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tips to control body odour – शरीर की गंध को नियंत्रित करने के उपाय

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Tips to control body odour – शरीर की गंध को नियंत्रित करने के उपाय : कई पुरुषों और महिलाओं के शरीर से बहुत गंध आती है जो एक शर्मनाक समस्या है। एक संवेदनशील विषय होने कि वजह से यह खुले तौर पर चर्चा में नहीं आती है। शरीर की गंध पसीने के कुछ प्रकार के साथ शुरू होती है जो सूखने के बाद लुप्त हो जाती है। कुछ ग्रंथि बाहु के नीचे और जननांगों में एक प्रकार का तत्व छिपाके रखते है जिस पर बैक्टीरिया पनपता है। तनाव, अण्डोत्सर्ग, यौन उत्तेजना और क्रोध इन ग्रंथियों से स्राव को बढाते है। कुछ दवाओं और बीमारियों की वजह से भी ऐसा होता है। अपर्याप्त स्नान या स्वच्छता से शरीर की उत्पादित गंदगी और कचरे को अच्छी तरह साफ ना करने से भी यह होता है। कभी-कभी कुछ खाद्य पदार्थों और हीनता से भी शरीर में गंध पैदा होती हैं। महिलाओं में शारीरिक गंध मासिक धर्म और तनाव के दौरान बढ़ जाती है।

रसायन और कृत्रिम – खुश्बूदार स्प्रे बाज़ार में उपलब्ध है लेकिन वे गंध पे अस्थायी नियंत्रण देते है और मूल कारण तक नहीं पहुँचते पाते है। शरीर की गंध के लिए कई प्राकृतिक उपचार मौजूद है जो अवांछनीय गंध का इलाज करते है और एक साफ़ शरीर प्रदान करने में मदद करते हैं।

शरीर की गंध को खुले तौर पर चर्चा में नही लाया जाता क्यूँकि यह एक शर्मनाक और संवेदनशील विषय है। आम तौर पर मानव शरीर एक काम करने वाली प्रणाली है। पाचन प्रक्रिया के प्रणाम स्वरूप कचरा बनता है जो त्वचा में पसीना की जगह ले लेता हैं। अपर्याप्त स्नान या सफाई की विफलता से शरीर में गंध होती है। आम तौर पर महिलाओं में तनाव और मासिक धर्म में अक्सर स्वाभाविक रूप से शरीर में गंध बढ़ जाती है। एक और महत्वपूर्ण बात यह है कि शरीर के बगल में मौजूद पसीने की ग्रंथिया शरीर से विषाक्त पदार्थों को मलोत्सर्ग कर देती है। यही कारण है कि पसीना अनुकूलतम शारीरिक स्वास्थ्य का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। विरोधी पेर्सीपि्रंट गंधहारक के प्रयोग से बचें क्यूँकि यह छिद्रों से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकलने से रोकते है। एसिड कर्नितिन में शामिल उच्च भोजन आंतों से अवशेष को अच्छी तरह से निकालते है और प्राकृतिक पाचन प्रक्रिया में मदद करते है। शरीर की गंध की पहचान के लिए किसी भी चिकित्सा निदान की जरूरत नहीं है। अगर आपको सामान्य से अधिक पसीना (paseenay ki badboo) आना शुरू हो गया हो तो स्वास्थ्य व्यवसायी से परामर्श करें। शरीर की गंध चिकित्सा विकार का एक बड़ा संकेत भी हो सकती है।

शरीर की गंध को नियंत्रित करने के उपाय

शरीर की गंध को नियंत्रित करने के उपाय

कम से कम दिन में एक बार स्नान करे। इससे पसीना धोने के साथ साथ आपकी त्वचा से बैक्टीरिया की मात्रा को कम करने में मदद मिलेगी।

शरीर की बदबू – साफ रहे (Stay clean)

पसीना अपने आप में व्यावहारिक रूप से बिना गंध का होता है। लेकिन जब यह अवांछित बैक्टीरिया से आपकी त्वचा पर जुड़ता है तो यह बदबू को बढ़ाता है।

शरीर की गंध को कम करने के लिए, पूरे शरीर को विशेष रूप से पसीने वाले क्षेत्रों को अच्छी तरह से धोये।

