगेगा की सेक्स करना बंद करना चाहिए। लेकिन आपको ऐसा करने की ज़रूरत नहीं है। यदि आप कंडोम का प्रयोग सही प्रकार से कर रहे हैं तो संक्रमण के फैलने की सम्भावना नहीं है।

बहुत से संक्रमित रोगों का इलाज संभव है। लेकिन फिर भी इलाज के दौरान कंडोम का प्रयोग ज़रूर करें। क्यूंकि संक्रमण के दौरान असुरक्षित सेक्स दुसरे नए संक्रमणों का खतरा पैदा करता है, जैसे की एड्स।

 


Continue Reading

women body

पीरियड्स के दौरान खाएं ये फूड्स, दर्द से मिलेगी राहत

Published

on

By

पीरियड्स महिलाअों के लिए बहुत ही बड़ी समस्या है इसमें उनके कई परेशानियां का सामना करना पड़ता है जैसे दर्द, कमजोरी और चिड़चिड़ापन। इन से महिलाअों की दिनचर्या पर काफी असर पड़ता है लेकिन अगर इन दिनों अाप अपनी डाइट सही रखें तो अाप इन समस्याअों से बच सकती है। अाज हम आपको कुछ एेसी चीजों के बारे में बताएंगे जिनका पीरियड्स के दौरान सेवन करने से फिजिकल और मेंटल प्रॉब्लम्स को दूर कर सकती है।

stress-free_oldveda

1. एेलोवेरा जूस

अगर अापको पीरियड्स के दर्द से छुटकारा पाना है तो एक एेलोवेरा जूस में एक चम्मच एक चम्मच शहद अौर पानी मिलाकर कर पीने से दर्द, कमजोरी अौर अधिक ब्लीडिंग से राहत मिलती है।

2. तुलसी

पानी में 7-8 पत्ते उबालकर उसमें एक चम्मच शहद मिलाकर पीने से राहत मिलती है।

3. अलसी

सुबह नाश्ते में भूनी हुई अलसी लेने से पारियड्स के दर्द से छुटकारा मिलता है।
 

3. ग्रीन टी

ग्रीन टी पीने से शरीर के मसल्स रिलैक्स महसूस करते है अौर दर्द में राहत मिलती है।

4. पाइन एप्पल

पीरियड्स के दिनों में पाइन एप्पल का खुब सेवन करने से हर तरह के दर्द से छुटकारा मिलता है।

5. अदरक 

पानी में अदरक डाल कर उबाल लें अौर फिर इसमें थोड़ा सा शहद मिलाकर पी लें इससे दर्द से झट से राहत मिलती है।

6. खसखस अौर गर्म दूध

दूध में खसखस मिलाकर पीने से कमजोरी भी दूर होती है अौर साथ ही साथ खून की कमी भी पूरी होती है।

7. केला 

पीरियड्स के दौरान केला खाने से मूड भी सही बना रहता है अौर एनर्जी भी।


Continue Reading

Sex & Relation

लहसुन की सिर्फ 2 से 3 कली आपके जीवन में कर सकती हैं ये बड़ा कमाल

Published

on

लहसुन की सिर्फ 2 से 3 कली आपके जीवन में कर सकती हैं ये बड़ा कमाल

क्या आप लिबिडो की कमी या बिस्तर पर सही प्रदर्शन नहीं कर पाने की समस्या से जूझ रहे हैं? अगर हां, तो एक सरल उपाय से आप इस समस्या से छुटकारा पा सकते हैं और अपनी सेक्स क्षमता बढ़ा सकते हैं। जी हां, ये आसान उपाय कुछ और नहीं बल्कि आपके किचन में मिलने वाली चीज लहसुन है। लहसुन एक ऐसा मसाला या खाद्य सामग्री है, जो आपको आसानी से उपलब्ध होता है। लहसुन की छोटी-छोटी कलियां सिर्फ खाने का जायका ही नहीं बढ़ाती बल्कि इनके बहुत सारे औषधीय गुण भी होते हैं। बेशक लहसुन स्वाद में कड़वा होता है लेकिन इसमें आपकी सेक्स लाइफ में मिठास घोलने की पूरी क्षमता होती है।

garlicc-for-libido-power

लहसुन ही क्यों
लहसुन एक शक्तिशाली कामोत्तेजक (aphrodisiac) है, जो सेक्स क्षमता सुधारने के लिए बहुत प्रभावी माना जाता है। वास्तव में लहसुन आपके यौन स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभकारी है। ये यौन इच्छा को बढ़ाने के लिए एक टॉनिक के रूप में कार्य करता है। इतना ही नहीं इससे कम लिबिडो के कारण आपके सेक्स प्रदर्शन पर पड़ने वाले प्रभाव को भी कम करने में मदद मिलती है।

