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Diet & Fitness

खाना खाने के तुरंत बाद पानी पीना आखिर क्यों है जानलेवा, जानिए अभी

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खाना खाने के तुरंत बाद पानी पीना आखिर क्यों है जानलेवा, जानिए अभी 

आप यह बात हमेशा सुनते चले आ रहे हो या फिर आप इस बात का पालन भी करते होगे कि खाने के बाद आप पानी नहीं पीते होगे। आप काम तो आसानी से करते चले आ रहे है लेकिन आप जानते है कि इसके पीछे कारण क्या है। आखिर खाने के बाद पानी पीने की मनाही क्यों है। इससे हमरे शरीर में क्या प्रभाव पड़ता है।

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डॉक्टरों के अनुसार माना जाता है कि अगर आपने खाने के बाद पानी पिया तो इससे आपका खाना ठीक ढंग से पचेगा नहीं साथ ही आपका पेट भी बाहर निकल आएगा। 90 प्रतिशत लोग ऐसे होते है जिनका पानी के बिना खाना नहीं का सकते है। हर एक टुकड़े के बद पानी पीने की आदत होती है।

आप बड़े-बुजुर्गों से ये बात सुनते चले आ रहे है कि खाना के बाद पानी नहीं पीनी चाहिए जानिे आखिर इसके पीछे कारण क्या है। इस बारें में एक ऋषि वाग्बट्ट जो कि 135 साल जीवित रहें। उन्होने अपनी एक किताब में खाने के बाद पानी पीना जहर बताया उन्होने एक वाक्य के माध्यम से पूरी बात कह दी थी-

भोजनान्ते विषं वारी

इस वाक्य का मतलब है कि खाना खाने के तुरंत बाद पानी पीना जहर पीने के बराबर है। इस बारें में वाग्बट्ट का कहना था कि हमारे पूरे शरीर का एक केंद्र होता है वो है हमारा पेट। अगर हमारा पेय़ ठीक ढंग से काम न करें तो हमें कई समस्याओं से गुजरना पड़ता है। साथ ही यह समस्या होन से हमें एनर्जी नहीं मिल पाती है।

इसी तरह आयुर्वेद में माना जाता है कि आग जलेगी तो खाना पचेगा, खाना पचेगा तो उसका रस बनेगा। जो रस बनेगा तो उसी रस से मांस, मज्जा, रक्त, वीर्य, हड्डिया, मल,मूत्र और अस्थि बनेगा और सबसे अंत मे मेद बनेगा। ये तभी होगा जब खाना पचेगा।

इसलिए कहा गया है कि अगर आप अपने सेहत को लेकर छोटी-छोटी बातें याद रखेगे तो आप कभी भी बीमार नहीं हो सकते है। यदि आपने थोड़ी सी लापरवाही बरती तो आप आसानी से किसी भी बीमारी की चपेट में आ सकते है।

साइंस से परे प्राचीन युग से भारतीय चिकित्सिक दुनिया की ढाल बने आयुर्वेद के अनुसार खाना खाने के तुरंत बाद पानी पीना जहर माना जाता है। खाना खाने के बाद पानी पीने से जठराग्नि समाप्त हो जाती है। जठराग्नि अमाशय की वो ऊर्जा है जो हमारे खाए हुए खाने को पचाने का काम करती है।

यह ऊर्जा हमारे भीतर होना बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि यदि धीरे-धीरे यह ऊर्जा समाप्त हो जाती है तो हमारे द्वारा ग्रहण किया गया भोजन पच नहीं पाता है। खाना नहीं पचने की वजह से वो अमाशय में ही सड़ने लग जाता है और इससे गैस, एसिड बनना शुरू हो जाता है। जोकि आपके लिए जानलेवा भी साबित हो सकता है। इसलिए कभी भी खाना काने के तुरंत बाद पानी नहीं पीना चाहिए।

हमेशा खाना खाने के आधा घंटे पहले और खाना खाने के 2-3 घंटे बाद ही पानी पीएं। तभी पाचन शक्ति मजबूत रहती है। जिससे आपको पेट संबंधी कोई समस्या भी नहीं होगी।

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आखिर आयुर्वेद और वात, पित व कफ क्या है?

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आयुर्वेद क्या है ?

हिताहितं सुखं दुःखमायुस्तस्य हिताहितम्।

मानं च तच्च यत्रोक्तमायुर्वेदः स उच्यते॥

जिसमे आयु के हिताहित का ज्ञान और उसका योग मालूम हो उसको आयुर्वेद कहते है .

जिसमे आयु का हित- अहित, रोग का निदान और शमन हो , उसको लोग आयुर्वेद कहते है

आयुर्वेद की आवश्यकता ?

जो आयुर्वेद और धर्मशास्त्र की युक्तियो के अनुसार चलते है उनको रोग नहीं होते है और उनके पुण्य और आयु में वृधि होती है चिकित्सा करने से कही धन की प्राप्ति होती है तो कही मित्रता होती है कही कर्म होता है तो कही यश मिलता है. और कही किर्या करने से अभ्यास बढ़ता है किन्तु वेधक शिक्षा कभी व्यर्थ नहीं जाती है.

दोष क्या ?

है आयुर्वेद में तीन दोष होते है वात,पित्त और कफ. धातु और मल इन तीनो दोषों से दूषित होते है इसलिए इनको दोष कहते है यहाँ दोष को धारण करते है इसलिए इनको धातु भी कहते है महान आयुर्वेदाचार्य वाग्भट के अनुसार – वात ,पित्त और कफ दूषित होने से देह(Body) का नाश करते है तथा शुद्ध होने पर शरीर को धारण करते है.