अत्यधिक मात्रा में पसीना के साथ आपको अधिक समस्या हो सकती है। यही कारण है कि जीन लोगो को ज्यादा पसीना आता है, उनके शरीर में गंध पैदा करने वाले बैक्टीरिया पनपते है।

शरीर की दुर्गन्ध – जीवाणुरोधी सफाई उत्पादों का प्रयोग करें (Use antibacterial cleansing products)

पसीने की बदबू के उपाय(paseenay ka ilaj), जीवाणुरोधी घटक वाले उत्पादों को चुनें। जीवाणुरोधी उत्पादों के साथ अच्छी तरह से त्वचा धोने से बैक्टीरिया की गिनती कम होती है जो गंध को कम करने में मदद करती है।

किसी भी उत्पाद को खरीदते समय “जीवाणुरोधी” वाक्यांश को खोजने की कोशिश करें।

पसीने की बदबू – स्नान के बाद अच्छी तरह से अपने आप को शुष्क करे (Dry yourself thoroughly after bath)

“औद्योगिक शक्ति” गंधहारक या प्रतिस्वेदक का उपयोग करें (Use “Industrial strength” deodorants or antiperspirants)पसीने की बदबू का उपचार, जब आप स्नान करते है तो पुरे शरीर को खास कर के अत्यधिक पसीना से ग्रस्त क्षेत्रों को सूखा ले। अगर त्वचा सूखी होती है, तो बैक्टीरिया शरीर में गंध फैलाने में असमर्थ हो जाते है।

साफ और शुष्क होने के लिए, अपने बाहु के नीचे एक मजबूत गंधहारक या विरोधी पेर्सिपरैनटा का उपयोग शुरू करे। गंधहारक आमतौर पर पसीना नहीं रोकते हैं, वे आपकी त्वचा पर जीवाणुओं की गंध से छुटकारा पाने में मदद करते है। विरोधी पेर्सिपरैनटा में एल्युमीनियम क्लोराइड होता है जो पसीना कम कर देता है और एक निर्गन्धीकृत एजेंट के रूप में कार्य करता है।

अपने कपड़े साफ़ रखें (Keep your wardrobe clean)

जब आपको काफी पसीना आ रहा हो तो अपने कपड़े नियमित तौर पर बदलते रहें। नए और धुले कपड़े पहनने से दुर्गन्ध पास नहीं फटकती।

अगर आपके पैरों से भी दुर्गन्ध आती है तो मोज़े भी बदलते रहें। जूतों के साथ डिओडरेंट पाउडर (deodorant powders) का प्रयोग करें, जूते की सोल्स (insoles) बदलते रहें और संभव हो सके तो बिना जूतों के रहें।

धूम्रपान (Smoking)

धूम्रपान ना सिर्फ आपके स्वास्थ्य को खराब करता है, बल्कि आपके दांतों को भी काफी नुकसान पहुंचाता है और आपको अपनी उम्र से बड़ा प्रतीत करवाता है। इससे आपसे काफी दुर्गन्ध भी आती है। तम्बाकू के धुंए में कई प्रकार के रसायन और हानिकारक तत्व होते हैं जो आपको अंदर से खोखला करते रहते हैं। अगर आप धूम्रपान करना छोड़ दें तो इससे दुर्गन्ध आनी भी बंद हो जाएगी।

प्राकृतिक फाइबर के कपड़े जैसे सूती या रेशम के कपड़े पहनने से त्वचा को सांस लेने में काफी आसानी होती है। इससे त्वचा सूखी रहती है और उमस और नमी दूर रहती है।प्राकृतिक फाइबर के कपड़े पहनें (Use natural fiber clothing)

हानिकारक भोजन से परहेज करें (Cut out and about or trim down “Offensive” food)

आपके द्वारा ग्रहण किये जाने वाले भोजन से भी आपके शरीर की गंध(body se smell) प्रभावित होती है। जिन खाद्य पदार्थों से अधिक पसीना निकलता है, जैसे लाल मिर्च या अन्य गर्म एवं मसालेदार भोजन, वे शरीर में दुर्गन्ध पैदा करते हैं। प्याज और लहसुन से भी दुर्गन्ध आती है, जो आपके पसीने की गंध से मिलकर असहनीय हो जाती है।