आपको क्या चाहिए

  • लहसुन की केवल 2 से 3 कली

इसका इस्तेमाल ऐसे करें

  • डॉक्टर बखरू के अनुसार, आपको अपनी लिबिडो बढ़ाने के लिए रोजाना लहसुन की 2 से 3 कच्ची कली खानी चाहिए।

टिप- लहसुन खाने के बाद अच्छी तरह से ब्रश ज़रूर करें। दरअसल इसे खाने के बाद मुंह से बदबू आती है। जाहिर हैं, ये बदबू आपको किसिंग के दौरान महंगी पड़ सकती है।


Continue Reading

Dry Fruits

शुक्राणु बढ़ाना चाहते हैं तो रोजाना खायें मुट्ठी भर अखरोट

Published

on

By

लॉस एंजिलिस : पुरुषों की शुक्राणु संख्या दुनिया भर में एक बड़ी समस्या मानी जाती है और वैज्ञानिकों का कहना है कि इसे बढ़ाने का बहुत आसान तरीका है मुट्ठी भर अखरोट खाना।

यूसीएलए स्कूल ऑफ नर्सिंग की प्रोफेसर वेंडी रॉबिन्स ने बताया, ‘अखरोट और पुरुष प्रजनन-क्षमता के संबंध में हमने जो प्राथमिक अनुसंधान किया उसमें हमने भोजन में अखरोट जोड़ने पर शुक्राणुओं के पहलुओं में सुधार पाया जिसने हमारे लिए पुरूष प्रजनन-क्षमता और प्रजनन स्वास्थ्य पर अखरोट के प्रभावों का और अध्ययन करने का एक मंच तय किया।’ वेंडी ने कहा, ‘नई परियोजना चल रही हैं और हमें उम्मीद है कि निकट भविष्य में इसके बारे में आपसे साझा करने में सक्षम होंगे।’ उन्हेंने बताया कि रोजाना 75 ग्राम अखरोट के सेवन से 21 से 35 साल के आयुवर्ग के स्वस्थ पुरुषों के समूह में शुक्राणु जीवन-शक्ति, गतिशीलता और सामान्य आकृति में सुधार हुआ।

विज्ञान पत्रिका ‘बायोलोजी ऑफ रिप्रोडक्शन’ में प्रकाशित यह अध्ययन दुनिया भर में सात करोड़ से ज्यादा दंपतियों के लिए अहम हैं जिन्हें प्रजनन क्षमता की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वैज्ञानिकों का कहना है कि इनमें से 30 से 50 फीसद मामले पुरुष पार्टनर से जोड़े जाते हैं।

oldveda-old-veda-logo-banner-health-lifestyle-ayurveda1

अखरोट अकेला ऐसा मेवा है जो पौधा आधारित ओमेगा-3 फैटी ऐसिड- अल्फा-लिनोलेनिक एसिड (एएलए) का शानदार स्रोत है। बहरहाल, एएलए के अलावा अखरोट में उच्च ऐंटी-ऑक्सिडेंट हैं, और साथ ही अनेक माइक्रो-न्यूट्रिशिएंट भी जिनके बारे में वेंडी का सोचना है कि उन सब का मिला जुला असर पड़ता है।

‘कैलीफोर्निया वालनट कमिशन’ की पोषण सलाहकार कैरोल बर्ग स्लोआन ने कहा कि खाने का रिश्ता मानव प्रजनन सफलता से जोड़ा जाता है। लेकिन ज्यादातर जोर मां के भोजन पर होता है और बहुत कम जोर पिता के भोजन पर होता है। कैरोलन ने कहा कि वेंडी के अध्ययन ने यह जताया है कि पिता के भोजन का प्रभाव ना सिर्फ प्रजनन-क्षमता पर होता है, बल्कि यह बच्चे और आने वाली पीढ़ियों के स्वास्थ्य को भी प्रभावित करता है।

यूसीएलए के अनुसंधान में 117 स्वस्थ युवकों को शामिल किया गया था। उन्हें पाश्चात्य शैली का भोजन दिया गया। उनमें से तकरीबन आधे लोगों ने 12 हफ्तों तक रोजाना 75 ग्राम अखरोट का सेवन किया। बाकी लोगों ने इसका सेवन नहीं किया। वेंडी ने बताया कि 12 हफ्तों के बाद अखरोट का सेवन करने वाले युवकों के समूह में शुक्राणु जीवन-शक्ति, गतिशीलता और सामान्य आकृति में सुधार पाया गया।


Continue Reading

Trending