वात के प्रकार और रहने व रहने के स्थान ?

  • उदान वायु –ये कंठ में रहती है.
  • प्राण वायु –ये दिल में में रहती है.
  • समान वायु – ये नाभि में रहती है.
  • अपान वायु – ये मलाशय में रहती है.
  • व्यान वायु –ये समस्त शरीर में व्याप्त रहती है .

पित के प्रकार और रहने व रहने के स्थान ?

  • पाचक पित्त – ये अमाशय में रहता है.
  • रंजक पित्त – ये लीवर में रहता है.
  •  साधक पित – ये दिल में रहता है.
  • आलोचक पित –ये आँखों में रहता है.
  • भ्राजक पित – ये सारे शरीर और आँखों में रहता है.

 

कफ के प्रकार और रहने व रहने के स्थान ?

  • क्लेदक काफ – ये पेट में रहता है.
  • अवलम्बक कफ – ये दिल में रहता है.
  • रसन कफ – ये कंठ में रहता है.
  • स्नेहन कफ ­– ये सिर में रहता है.
  • श्लेष्मक कफ – ये जोड़ो में रहता है.

 

धातु क्या है ?

  • रस
  • रक्त
  • मॉस
  • मेद
  • अस्थि
  • मज्जा
  • शुक्र ये सात धातुये होती है यहाँ मनुष्य के शरीर में स्वयं रहकर देह को धारण करती है,


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Diet & Fitness

पुरूषों को नुकसान पहुंचाते हैं ये फूड्स, इन्हें भूलकर भी न खाएं..!

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पुरूषों की बनावट महिलाअों से कुछ अलग होती है। इसी तरह कुछ खानपान की बात करें तो कई ऐसे फूड होते है, जो महिलाअों की तुलना में पुरूषों को ज्यादा नुकसान पहुंचाते है। इनके सेवन से कई तरह की हार्मोनल प्रॉब्लम, कमजोरी या कई तरह की बीमारियांं हो सकती है। अाज हम अापको ऐसे ही फूड्स के बारे में बताएंगे, जिनके सेवन से पुरूषों को बचना चाहिए।
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1. कॉफी अौर कोल्ड ड्रिंक
एक रिसर्च के अनुसार, जो पुरूष ज्यादा मात्रा में कॉफी अौर कोल्ड ड्रिंक का सेवन करते है। उनकी स्पर्म सख्या कम हो सकती है।
2. रिफाइंड शुगर 
रिफाइंड शुगर में एम्पटी कैलोरीज होती है जो पुरूषों को फायदा पहुंचाने के बजाएं चर्बी अौर मोटापा देती है।
3. टी ट्री और लेवेंडर अॉयल 
इनका सेवन ज्यादा करने से पुरूषों की ब्रैस्ट महिलाअों के समान हो सकती है। इसलिए जरूरी है कि इनका सेवन कम से कम करें।
4. पुदीना 
पुदीने में मेंथोन की मात्रा होती है जो पुरूषों की सेक्सुअल पावर पर प्रभाव डालती है।
5. अल्कोहल
ज्यादा मात्रा में अल्कोहल का सेवन करने से मेल रिप्रोडक्शन सिस्टम प्रभावित होता है।

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Body Care

डायबिटीज के पक्के ईलाज ! ईलाज नंबर 4 और 7 की तो सौ फीसदी गारंटी है

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आजकल शुगर ने महामारी का रूप धारण कर लिया है. जिससे पूरी दुनिया परेशान है पर हम आयुर्वेद में कुछ तरीकों और उपायों द्वारा इसपर काबू पा सकते हैं डायबिटीज खून में शक्कर की मात्रा अधिक होने के कारण होता है.

आइए हम आपको बताते हैं डायबिटीज के ईलाज के बारे में जिससे आप फिर कभी शुगर से परेशान नहीं होंगे.

 

1. जीवनशैली में बदलाव, शिक्षा खान—पान की आदतों में सुधार करके शुगर को नियंत्रित किया जा सकता है. इससे मरीज की थकान और सिरदर्द समस्या हमेशा के लिए दूर हो जाती है.

2. प्रतिदिन सुबह योगा व व्यायाम करके भी शुगर को कंट्रोल किया जा सकता है. इससे न केवल आपके चेहरे का नूर दमकेगा, बल्कि आपके स्वास्थ्य में भी सुधार होगा.

3. अगर शुगर कंट्रोल में नहीं आ रहा है तो केवल गेहूं की रोटी नहीं खानी चाहिए. इसके बजाय तीन किलो जौ, आधा किलो गेहूं और आधा किलो चने को मिला कर आटा पिसवा लेना चाहिए और फिर इसकी रोटी खानी चाहिए.

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4. आक के पेड़ का पता उल्टी तरफ से लेकर पैर पर बांधे रखें. रात को सिर्फ सोते वक़्त इसको हटायें. एक सप्ताह तक यह प्रयोग करें, आपकी शुगर जड़ से खत्म हो जाएगी.

5. हरी सब्जी, दाल, दही का सेवन अधिक करना चाहिए. करेले की सब्जी या कच्चा करेला और जामुन खाना चाहिए. कई बार तो जामुन के पत्तों का जूस भी शुगर में लाभकारी होता है.


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