दुर्गन्ध दूर करने के कुछ नुस्खे (Some tips to remember to eliminate foul smells)

कांख के बाल छीलें (Shave underarms) – कांख के बालों में आसानी से बैक्टीरिया (bacteria) पैदा हो जाते हैं। ये बाल आसानी से दुर्गन्ध सोखते हैं और इनके दूर होने की गति भी काफी धीमी होती है।

जूते बदलें (Change shoes) – कई बार सबसे ज़्यादा बदबू आपके पैरों से ही आती है। जूते बदलने से हवा निकलने की जगह बनेगी तथा दुर्गन्ध दूर होगी। इससे जूते के अंदर पनपने वाले बैक्टीरिया भी कम होंगे।

सिरके का प्रयोग (Apply vinegar) –  सिरका दुर्गन्ध भगाने का काफी अच्छा कारक है क्योंकि सेब के सिरके के गुण बैक्टीरिया को पनपने नहीं देते। अगर आप अपनी बांहों के नीचे सिरका छिड़केंगे तो आपसे दुर्गन्ध नहीं आएगी।

विच हेज़ल का प्रयोग (Apply witch hazel) – विच हेज़ल और टी ट्री ऑइल (tea tree oil) का प्रयोग अपनी बांहों के नीचे दुर्गन्ध भगाने के लिए करें। त्वचा पर विच हेज़ल के प्रयोग से आप सामान्य डिओड्रेंट का काम ले सकते हैं।

टी ट्री ऑइल का प्रयोग (Apply tea tree oil) – प्रभावित भागों पर टी ट्री ऑइल लगाएं। यह तेल एक ऑस्ट्रेलियाई पेड़ से निकाला जाता है जिससे बैक्टीरिया समाप्त होते हैं और सुन्दर महक आती है।

सेज (Sage) – सेज पसीना निकलना रोकता है और बैक्टीरिया से लड़ता है। इसका प्रयोग बांहों के नीचे करें, पर गुप्तांगों में प्रयोग करने से बचें।

नीम्बू (lemon) – नीम्बू जैसे खट्टे फलों के बांहों के नीचे प्रयोग से बदबू पैदा करने वाले बैक्टीरिया ज़्यादा देर तक टिक नहीं पाते।

बेकिंग सोडा और नीम्बू का रस (Baking soda and lime juice) – यह मिश्रण बदबू दूर करने का काफी अच्छा तरीका है। बेकिंग सोडा पसीने को सोखता है, बैक्टीरिया को दूर करता है तथा एक प्राकृतिक डिओड्रेंट का काम करता है। इस पेस्ट को स्नान करने से पहले अपनी बांहों के नीचे लगाएं। इसे 10 मिनट के लिए छोड़ दें और फिर पानी से धो लें।

बेकिंग सोडा और कॉर्नस्टार्च (Baking soda and cornstarch) – बेकिंग सोडा पसीना और बैक्टीरिया दूर करता है तथा डिओड्रेंट का काम करता है। कॉर्नस्टार्च पसीना निकलने से रोकता है। काँखों को अच्छे से सुखा लें और फिर नीचे बेकिंग सोडा या स्टार्च सीधे ही लगा लें।

वीटग्रास का रस (Wheatgrass juice) – यह भी पसीने की बदबू को दूर करने का प्रभावी तरीका है। वीटग्रास के रस को पानी के साथ मिश्रित करें और और हर सुबह खाली पेट इसका सेवन करें।

शलजम का रस (Turnip juice) – यह विटामिन सी (vitamin C) और अन्य पोषक पदार्थों का काफी अच्छा स्त्रोत होता है। यह पसीने की दुर्गन्ध को दूर करने में काफी कारगर साबित होता है। शलजम का पेस्ट बनाएं और इसके रस को सीव (sieve) की सहायता से निकालें। इस रस का प्रयोग बाँहो के नीचे और गुप्तांगों के पास करें। अब इसे सूखने के लिए छोड़ दें। सबसे ज़्यादा पसीना निकलने वाले भाग में इसका प्रयोग करने से कम से कम 10 घंटों तक बदबू नहीं आती।

टमाटर के रस से स्नान (Tomato juice bath for body odour) – टमाटर एक प्राकृतिक एंटीसेप्टिक (antiseptic) है जो काफी मात्रा में बैक्टीरिया को मारता है। आयुर्वेद के अनुसार नहाने के पानी में टमाटर का रस डालकर स्नान करने से बदबू दूर होती है। आप दिन में 3 बार टमाटर के रस का सेवन भी कर सकते हैं।


पसीने की बदबू के लिए खानपान (Diet remedy for body odour) –
शरीर की बदबू को दूर भगाने के लिए सही खानपान बेहद आवश्यक है। जो भी भोजन आप करते हैं, वही पसीने की गंध के रूप में निकलता है। प्याज, लहसुन, मांस आदि का सेवन करने से दुर्गन्ध निकलती है। कॉफ़ी, कोला (Coffee colas) तथा शराब आदि भी पसीने की बदबू की वजह बनते हैं। अतः इनसे परहेज करें या फिर कम से कम इनका सेवन कम करें। तम्बाकू से भी दुर्गन्ध बढ़ती है, अतः धूम्रपान भी छोड़ने का प्रयास करें। खूब पानी पियें और संतुलित आहार ग्रहण करें। प्रोटीन, साबुत अनाज, दाल, मछलियाँ, स्वास्थ्यकर वसा, ताज़ा सब्जियां और फल का सेवन करें। धनिये और पुदीने को अपने खानपान में शामिल करें तथा खाने के बाद सौंफ चबाएं।

पसीने की बदबू दूर भगाने के लिए घरेलू प्राकृतिक तत्व (Homemade natural deodorant for body odour) – यह सेज के तेल, धनिये के तेल, लैवेंडर (lavender) के तेल और हेज़ल से बनता है। इन सारे उत्पादों का 5 चम्मच मिश्रित करें और एक स्प्रे बोतल (spray bottle) में डालें। इसक प्रयोग नहाने के बाद डिओड्रेंट के रूप में करें।


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इन अासान तरीकोें से करें बवासीर को दूर

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बवासीर की बीमारी एक एेसा असहनीय दर्द है जो दो तरह का होता है अंदरूनी अौर बाहरी। अंदरूनी में नसों की सूजन नहीं दिखती लेकिन महसूस होती है अौर दूसरा बाहरी बवासीर में सूजन बाहर दिखती है। इस बीमारी का पता बड़ी ही अासानी से लग जाता है जैसे मलाशय में दर्द या जलन होना फिर इसके बाद रक्तस्राव, खुजली होना। इस बीमारी से छुटकारा पाने के लिए हम पता नहीं कितनी दवाईयों का सेवन करते लेकिन इनका ज्यादा कोई असर नहीं होता। अाप कुछ घरेलू तरीके अपनाकर भी इस इस समस्या से छुटकारा पा सकते है। आइए जानते है ये तरीके…
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1. फाइबर युक्त आहार
अगर अाप अपने पाचन को सही रखना चाहते है तो फाइबर युक्त अाहार का सेवन करें। खाने में साबुत अनाज, ताजे फल और हरी सब्जियों को अधिक शामिल करें।
2. छाछ
छाछ काफी हद तक बवासीर में फायदेमंद होता है। 2 लीटर छाछ में 50 ग्राम पिसा हुआ जीरा और स्‍वादानुसार नमक मिला लें और प्यास लगने पर इसी का सेवन करें।
3. दही 
रोजाना दही का सेवन करने से बवासीर होने की संभावना कम होती है अौर शरीर को फायदा मिलता है।
4. जीरा
जीरे को भूनकर मिश्री के साथ मिलाकर चूसने से फायदा मिलता है या आधा चम्‍मच जीरा पाऊडर एक गिलास पानी के साथ मिक्स करके पीएं।
5. अंजीर
सूखे अंजीर को लेकर रात भर के लिए गर्म पानी में भिगो दें और सुबह खाली पेट लें।  इसको खाने से फायदा होता है।
6. तिल
बवासीर को रोकने के लिए 10-12 ग्राम धुले हुए काले तिल को एक ग्राम मक्खन के साथ मिलाकर लेने से जल्द अाराम मिलता है।

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चिकनगुनिया को रखें खुद से दूर, जानिए कैसे ?

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मौसम बदलने के साथ साथ बहुत सारे वायरल रोग भी फैलते हैं। इन दिनों वायरल फीवर, खांसी-जुकाम की परेशानी आम सुनने को मिल रही हैं।  सबसे पहले तो बाहर के खाने से परहेज करें और साफ सुथरा स्वस्थ भोजन खाएं। इन दिनों चिकनगुनिया भी काफी तेजी से फैल रहा है। यह रोग ऐसे हैं जो संक्रमण और साफ सफाई ना होने की वजह से फैलते हैं। दिल्ली में तो चिकनगुनिया ने हड़कंप मचा रखा है।

चिकनगुनिया मच्छर के काटने से ही होता है जिससे रोगी बुखार खांसी, जुकाम से ग्रस्ति हो जाता है। इस रोग की गंभीर बात यह है कि इस रोग से बचने के लिए कोई टीका नहीं है। आमतौर पर चिकनगुनिया का मच्छर दिन में काटता है इसलिए दिन में भी मच्छर कॉयल जलाकर रखें।

चिकनगुनिया को रखें खुद से दूर, जानिए कैसे ?

चिकनगुनिया को रखें खुद से दूर, जानिए कैसे ?

लक्षण
– जोड़ों में दर्द
-100 डिग्री के आस-पास बुखार।
– शरीर पर लाल रंग के रैशेज बन जाते हैं।
– भूख नहीं लगती और थकान
– सिर में दर्द और खांसी-जुकाम

बचाव
– आस-पास साफ-सफाई का ध्यान रखें।
– मच्छरदानी का प्रयोग करें।
– खुद ही डॉक्टर बन दवाई ना खाएं। चेकअप जरूर करवाएं।
– खूब पानी पीजिए।
– बाहर का खाना ना खाएं
– खिड़की-दरवाजों को बंद रखें ताकि मच्छर घर में प्रवेश ना कर पाएं।
– पूरे ढके कपड़े पहनें।


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पथरी के दर्द से छुटकारा पाने के लिए अपनाएं ये घरेलू उपाय!

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पथरी यानि स्टोन की समस्या आजकल आम देखने को मिल रही है। इसका दर्द इतना भयानक होता है कि सहा न जा सकें। पथरी यूरिन सिस्टम की बीमारी है जो शरीर में कैल्शियम के गाढ़े होने से बढ़ने लगती है। हर उम्र के लोग इस समस्या का सामना कर रहे है। अगर आप भी इस समस्या से परेशान है तो हम आपको कुछ घरेलू नुस्खे बताने जा रहे है, जिसे अपनाकर आप पथरी के दर्द से निजात पा सकते है।

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1. केला

पथरी के दर्द से राहत पाने के लिए केले का सेवन रोज करें। केले में पाए जाने वाले विटामिन्स पथरी को बढ़ने से रोकते है।

 2. अजवाइन

पानी में अजवाइन डालकर उबाल लें और फिर इसे छानकर पीएं। इसे पीने से पथरी के दर्द से छुटकारा मिलेगा।

3. नींबू पानी

नींबू में सीट्रिक एसिड की मात्रा पाई जाती है जोकि शरीर में कैल्शियम की मात्रा को बढ़ने से रोकता है। पथरी के समय इसका सेवन करने से जल्दी राहत मिलती है।

4. मिश्री, सौंफ और सूखा धनिया

रात को 2 गिलास पानी में 2 बड़े चम्मच सौंफ, सूखा धनिया और मिश्री को डालकर भिगों दें। सुबह इसे छानकर खाली पेट पीए। एेसा करने से आपको जल्दी ही पथरी से राहत मिलेगी।

5. प्याज

प्याज के रस को शक्कर के साथ पीएं। प्याज में पाए जाने वाले पोटैशियम और विटामिन-B शरीर में पथरी को बढ़ने से रोकता है।

6. एलोवेरा

एलोवेरा का जूस नियमित रूप से पीने से पथरी के दर्द से राहत मिलती है।

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